@SanjayAzadSln जिनका लाखो करोड़ माफ किया गया उनमें से
SC,ST और OBC समाज के कितने लोग थे या हैं या आगे उन समाज की कितनी हिस्सेदारी दी जायेगी ..?
क्या माफ की राशि में आम नागरिक से लिए गए
TAX का कोई अंश नही रहा होगा...?
बाकी तो है ही
" तिकड़म तिकड़म "
@oprajbhar जहिया बहुचर्चित चंदा चोरों के महलवा को
अपन आन बान और शान वाला बुलडोजर से जमीदोज़ कर दीजियेगा या करवा दीजिएगा
शायद वहीं दिन....?
बाकी तो है ही
सदियों से कायम था, है और शायद रहेगा ही
मनुवादी तिकड़म से पिछलग्गूओ को मोहरा बनाकर
" मनुवादी तिकड़म वाला राजशाहि जकड़न "
@KraantiKumar वंचितों के शासन की समाप्ति और वंचित को आवाज देने या उन्हे स्वाभिमान के साथ जीने के लिए जागृत करनेवाले क्षत्रपो की सत्ता में भागीदारी मिटाने के लिए किसी भी सीमा को लांघने वाले को वंचित समाज के द्वारा महिमा मंडित करने की आतुरता..?
यही तो...!
" मनुवादी तिकड़म वाला राजशाही जकड़न "
अगर यह विज्ञापन सही तो
कुल रिक्ति= 07
UR =05
आरक्षित वंचित समाज के लिए छोड़ा गया NFS सहित कुल= 02
वाकी तो है ही
सदियों से कायम था, है और शायद रहेगा ही
" मनुवादी तिकड़म वाला राजशाही हकमारी "
28/2026
लेवल 7से ऊपर वेतनमान के पदों में वंचितों की हकमारी के लिए किसी भीहद तक जाने की बेचैनी
अगर विज्ञापन सही है तो
लेवल 10 के कुल रिक्ति =17
UR +EWS=11
आरक्षित वंचित समाज के लिए NFS सहित छोड़ा गया कुल रिक्ति=00,
लेवल 7से नीचे के पदों में वंचितों की अधिक भागीदारी देकर सेवा लेने की..?
आरक्षण ?
किनके लिए नियमानुसार कितना प्रतिशत निर्धारित है ..?
और
यथार्थ में पे लेवल देखकर किनको कितना प्रतिशत दिया जा रहा है..?
अगर विज्ञापन सही है तो
लेवल -14 की कुल रिक्ति= 26
EWS के लिए नियमानुसार--10% =2.6
लेवल - 07से ऊपर का है
दिया गया - 06 = 23%
वाकी वही ..?
तकनीक 👃👃
अगर यह विज्ञापन सही है तो
लेवल 09 से ऊपर के कुल रिक्ति 06
वंचितों के लिए आरक्षित 00
वाकी तो
सदियों से कायम था, है और शायद रहेगा ही
"मनुवादी तिकड़म वाला राजशाही जकड़न"
25/2026
अगर यह विज्ञापन सही है
लेवल 09 से ऊपर की कुल रिक्ति 06
वंचितों के लिए छोड़ा गया 00
कुल हकमारी 100%
बाकी तो है ही
सदियों से कायम था, है और शायद रहेगा ही
मनुवादियों के तिकड़म वाला राजशाही जकड़न
24/2826
आरक्षण का भी गजब कहानी है.?
Laval -7 से ऊपर यानि अधिकारी संवर्ग में वंचितों की भयंकर हकमारी के लिए कोईभी तिकड़म.?
लेवल -6 से नीचे यानि अधिनस्थ, अनुसेवी के लिए वंचितों की अधिकाधिक भागीदारी कराने की तत्परता दिखाते हैं.?
अगर विज्ञापन सही तो
कुल- 09 रिक्ति UR+ EWS =9
वंचित- 00
@atsshow7 बात तो सही है
एक देश के दो मुख्य शासक पार्टी
कांग्रेस और भाजपा दोनों मनुवादी !
दो तीर चलाने वाले एक शिकारी,
मोहन, सम्राट दोनों को निपटाने की तैयारी!!
वाकी तो
सदियों से कायम था, है और शायद रहेगा ही
"उनके ही तिकड़म वाला राजशाहीजकड़न "
अगर यह विज्ञापन सही है तो :-
कुल रिक्ति = 154
UR = 78
EWS = 15
UR EWS = 93 = 60.38%
वंचितों के लिए छोड़ा गया NFS सहित
कुल = 61 = 39.61%
वंचितों की खुल्लमखुला शुद्ध हकमारी = 10.38
वाकी तो वही
सदियों से कायम था, है और शायद रहेगा ही
"मनुवादी तिकड़म वाला वंचितों की हकमारी "
@MediaHarshVT आप लोगों की चिन्ता समझ से बाहर.. ?
चित थी जिनकी, पट भी उन्ही की ,!
मनुवादी राजशाही,मुगल राजशाही थी जिनकी ब्रिटीश राजशाही भी उन्हीं की ,!
कांग्रेस और भाजपा भी उनकी जनसुराज भी
उन्ही की !!
यहां तो
सदियों से कायम था, है और शायद रहेगा ही
" मनुवादी तिकड़म से मनुवादी एकाधिकार "
अगर यह विज्ञापन सही तो .?
कुल रिक्ति - 154
UR -78 = 50.6%
EWS - 15 =9.7%
UR EWS -93 = 60.4%
वंचितों के लिए छोड़ा गया NFS सहित
कुल -61 =39.6%
वंचित समाज (SC +ST+OBC) की
खुलमखुला हकमारी-10.4%
वाकी
सदियों से कायम था, है और शायद रहेगा ही
"मनुवादी तिकड़म से वंचितों की हकमारी "
अगर विज्ञापन सही है तो ~
कुल रिक्ति -389 मे से
UR -183
UR को चाहिए40% दिया 47%
EWS- 39
EWS को 10% दे दिया
UR + EWS- 221= 47%
वंचितों के लिए छोड़ा गया NFS सहित
कुल-168 =43%चाहिए 195
हकमारी =07%
सदियों से कायम था, है और शायद रहेगा ही
"मनुवादी तिकड़म से वंचितों की हकमारी "