जबसे आम आदमी पार्टी का जन्म हुआ है… इस पार्टी की कार्यशैली को तभी से वॉच किया है करीब से… बल्कि उससे भी 2 वर्ष पहले अन्ना आंदोलन में केजरीवाल द्वारा धरने आंदोलन को मैनेज किया जा रहा था तभी केजरीवाल की ट्रिक पकड़ ली थी। दिवंगत शीला दीक्षित जी के लोगों तक बात पहुंचाई भी थी पर कांग्रेस का रवैया ढिलमुल सा रहा, क्योंकि कपिल सिब्बल खुद लेफ्ट ब्रिगेड को समर्थन करते थे। केजरीवाल के कहने पर ही कपिल सिब्बल ने रामदेव के धरना स्थल पर लठ चलाये थे।
अच्छा दिल्ली में जो प्रोटेस्ट AAP द्वारा प्रायोजित होते हैं, उसकी एक तगड़ी पहचान है… प्रोटेस्ट का दिन वीकेंड या रविवार का तय किया जाता है। प्रोटेस्ट का केंद्र ये कनॉट प्लेस (CP) को रखेंगे… CP दिल्ली का टूरिस्ट प्लेस है… क्योंकि यहां पर्यटकों की भीड़ में इसके कार्यकर्ता आसानी से छिपे होते हैं, ताकि पुलिस को पता ही नहीं चले कि प्रोटेस्ट वाले हैं या घूमने फिरने आई आम जनता है। यहां खाने पीने की सुविधा, AC रेस्टोरेंट, बर्गर खाना, धरने के बीच बीच में AC कॉफी हाउस में आराम फरमाना, सुट्टा मारना, कनॉट प्लेस के हुक्का बारों में कॉलेज से आई लेफ्टिस्ट लड़कियों का फ्लेवर्ड हुक्का पीना… सब आसानी से हो जाता है। क्योंकि यह सबसे आसान धरना होता है, जोकि पिकनिक ज्यादा होती है… इसी लिए अपने कार्यकर्ताओं/स्टूडेंट्स को आसानी से धरने में आने के लिए मना पाते हैं AAP वाले और JNU वाले। फिर इसी स्थान पर मीडिया बाईट दिलवाकर सोशल मीडिया में पोस्ट कर दी जाती है के देखो लोग प्रोटेस्ट में आए और क्या बोल रहे हैं।
आम आदमी पार्टी की जो छोटी छोटी इकाइयां होती हैं राजस्थान, गोवा, हरियाणा, गुजरात में वहां से लोग बुलाये जाते हैं। इक्का दुक्का लोग यूपी स्पेशली उत्तराखंड से भी आते हैं। जो प्रोटेस्टर दिल्ली के गुरुद्वारों में रात गुजारते हुए मिलेंगे वह AAP के पंजाब से आये हुए वर्कर होते हैं।
दिल्ली में जो धरना स्थल तय किया जाता है… उसमें रविवार वाले दिन हाजरी लगाने के लिए AAP अपने दिल्ली वाले पार्षदों को मैसेज अवश्य लगाएगी। दिल्ली में कोई भी लेफ्ट आइडियोलॉजी से प्रेरित प्रोटेस्ट हो और उसमें दिल्ली का AAP पार्षद ना पहुंचे… ऐसा हो ही नहीं सकता।
इस प्रकार कष्टदायक धरना प्रदर्शन नहीं बल्कि आरामदायक पिकनिक बन जाता है यहां प्रोटेस्ट… यह इसलिए हो पाता है क्योंकि धरना स्थल जंतर मंतर और यह पर्यटक स्थल कनॉट प्लेस पास-पास में ही बने हैं। ऊपर से विदेशी मीडिया का कुख्यात अड्डा ‘खान मार्केट’ भी यहां से कोई ज्यादा दूर नहीं है। दूसरा पर्यटन स्थल इंडिया गेट की समीप है और यहां से संसद भवन, राष्ट्रपति भवन की तरफ उग्र भीड़ लेके जानी भी आसानी हो जाती है।
केवल धरना स्थल ही जंतर-मंतर से उठाके दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थानांतरित (शिफ्ट) कर दिया जाए तो यह आंदोलन टूरिज्म (प्रोटेस्ट पर्यटन) एक झटके में बंद हो जाएगा। विशेषकर लेफ्टिस्ट, JNU, AAP वाले प्रोफेशनल आंदोलनजीवियों के प्रोटेस्ट। वैसे यह पूरा लुटियन ज़ोन जिसमें कनॉट प्लेस, इंडिया गेट, जंतर मंतर दिल्ली का एकमात्र पर्यटन स्थल है… पर्यटन स्थल पर धरना स्थल होना ही अपने आप में गलत है। दिल्ली वासियों को यह पुरजोर मांग करनी चाहिए कि धरना स्थल बाहरी दिल्ली विशेषकर साउथ दिल्ली की तरफ होना चाहिए ताकि दिल्ली का पर्यटन और कारोबार बाधित ना हो। लुटियन ज़ोन के भीतर धरना स्थल होने के कारण ही दिल्ली की मेट्रो सेवा बाधित हो जाती है।
• कृपया सभी लोग इस पोस्ट को कॉपी करके अपने वॉल पर पोस्ट करें, सभी से निवेदन है इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें… ताकि दिल्ली मुख्यमंत्री और देश गृहमंत्री तक यह मांग पहुंचे और धरना स्थल को जंतर-मंतर से शिफ्ट करके दिल्ली के किसी अन्य स्थान में निर्धारित किया जाए।
Cp
✍️ Dev
@amazon "I purchased a wall clock and at the time of purchase 1-year warranty was mentioned clock stopped working raising multiple complaints, no action has been taken. Now, they are claiming that the clock had no warranty, and they have also deleted my entire complaint history."
@amazonIN purchased wall decor clock and at the time of purchase, a 1year warranty was mentioned clock no working raising multiple complaints, no action has been taken. Now, they are claiming that the clock had no warranty, and they have also deleted my entire complaint history."
@cromaretail
फेबर किचन चिमनी ऑर्डर किए हुए 10 दिन हो गए है
आपकी तरफ़ से कोई अपडेट नहीं है
पहले ये 12 तारीख को डिलीवर होनी थी फिर 15 की डेट दी
और अब आपका ना ही एग्जीक्यूटिव और ना ही उनका सीनियर फ़ोन उठा रहे है
या तो आप आज मेरा ऑर्डर डिलीवर करा दीजिए या रिफंड कीजिए
ये दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी हैं और जो भी इनके प्रति नरम रुख रखता था...ये देख लो। अब ये भगवान श्री कृष्ण के पीछे पड़ गई हैं।
ये दोनों बहनें धर्मांतरित हैं एक बोरी चावल में बिक चुकी है और अब ये हिंदू देवताओं पर अपनी नफ़रत इस तरह उतार रही हैं।
ये है केरल के मुनीब रहमान। मुनीब रहमान एक गरीब मासूम आदमी हैं। जाने कैसे इस मासूम के फ़ोन से कोच्चि नवल हेडक्वार्टर में कॉल लग गया। और फिर मासूम ने पता नहीं कैसे पीएमओ ऑफिसर बनके INS विक्रांत का लोकेशन माँग लिया।
जिसके बाद मासूम पर अत्याचार हो गया और इसे केरल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल इस मासूम के दिमागी रूप से असंतुलित होने की स्क्रिप्ट पर काम की जा रही है।
जैसे ही स्क्रिप्ट तैयार होगी। साउथ के नेहा सिंह , ध्रुव राठी , साक्षी जोशी , विनोद कापड़ी , RJ साइमा टाइप वैज्ञानिक इस मासूम की रक्षा कर लेंगे।