साहेब ई बिहार ह! अ हम बिहारी| hi ! I'm seraj social work is my passion and optical fiber splicer by profession.
You Become A Man And Muslim And Fear Only allah!
जब पुलिसवाले छात्रों और अपराधियों का अंतर भूल जाएँ,
जब उनमें नागरिकों के अधिकारों के प्रति कोई सम्मान ना बचे,
जब उनमें अपनी छवि और उनपर कार्रवाई का डर खत्म हो जाए,
जब सत्ता संरक्षण में वे खुद भ्रष्ट, पेशेवर अपराधी या सुपारी किलर की तरह बर्ताव करने लगें तो समझ जाइए कि देश में निरंकुश तानाशाही स्थापित हो चुकी है!
@yadavtejashwi #RJD #Bihar
दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक्य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेटियों की अस्मिता पर किया गया हमला इस आदर्श वाक्य को विडंबना बना देता है।
एक बिल्कुल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में सादे कपड़ों में पुलिसवालों को मुँह रुमाल से छुपाकर प्रदर्शनकारियों पर लाठी बरसाने की ज़रूरत क्यों पड़ी?
या ये पुलिसकर्मी थे ही नहीं?
किसी पार्टी या संगठन विशेष के लोग थे जो इस बात की भड़ास निकाल रहे थे कि उनके लाख प्रोपेगेंडा के बावजूद पीड़ित छात्र और युवा उनकी बातों में नहीं आए?
#RJD #India
दिल्ली जाम मतलब दिल्ली जाम।
हर कोने में 10-20 हजार छात्र।
जंतर मंतर नहीं है, CP का सेंट्रल पार्क है।
सिर्फ दलित नहीं है, सिर्फ पिछड़े नहीं है, सिर्फ सवर्ण नहीं हैं, सिर्फ मुसलमान नहीं हैं, सिर्फ किसान नहीं हैं, सिर्फ बेरोजगार नौजवान नहीं हैं। सब है सब।
ये हमारा सिस्टम है और सामने ना झुकने वाला और जाग चुका भारत का नौजवान . जिसने इस वीडियो को रीट्वीट ना किया उस से दोस्ती ख़त्म . भारत में ये हर किसी को दिखनी चाहिए . इसने कोई गलती की है तो गिरफ्तार करते लाठीचार्ज कौन से नियम क़ानून तहत कर रहे हो वो भी तब जब वो खड़ा है ?
छात्रों पर पत्थरबाज़ी कराने का ऑर्डर अमित शाह जी का है या पुलिस अपनी इच्छा से छात्रों पर पत्थरबाजी कर रही है?
पुलिस पत्थरबाज़ बन गई है और हम “लोकतंत्र” में हैं!
पीछे से आवाज़ आई, “मारो बहन के #%ऽ<# को”इसके बाद पुलिस ने लाठियाँ बरसानी शुरू कर दीं। लेकिन जिस पर लाठियाँ पड़ रही थीं, वो बिना डरे कह रहा था कि, “मारो सर… मारो…” कहते हैं कि किसी को इतना भी ना डर डराओ कि उसका डर ही निकल जाए। वही यहां चरितार्थ हुआ है। पहले विरोध प्रदर्शन करने वालो की तादाद सैंकड़ों में थी, अब हज़ारों में है।
मैं कानपुर से CJP के सपोर्ट में आया था अगर ये सोनम वांगचुक को ना उठाये होते तो मैं क्यो यहाँ आता?
मेरा बैग फाड़ दिया गया। मुझे बहुत मारा गया बताइए मेरी क्या गलती थी। दो दिन से मैं खाया-पिया नहीं हूँ।
मेरे साथ इतनी ज्यादती की गई। एक भाई ने मुझे किनारे कर दिया वर्ना मेरा गला दबा रहे थे। मेरे साथ इतनी ज्यादती क्यो की गई?
-CJP Supporter
#CJPProtest #संसद_मार्च