उत्तर प्रदेश पुलिस की 32679 सिपाही और समकक्ष पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को भी 03 वर्ष आयु सीमा में छूट देने का निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय है।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को इसके लिए धन्यवाद और आभार
माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 3 साल की आयुसीमा में छूट देने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद 💐💐💐
योगी सरकार, युवाओं के लिए तत्पर एवं तैयार।।
@myogiadityanath@sudheshpandey30
@myogiadityanath@Uppolice आपका आभार मुख्यमंत्री जी जो आपने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस निवेदन को ससमय स्वीकार किया ।
माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 3 साल की आयुसीमा में छूट देने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद 💐💐💐
योगी सरकार, युवाओं के लिए तत्पर एवं तैयार।।
@myogiadityanath@sudheshpandey30
माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 3 साल की आयुसीमा में छूट देने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद 💐💐💐
योगी सरकार, युवाओं के लिए तत्पर एवं तैयार।।
@myogiadityanath@sudheshpandey30
UP police भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को भी 03 वर्ष की आयु-सीमा में छूट देने का निर्णय अत्यंत सराहनीय एवं स्वागतयोग्य है।
यह निर्णय लाखों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला है।इस जनहितकारी और संवेदनशील निर्णय हेतु योगी @myogiadityanath जी को हार्दिक धन्यवाद एवं आभार
उत्तर प्रदेश पुलिस की 32679 सिपाही और समकक्ष पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को भी 03 वर्ष आयु सीमा में छूट देने का निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय है।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को इसके लिए धन्यवाद और आभार
उत्तर प्रदेश पुलिस की 32679 सिपाही और समकक्ष पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को भी 03 वर्ष आयु सीमा में छूट देने का निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय है।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को इसके लिए धन्यवाद और आभार
माननीय न्यायमूर्ति स्वयं कह रहे हैं कि पिछले दो–तीन दशकों से शिक्षकों की योग्यता पर कभी कोई प्रश्न नहीं उठा। लेकिन सरकारों ने संशोधन किया है, तो उसके अनुसार हमें निर्णय देना पड़ रहा है।
अब सोचिए — ऐसे चोरी–छिपे संशोधन करके क्या ये सरकारें विश्वगुरु बनेंगी?
#काला_कानून_वापस_लो
@myogioffice@myogiadityanath आपका ये स्कूल बंद करने का फैसला 2027 में आपकी गोरखपुर वापसी करा सकता है। लोकतंत्र में फैसले लोकहित देखकर लिये जाते हैं अधिकारियों की सलाह या तानाशाही तरीके से नहीं।