DTC की अपनी सरकारी बसे लाओ अपने पक्के ड्राइवर से बसे चलवाओ DTC में कभी ड्राइवर का प्रमोशन था ही नहीं। फिर क्यों नियम बदल कर ड्राइवर को ati ti बनाया गया DTC कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को पक्का करो पूरा स्टाफ DTC अपना रखो
@dtc_union@dtchq_delhi@BJP4Delhi@CMODelhi@gupta_rekha@aajtak
यह महाराष्ट्र के नांदेड़ के किसान आत्माराम टेकाळे हैं.. सूखे से परेशान होकर इन्होंने यह वीडियो बनाया है और इसमें कह रहे हैं कि इनके 1.5 एकड़ की खेती में लगे सोयाबीन की फसल से अगर सरकार एक किलो सोयाबीन भी निकालकर दिखा दे, तो वो अधिकारियों को एक क्विंटल काजू बादाम देंगे.. इन्होंने काजू बादाम का जिक्र इसलिए किया क्योंकि महाराष्ट्र के नेता सूखे पर हो रहे बैठक में काजू बादाम खा रहे हैं, लेकिन किसानों को अबतक कोई राहत नहीं मिली है.. अब किसान खुद अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं.. इन्हें ना ही सरकार पर भरोसा है, ना ही उनकी नीतियों पर, ना ही मीडिया पर.. महाराष्ट्र का सबसे बड़ा मुद्दा सूखा है, भले ही आपको दिशा सालियान से लेकर हिंदू मुस्लिम वाला मुद्दा क्यों ना दिखाया जाए! महाराष्ट्र के किसान परेशान हैं
चूँकि सबका वोट एक ही है इसलिए चुनाव आयोग ने आम और ख़ास में कोई फ़र्क़ नहीं किया है।SIR का नोटिस पाए कुछ लोग निम्नलिखित हैं।शुरुआत घर से
एस एस संधू - चुनाव आयुक्त
जयशंकर - विदेश मंत्री
प्रवीण सूद - CBI डायरेक्टर
आडवाणी - पूर्व डिप्टी पीएम
जगदीप धनकर - पूर्व उपराष्ट्रपति
विक्रम मिसरी - विदेश सचिव
सबको नोटिस भेजा है लेकिन ED डायरेक्टर को भेजने की हिम्मत ये भी नहीं जुटा पाए 😀
ट्रैफिक नियमों में ताजा बदलाव के विरोध में दिल्ली की जिला अदालतों में आज वकीलों की हड़ताल। सबसे ज्यादा विरोध ट्रैफिक चालानों के निपटारे से संबंधित नियमों के खिलाफ है, जिसमें चालान निपटारे की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है।
जनता सड़क पर बसों का इंतज़ार करती रही, बीजेपी सरकार बेफिक्री से सोती रही… कभी-कभी ऐसा लगता है दिल्ली में कोई सरकार है ही नहीं।
एक सरकार इतनी बहरी कैसे हो सकती है?
पिछले 4 दिनों से DTC बसों की हड़ताल चल रही है जिसके चलते मेट्रो स्टेशनों पर भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है।
जनता बहुत त्रस्त है, लेकिन बीजेपी सरकार पूरी तरह सोई हुई है। हम सरकार से कहना चाहते हैं कि ये उनकी जिम्मेदारी है कि वो DTC कर्मचारियों की सभी जायज़ मांगों को तुरंत माने और इस समस्या का जल्दी से जल्दी समाधान करे।
@Saurabh_MLAgk ji
"DRDO के साथी बताते हैं कि हम जो भी टेक्नोलॉजी डेवलप करते हैं, बाहर वाले आकर उसे तहस-नहस करवा देते हैं। हमारी लीडरशिप इतनी भ्रष्ट और बिकाऊ है कि वह सिर्फ अपने बारे में सोचती है। टेक्नोलॉजी विकसित करनी है तो उच्च शिक्षा चाहिए जिसे ये नष्ट कर रहे हैं। ये सवाल उठाने की इजाजत नहीं देते और सवाल उठाने बिना नये आविष्कार नहीं होते। हमारे लिए सबसे जरूरी है शिक्षा जिसे ये बर्बाद कर रहे हैं।"
~ प्रो. अरुण कुमार, अर्थशास्त्री
I request all the IPS officers to watch this video. Police Uniform is not above the law . Request @IPS_Association to circulate the video amongst it's members .
In court, the judge told the DSP:
“You only understand power. Now we’ll send you straight to jail from here.”
This wasn’t just a remark , it was a powerful message: power and uniform are accountable before the law.
The real strength of the law isn’t in chairs, uniforms, or positions. It’s in justice.
Wrongdoers must face action , whether common citizens, officers, or the most influential people.
We need honest, fearless judges who decide without pressure, only according to the law.
When the law is equal for everyone, the common man’s trust in the justice system grows stronger.
The greatest weapon of those on the seat of justice is impartiality and the law.