#अमेठी के शशांक सिंह बने ग्राम पंचायत अधिकारी
रतापुर निवासी अधिवक्ता शशांक सिंह का ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। परिवार में जनसेवा की विरासत रही है—उनकी दादी कई वर्षों तक ग्राम प्रधान रह चुकी हैं।
#AMETHI
#अमेठी के शशांक सिंह बने ग्राम पंचायत अधिकारी
रतापुर निवासी अधिवक्ता शशांक सिंह का ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयन हुआ है। परिवार में जनसेवा की विरासत रही है—उनकी दादी कई वर्षों तक ग्राम प्रधान रह चुकी हैं।
#AMETHI
बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस झूठा और मनगढ़ंत, दिल्ली कोर्ट ने कहा
दिल्ली की एक अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी करते हुए उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया. कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष बृजभूषण शरण सिंह और तोमर के खिलाफ आरोपों को बिना किसी संदेह के साबित करने में विफल रहा.
पूरी ख़बर- https://t.co/YkoB7cdH09
#BrijBhushanSharanSingh #WrestlersProtest #SexualHarassmentCase
@Siddhantmt जो कैमरे के पीछे या सोशल मीडिया की सुर्खियों में खुद को हीरो साबित करने की होड़ में लगे हैं, वे भूल जाते हैं उनका काम आईना दिखाना है, खुद उस आईने में सज-धजकर पोज देना नहीं। आत्ममोह के चक्कर में जो गलतियां हो रही हैं,सिर्फ उनके पेशेवर पतन का रास्ता खोलती हैं,जनता के भरोसे का नहीं
"मेरे जैसा व्यक्ति, जो एक यूनिवर्सिटी का फाउंडर है, एक ऐसा मेडिकल कॉलेज बनाया है... आप देखेंगे तो राष्ट्रपति भवन शायद अच्छा न लगे। जहाँ बच्चे पढ़ेंगे... जहाँ प्रधानमंत्री जी बैठे हैं, उस जैसा हो। तकरीबन 500 एकड़ ज़मीन पर एशिया का लगभग सबसे खूबसूरत विश्वविद्यालय है। और यह मैंने इस तरह बनाया है मान्यवर... हाथ और दामन फैलाकर।
मेरे बच्चों के चार CBSE बोर्ड के स्कूल चलते हैं। ₹300-₹350 की फीस लेता हूँ। जिनके माँ-बाप नहीं हैं, उन्हें मुफ्त पढ़ाता हूँ, उन्हें ड्रेस मुफ्त देता हूँ, उन्हें किताबें मुफ्त देता हूँ। सड़क पर पत्थर तोड़ने वाला, रिक्शा चलाने वाला, मजदूरी करने वाले का बच्चा और बच्ची पढ़ता है तो मात्र ₹20 दिए जाते हैं।
लेकिन मेरे जैसे व्यक्ति के साथ जो बर्ताव हुआ, उसने आज़ादी की सांसों को बहुत कम कर दिया है। और मैं यह कहना चाहता हूँ... सदन के उन तमाम साथियों से और उत्तर प्रदेश के जो जीतकर आए हैं, वो मुझसे व्यक्तिगत तौर पर वाकिफ हैं। और मैं इस सदन में कहना चाहता हूँ कि मेरे पूरे राजनीतिक जीवन में... अगर सूई की नोक के बराबर भी कहीं बेईमानी, रिश्वत और कोई भ्रष्टाचार या व्यक्तिगत रूप से किसी के साथ कोई ज़्यादती की गई हो... सरकारी कलम के साथ हो... तो मैं अभी इसी सदन को छोड़ने के लिए एलान करूँगा।"
#AzamKhan #MohammadAliJauharUniversity #UttarPradesh #Rampur
पहले : संजीव श्रीवास्तव बीबीसी वाले
अब : संजीव श्रीवास्तव मटर कचौरी वाले
जी हां, एक दशक से भी ज्यादा समय तक बीबीसी के इंडिया हेड रहे जाने-माने पत्रकार संजीव श्रीवास्तव साहब अब कचौरी की दुकान के मालिक हैं। तरह-तरह की कचौरी, गाजर का हलवा, फीणी आदि बेच रहे हैं। पूरे गर्व के साथ। वही संजीव श्रीवास्तसव, जो बीबीसी के पहले गैर अंग्रेज इंडिया हेड बने। बीबीसी के तत्कालीन इंडिया हेड मार्क टली साहब, जो कुछ दिन पहले ही दिवंगत हुए हैं, ने 1994 में उनका चयन बीबीसी के इंडिया हेड के तौर पर किया था। अगला पूरा दशक संजीव सर ने बीबीसी को दिया। पता नहीं कितने राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों के इंटरव्यू किए होंगे और कितनी बड़ी-बड़ी घटनाओं को कवर किया होगा। उसके बाद कश्मीर और पूर्वोत्तर के डॉक्यूमेंट्रीज बनाने में व्यस्त रहे। कचौरी बनाने, बेचने की हसरत पता नहीं कबसे पाले हुए थे, जो अब पूरी कर रहे हैं।
दिल्ली में पत्रकारिता के ग्लैमर की दुनिया में रहने वाले इतने बड़े नाम के लिए यह इतना आसान काम था क्या? हो सकता है क्या? शायद नहीं। लेकिन उन्होंने बड़ी हिम्मत की है। कमाल किया है। मुझे 15 जनवरी के पासपास अभिमन्यु सिंह राजवी की पोस्ट से इस बारे में जानकारी मिली। पत्रकारिता छोड़कर अब ज्योतिष में हाथ आजमा रहे मेरे मित्र उपेंद्र शर्मा से मैंने इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा, यार आप जयपुर में हों तो उनसे जरूर मिलकर आओ। फिर तो संजीव सर से मिलने की इच्छा बलवती हो गई। मेरा मन हुआ कि मैं भी उनकी दुकान की कचौरी खाऊं और उनके साथ एक वीडियो बनाऊं। सो, मैं 20 जनवरी को पहुंच ही गया बापू नगर में मंगल मार्ग पर Throwback Desi पर। हां, यह नाम रखा है संजीव सर ने अपनी दुकान का। दुकान अभी शुरूआती चरण में थी। इतने बड़े पत्रकार से मुझे जैसी बातचीत करनी आई, मैंने कर ली। मेरी जगह कोई अच्छा पत्रकार होता तो बहुत लंबी और बहुत अच्छी बातचीत भी हो सकती थी लेकिन जैसी मैं कर पाया, वैसी ही बिना किसी एडिटिंग के प्रस्तुत है आप सबके लिए।
पत्रकारिता एक एक पेशे से ज्यादा एक कीड़ा होता है। इसमें एक बार घुसने वाले लोग सुरक्षित तरीके से इसमें से निकल नहीं पाते। एक समय के बाद कंप्रोमाइज भी करते रहते हैं और घिसटते रहते हैं किसी भी तरह से। क्योंकि रहना इसी में होता है। मजा इसी में आता है। कई बार लोग प्रासंगिक नहीं रहते, तब भी इसी में बने रहने की कोशिश करते हैं। अखबार-चैनल से निकल जाएं तो यूट्यूब चैनल बनाते हैं। जैसा कि संजीव सर ने ही बताया कि आज वक्त ऐसा है कि यूट्यूब की दुनिया में आपको या तो प्रो मोदी, प्रो बीजेपी होकर चलना पड़ता है या फिर एंटी मोदी, एंटी बीजेपी होकर चलना पड़ता है। मध्यम मार्ग पर सफलतापूर्वक चलने की गुंजाइश बहुत कम होती है। ऐसे में कचौरी की दुकान कहीं ज्यादा श्रेयस्कर है। पहले लोग फोन में मेरा नाम संजीव श्रीवास्तव बीबीसी के नाम से सेव करते थे। अब कुछ लोग संजीव श्रीवास्तव मटर कचौरी के नाम से सेव करने लगे हैं। मैं दोनों ही स्थितियों में सहज और खुश हूं।
(वीडियो 20 जनवरी को रिकॉर्ड किया था। फिर कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण इस पर लिखना नहीं हो पाया। जयपुर में अगर आप हैं या जयपुर जा रहे हैं तो संजीव सर की कचौरी जरूर खाकर आएं। उनसे बातचीत भी कर सकते हैं। जो बातें मैं नहीं कर पाया, जो सवाल मैं पूछने से चूक गया, वे आप पूछ सकते हैं। वे एकदम सहज, सरल तरीके से आपके सवालों का जवाब देंगे।)
@JournoSanjeev@omthanvi@saurabhtop@1stIndiaNews@BBCHindi@8PMnoCM@akhileshsharma1@BhajanlalBjp@Rajendra4BJP@DrSatishPoonia@KumariDiya@DrKirodilalBJP@ashokgehlot51@GovindDotasra@TikaRamJullyINC
19 साल के अथर्व चतुर्वेदी ने कमाल कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में CJI के सामने खुद की पैरवी कर मुक़दमा जीत लिया वो बड़े वकीलों के सामने…CJI भी बोल दिए डॉक्टर नहीं वकील बन जाओ।
अन्याय के खिलाफ टिके रहने का नाम है अथर्व
#WATCH | लखनऊ: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "...एप्सटीन पर हम चर्चा नहीं करना चाहते। सोशल मीडिया बड़ा खराब है। एप्सटीन फाइल्स कब की बनी रही होंगी, कितने दिनों बाद आई। दुनिया के कई देश ऐसे हैं जिन्होंने अपना सोशल मीडिया बनाया है... इसलिए बदलती हुई दुनिया में जरूरी है कि हम सावधान रहें और फिर एप्सटीन फाइल्स तो एक विषय है। आपने अपना पूरा बाज़ार अमेरिका को दे दिया... 500 बिलियन डॉलर का हम उन्हें बाज़ार देंगे और कुछ दिन पहले हमने राफेल खरीदे हैं... तो मेक इन इंडिया का क्या होगा? स्किल इंडिया का क्या होगा?..."
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले 28 जिले को मिलाकर बनेगा पूर्वांचल राज्य – Dr. Sanjay Sinh
अमेठी जिले के ददन सदन में बुधवार को आयोजित खिचड़ी भोज एवं स्नेह मिलन कार्यक्रम के दौरान पूर्वांचल राज्य गठन की मांग एक बार फिर जोर-शोर से उठी। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह और पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री डॉ. अमीता सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूर्वांचल के समग्र विकास के लिए अलग राज्य का गठन अब समय की आवश्यकता बन चुका है। इस अवसर पर क्षेत्र के हजारों नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है, जहां एक ही प्रशासनिक ढांचे के तहत प्रभावी सुशासन संभव नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के पांचवें सबसे बड़े देश से भी अधिक आबादी वाले इस राज्य में प्रशासनिक बोझ बढ़ने से विकास असमान हो गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि बड़े राज्यों में न लोकतंत्र पूरी तरह प्रभावी रहता है और न ही जनता तक शासन की योजनाएं समान रूप से पहुंच पाती हैं।
डॉ. संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के आठ मंडलों के 28 जिलों को मिलाकर पृथक पूर्वांचल राज्य के गठन की मांग करते हुए कहा कि यह राज्य लगभग 7 करोड़ 98 लाख की आबादी वाला होगा और देश का 14वां सबसे बड़ा राज्य बनेगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित पूर्वांचल राज्य में वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, अयोध्या, अकबरपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संत कबीर नगर जैसे जिले शामिल होंगे।
उन्होंने घोषणा की कि “पूर्वांचल राज्य संयुक्त संकल्प मंच” के माध्यम से राज्य गठन की मांग को एक संगठित आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। डॉ. सिंह ने पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे सभी सामाजिक, राजनीतिक संगठनों और आंदोलकारियों से एक मंच पर आने का आह्वान किया, ताकि इस मुद्दे को मजबूती के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके।
पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री डॉ. अमीता सिंह Dr. Ameeta Sinh ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्वांचल की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान अलग है, बावजूद इसके यह क्षेत्र लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, उपजाऊ भूमि और मेहनती मानव संसाधन से भरपूर होने के बावजूद पूर्वांचल सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ता चला गया। उन्होंने इस स्थिति के लिए गलत नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक ढांचे के अभाव को जिम्मेदार ठहराया।
डॉ. अमीता सिंह ने कहा कि कृषि सुधार और औद्योगिक विकास के अभाव में पूर्वांचल से बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है। नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन के लिए ठोस नीति न होने से क्षेत्र को हर वर्ष बाढ़ और सूखे दोनों की समस्याओं से जूझना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वांचल में उच्च शिक्षा, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे की भारी कमी है, जिसे अलग राज्य बनने पर ही दूर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल देश का बड़ा विद्युत उत्पादन केंद्र है और मिर्जापुर व सोनभद्र जैसे जिले खनिज संपदा से समृद्ध हैं। अयोध्या, काशी और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु जैसे बौद्ध पर्यटन स्थलों के कारण पूर्वांचल पर्यटन के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं रखता है, जो देश के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा अर्जित कर सकता है।
अपने संबोधन के अंत में डॉ. अमीता सिंह ने कहा कि मुंबई, सूरत, लुधियाना, सिंगापुर, दुबई, मॉरीशस और सिलिकॉन वैली जैसे स्थानों पर पूर्वांचल के लोग अपनी मेहनत और प्रतिभा से पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमें पूर्वांचल राज्य दे दीजिए, हम भारत को जापान बनाने की शक्ति, सामर्थ्य और संकल्प रखते हैं।” कार्यक्रम के माध्यम से पूर्वांचल राज्य की मांग को नई मजबूती मिली है और आने वाले समय में इसे जन आंदोलन का रूप देने के संकेत दिए गए। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष राम प्रसाद मिश्रा और एडवोकेट उमाशंकर पांडेय Umashankar Pandey , गौरीगंज विधानसभा के पूर्व विधायक दादा तेजभान सिंह, पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता चंद्र प्रकाश मिश्र "मटियारी" सहित तमाम नेता और जनपद तथा क्षेत्र की जनता मौजूद रही.
"एक बैठी हुई पार्टी का आदमी बोला, बैठ जाओ"
◆ एक कार्यक्रम में कवि कुमार विश्वास ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद वाले बयान को लेकर कहा
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राघव चड्ढा के पास विजन है, संसद के हालिया कई संबोधन ध्यान खींचने वाले रहे। एक कमी दूर कर लें। थोड़ा जमीन पर भी काम करें, जनता से भी खूब घुले-मिलें, सहज उपलब्ध रहें तो और देश को एक बेहतर युवा नेता मिलेगा