भारतीय ज्ञान-परंपरा के गहन अध्येता राधेश्याम शर्मा ने #गीता, दुर्गासप्तशत���, रामगीता, अष्टावक्रगीता सहित अनेक ग्रंथों का अंग्रेजी काव्यानुवाद किया। दस वर्षों तक प्रतिदिन प्रातः हनुमान मंदिर में बैठकर #रामचरितमानस का अंग्रेजी काव्यानुवाद करना उनकी अद्भुत रामभक्ति थी। @KumariDiya
व्याघ्राणां महती निद्रा सर्पाणां च महद्भयम्।
ब्राह्मणानाम् अनेकत्वं ���स्मात् जीवन्ति जन्तवः।।
शेरों को नींद बहुत आती है, सांपों को डर ��हुत लगता है और ब्राह्मणों में एकता नहीं है, इससे सभी जीव आनंद से जी रहे हैं। (ब्राह्मण अनेकत्व छोड़कर एक हो जाएं तो दूसरों का रहना कठिन हो जाए)
@yajnshri हस्ताक्षर के बारे में खास बात है कि आप अपना नाम कैसे लिखते है?
अंक ज्योतिष के अनुशार आप कैसे अपना नाम हस्ताक्षर मे केसे लिखते है यह बहुत महत्वपूर्ण है। हस्ताक्षर का लेखन से आप के बारे में विभिन्न जानकारी देता है। जो बात आपके हस्ताक्षर मे है क्या वह बात किसी और के लेखन या किसी
जन्म से लेकर मरण तक दौड़ता है आदमी,
दौड़ते ही दौड़ते दम तोड़ता है आदमी।
एक रोटी, दो लँगोटी, तीन गज़ कच्ची ज़मीं,
चार दिन में तीन चीज़ें जोड़ता है आदमी।
है यहाँ कित��ा भरोसा आदमी को मौत पर,
मौत के ही हाथ में सब छोड़ता है आदमी। 💐🙏