यूपी में चरम पर माफियाराज, छाया अपराधियों का आतंक !
सुल्तानपुर में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर की जल निगम इंजीनियर की हत्या।
प्रदेश में बढ़ते अपराध से खौफ का माहौल, मुख्यमंत्री पूरी तरह विफल।
बेकसूरों को अपराधी बनाने वाली नाकारा सरकार, असल अपराधियों पर कब कसेगी नकेल?
@4ravind I can't find the reason..just want to know if website is temporarily unavailable or anything else is wrong. Please reply if you have any information regarding this.I am not sure if you are right person to answer this but I was not getting any lead.
@4ravind Hi, I randomly found your comment on MOSDAC. I need to use this website but I wonder something is wrong with the website,it's not opening. It was working 3days back , I signed up, I got confirmation mail after 2 days too. But now when I want to access the data it's not opening.
मैंने किताबों और अखबारों में ही मजबूत..सशक्त और संघर्ष करने वाली महिला नेताओं के बारे में पढ़ा था..पहली बार अपने एरा में किसी हिम्मत वाली महिला नेता को देखा है.. @priyankagandhi#Lakhimpur
ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि एक राज्य के नौजवान जरूरत से 4 गुणा नौकरी मांगकर पैनिक क्रिएट कर रहे हैं।
हालांकि नौकरियां हैं नहीं बिल्कुल भी, लेकिन ऐसे हाय तौबा मचाने से दूसरे राज्यों में भी बेरोजगारी बढ़ जाती है।
ऑक्सीजन की डिमांड 4 गुना बढ़ाकर बताने वाली खबर निराधार निकली.
कल दिनभर तमाम मीडिया संस्थानों ने इसे खूब तूल दिया. असल में इन मीडिया संस्थानों को एक खंडन भी चलाना चाहिए.
फेक न्यूज चलाकर शांत हो जाना ठीक बात नहीं, कुछ तो जवाबदेही बनती है.
Can you guess, who is exposing whom?
A) Sambit Patra Exposing Yogi Adityanath
Or
B) Yogi Adityanath Exposing Sambit Patra
Comment Below 👇🏼 #BharatiyaJhuthiParty
#यूपी के कानपुर में बीजेपी नेता नारायण सिंह और उनके समर्थकों ने पुलिस पर हमला कर बदमाश मनोज सिंह को छुड़ा लिया. मनोज पर 27 मुक़दमे चल रहे हैं @Uppolice
कानपुर में पुलिस टीम पर BJP नेता नारायण सिंह और उनके समर्थकों ने हमला कर, हिस्ट्रीशीटर को पुलिस जीप से छुड़ाकर भगाया, बाबा क्या इनपर भी राजद्रोह लगाएंगे?
इससे ज्यादा मुल्क की हालत
कभी हुई बदहाल नही:
सेंट्रलविस्टा पर,पानी सा पैसा
अस्पताल का ख्याल नही !
नर्मदा पर बुत बनवाया
गंगा में लाशें बहती हैं
कितना निरंकुश है कोई शासक
ये बातें चीख के कहती हैं
कलकत्ता में खूब ठहाके
दिल्ली आकर रोते हैं
दिल पर रखकर हाथ बताओ
कहीं ऐसे शासक होते हैं?