❓آپ اس شعر کا کیا مطلب سمجھتے ہیں؟ صرف ایک جملے میں جواب دیں۔ 👇
"اگر تم مچھلی کو پانی میں نہیں پکڑ سکتے، تو اُس کے بازار میں آنے کا انتظار کرو۔"
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कुछ बातें राज़ ही रहें तो बेहतर होता है,
और कुछ एहसास ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता
"ज़िंदगी राज़ है तो राज़ रहने दो,
अगर है एतराज़ तो एतराज़ रहने दो।
फिर अगर तुम्हारा दिल कहे याद करने को,
तो दिल को ये मत कहना कि आज रहने दो।
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कभी-कभी किसी को पाने की चाह में इंसान खुद को इतना खो देता है कि मंज़िल मिल भी जाए, तो उसकी खुशी अधूरी लगती है।
वसीम बरेलवी साहब का यह शेर मोहब्बत, इंतज़ार और टूटे हुए एहसासों की गहराई को बयां करता है।
✍️ वसीम बरेलवी
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कभी-कभी नाराज़गी दूरी की नहीं, बल्कि रिश्ते में मौजूद मोहब्बत और अहमियत की निशानी होती है। ❤️
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📖✨ शब्द सिर्फ़ शब्द नहीं होते,
कभी दिल की आवाज़ बन जाते हैं, और कभी ज़िंदगी का सबक।
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यह ग़ज़ल बताती है कि इस दुनिया में हर चीज़ को जल्दी है—रिश्तों को बदलने की, मौसमों को गुज़रने की, लोगों को बिछड़ने की। इंसान चाहकर भी बहुत कुछ संभाल नहीं पाता, क्योंकि वक्त किसी का इंतज़ार नहीं करता।
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"खुश रहने का तावीज़ बनवाया है,
उस फ़क़ीर ने भरोसे से परहेज़ बताया है।"
आसान शब्दों में: "हर किसी पर ज़्यादा भरोसा मत करो, क्योंकि अक्सर इंसान नहीं, हमारी उम्मीदें हमें दुख देती हैं।" ✨🖤ShayriWeb #UrduShayari#HindiShayari#Shayari#UrduPoetry#HindiPoetry
اکچھ لوگ وقت کے ساتھ نہیں،
اپنی حقیقت کے ساتھ بدل جاتے ہیں 💔🥀
اب کسی سے دل لگانے کا دل نہیں کرتا،
جو اپنا تھا وہی سب سے زیادہ بدل گیا۔
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मरीज़ हमको दवाऐं बताने लगते हैं,
बुरा हो वक्त तो सब आज़माने लगते हैं।
नए अमीरों के घर भूल कर भी मत जाना,
हर एक चीज़ की क़ीमत बताने लगते है।
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हाल क्या दिल का है इज़हार से रौशन होगा
यानी किरदार तो किरदार से रौशन होगा
रात दिन आप चराग़ों को जलाते क्यूं हैं
घर चराग़ों से नहीं प्यार से रौशन होगा
- शबीना अदीब