हिमाचल सरकार ने आरक्षण नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट की।
SC, ST, OBC या क्षैतिज आरक्षण का अभ्यर्थी
बिना किसी छूट के सामान्य मेरिट में चयनित होता है तो
उसे अनारक्षित पद पर नियुक्त किया जाएगा।
इससे आरक्षित कोटे में कोई कटौती नहीं होगी।
छूट वाले अभ्यर्थी आरक्षित पद पर ही गिने जाएंगे।
देहरादून में अपराध और अपहरण की बढ़ती घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। गोलीबारी और रोड रेज के मामले भी अक्सर सामने आते हैं.. आखिर शहर में कानून का खौफ और सुरक्षा का भरोसा कब मजबूत होगा..?
ये वीडियो देहरादून में कल हुई घटना का बताया जा रहा है, खबर है कि सहस्रधारा रोड पर एक महिला के अपहरण का प्रयास किया गया, हालांकि महिला ने शोर मचा दिया और अपहरण करने वाले भाग गए, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
VC : पहाड़ पोस्ट इंस्ट्राग्राम
विज्ञापन सिर्फ उम्मीद बेचते हैं.
अनंत और राधिका अंबानी को देखकर सवाल उठता है. वजन घटाने, बाल झड़ने, मुंहासे, झाइयां मिटाने के दावे कितने सच हैं?
दवाएं-क्रीम कुछ हद तक असर कर सकती हैं, हर समस्या का समाधान नहीं।
पैसा हर मर्ज का इलाज होता, तो अमीरों को भी ये दिक्कतें क्यों होतीं?
ज़रूरत से ज़्यादा शोर आस्था नहीं, दूसरों के लिए परेशानी बन जाता है।
धार्मिक यात्राएँ लोगों की शांति छीनें, तो सवाल उठना लाज़िमी है।
धर्म कोई भी हो, इंसानियत से बड़ा नहीं हो सकता।
इंसानियत मर जाए, तो आस्था का शोर भी खोखला है...
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान बज रहे तेज डीजे के शोर के बीच डिवाइन पब्लिक स्कूल की एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उपचार के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पीड़िता के परिवार में कोहराम मचा है और पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
तेज आवाज बनी वजह? परिजनों का दावा
परिजनों का आरोप है कि विसर्जन जुलूस में अत्यधिक तेज आवाज में बज रहे डीजे के भारी साउंड और थरथराहट के कारण छात्रा असहज महसूस करने लगी और देखते ही देखते उसकी स्थिति बिगड़ गई। हालांकि, छात्रा की मृत्यु का सटीक कारण क्या था, यह आधिकारिक चिकित्सकीय और पुलिस जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा।
प्रशासनिक व्यवस्था और डीजे के शोर पर उठे सवाल
इस दुखद घटना के बाद सार्वजनिक आयोजनों में बजने वाले डीजे और ध्वनि प्रदूषण के नियमों के क्रियान्वयन पर कड़े सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक या सामाजिक आयोजनों में शासन द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन अनिवार्य रूप से होना चाहिए। तेज आवाज से बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोगियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, जिसकी अनदेखी अक्सर भारी पड़ती है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन जल्द से जल्द मौत की वास्तविक वजह सामने लाए और यदि ध्वनि मानकों का उल्लंघन हुआ है या किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
#BalrampurNews #GaneshVisarjan #TragicIncidence #DJNoisePollution #UPNews #BreakingNews #JusticeForStudent #BalrampurPolice #NoisePollutionRules #SadNews
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान बज रहे तेज डीजे के शोर के बीच डिवाइन पब्लिक स्कूल की एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उपचार के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पीड़िता के परिवार में कोहराम मचा है और पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
तेज आवाज बनी वजह? परिजनों का दावा
परिजनों का आरोप है कि विसर्जन जुलूस में अत्यधिक तेज आवाज में बज रहे डीजे के भारी साउंड और थरथराहट के कारण छात्रा असहज महसूस करने लगी और देखते ही देखते उसकी स्थिति बिगड़ गई। हालांकि, छात्रा की मृत्यु का सटीक कारण क्या था, यह आधिकारिक चिकित्सकीय और पुलिस जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा।
प्रशासनिक व्यवस्था और डीजे के शोर पर उठे सवाल
इस दुखद घटना के बाद सार्वजनिक आयोजनों में बजने वाले डीजे और ध्वनि प्रदूषण के नियमों के क्रियान्वयन पर कड़े सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक या सामाजिक आयोजनों में शासन द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन अनिवार्य रूप से होना चाहिए। तेज आवाज से बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोगियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, जिसकी अनदेखी अक्सर भारी पड़ती है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन जल्द से जल्द मौत की वास्तविक वजह सामने लाए और यदि ध्वनि मानकों का उल्लंघन हुआ है या किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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NCIB भ्रष्टाचार सूची..
NCIB की सूची में पुलिस 72% के साथ सबसे ऊपर, GST 71% के साथ दूसरे स्थान पर।
पंचायत और श्रम/PF विभाग 69-69% के साथ संयुक्त रूप से अगले स्थान पर।
सब-रजिस्ट्रार 68%, RTO 59% और नगर पालिका/नगर निगम 57%।
आयकर 47%, बिजली 41% और कस्टम्स 38% के साथ शीर्ष 10 में।
भाजपा प्रदेश प्रभारियों की नई सूची जारी...
उत्तराखंड: राम माधव; सह प्रभारी बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन
हिमाचल: श्रीकांत शर्मा
हरियाणा: स्मृति ईरानी
पंजाब: सतीश पूनिया
देखें पूरी सूची 👇
उत्तराखंड में भाजपा-कांग्रेस घमासान...
पूर्व CM हरीश रावत ने FB पर लिखा—“मंगलौर में बदलाव तय!” इसे विधायक काजी निजामुद्दीन की हार का संकेत माना जा रहा है। वहीं देहरादून में कैबिनेट मंत्री के आवास के बाहर योजनाओं में अनियमितता और अनदेखी के आरोपों पर भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन।
MMR + IMR
उत्तरकाशी में इस साल अब तक गर्भवती महिलाओं सहित 18 नवजातों की मौत दर्ज हुई। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं, स्त्री रोग विशेषज्ञ के 3 पदों में 2 खाली हैं।
सवाल यह है—बच्चे डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाए या डॉक्टर बच्चों तक?
यह सिर्फ उत्तरकाशी है… बाकी पहाड़ का क्या?
जरूरत से ज़्यादा सेंटी हो गए पूर्व सीएम हरीश रावत
माँ की तस्वीर हाथ में लेकर और देवी माँ की तस्वीर सामने रखकर क़सम खाई कि उन्होंने किसी को नौकरी देने की एवंज में एक कप चाय तक नहीं पी है।
लेकिन सवाल ये है कि आखिर वो कौन है जिनके आरोप से विचलित होकर उनका भरोसा जीतने के लिए हरदा अपनी स्वर्गवासी माँ की कसमें खा रहे है ?
स्मरण रहे हरदा, ये दुनिया बड़ी जालिम है, जितनी सफ़ाई दोगे उतना ही तड़फायेगी तुम्हें !!! और ज़्यादा कसमें खाने वाले को लोग संदिग्ध मान लेते है।
@harishrawatcmuk
गोरे और सुंदर बच्चे की चाहत में नेपाल सीमा से नेपाली युवतियों की कथित तस्करी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दलाल निःसंतान दंपत्तियों से बच्चे के लिए करोड़ों रुपये लेते हैं, जबकि युवतियों को 20–25 लाख रुपये मिलते हैं। गर्भधारण से प्रसव तक उन्हें भारत में रखा जाता है।
आस्था और श्रद्धा की
अनमोल सांस्कृतिक धरोहर..
महासू महाराज जागरा हनोल
(उत्तराखंड) 18-09-2023
और
रात भियाणी (मेले का अंतिम नृत्य गीत)
बटाड़, जुब्बल (हिमाचल) 20- 09- 2023🙏🙏
@NargisBano70 स्वीडन के खिलाफ फतवा जारी कीजिए और तन से जुदा के नारे लगाइए.. नहीं माने तो पत्थर फेंकिए.. आलमी बिरादरी को एकजुट कीजिए.. काफिरों से गुहार लगाना हराम है..!