समुद्र और उठा, और उठा,और उठा
किसी के वास्ते ये चाँदनी बवाल हुई
...मेरी ज़ुबान से निकली तो सिर्फ़ नज़्म बनी
तुम्हारे हाथ में आई तो एक मशाल हुई
~दुष्यंत कुमार
..जिन की लिखी पंक्तियाँ सुनने,पढ़ने और दोहराते रहने का दौर कभी ख़त्म नहीं होगा 😊
@Rekhta@MirchiSayema@AalokTweet
”अपने Passion को Patience से Handle कीजिए, Perfection अपने आप आ जाएगा.”
“Pursue your passion with patience, Perfection will eventually follow.”
~आलोक 🤗 #FridayMotivation
वो भी इक पल का किस्सा थे,
मै भी इक पल का किस्सा हूँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊंगा,
वो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ
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संक्षिप्त में जीवन सार इतनी सरलता से शायद ही किसी लोकप्रिय रचना में मिले
इस के तीनों रचनाकार अब हम से जुदा हो गए - सहिर लुधियानवी, मुकेश, और ख़य्याम