@RishiDarshan@AsaramBapuJi संतों का ह्रदय तो त्याग और करुणा से भरा होता है वे समदर्शी होते हैं सबको प्रेम करते हैं फिर उन्हें किस बात की सजा दी जा रही है??? #PeaceLovingSaint
@AsaramBapuJi साबरमती के Sant Shri Asaram Bapu Ji
का #56thSelfRealizationDay मनाने कितना
जन समूह आश्रमों में पहुंचा। और यहां तक कि सड़कों पर यात्रायें निकाल कर अपने गुरु के प्रति सर्मथन प्रकट कि���ा। फिर भी निर्दोष संत इतनी यातनाएं सह कर भी कभी हिंसा का सर्मथन नहीं करते।
#PeaceLovingSaint
हिन्दू धर्म में ईश्वर की आराधना करने के लिए भजन और आरती की जाती है। भक्तिरस से परिपूर्ण गरबा भी मां अंबा की भक्ति का तालियों और सुरों से लयबद्ध एक माध्यम है। #ThePretenceInGarbaNights
जब-जब आसुरी लोग प्रबल होकर, सात्विक लोगों को छलते हैं, तब-तब देवी माँ धर्मसंस्थापना हेतु अवतार धारण करती हैं और उन्हीं देवी की उपासना का माध्यम है । #ThePretenceInGarbaNights
सभी लोगों को नवरात्रि में पवित्रता बनाए रखनी चाहिए और कोई देवी माँ का अपमान करता है तो उसको सही करारा जवाब देना चाहिए । नवरात्रि में अनुचित कृत्यों को रोकना चाहिए । #ThePretenceInGarbaNights
Sant Shri Asaram Bapu Ji की आत्मसाक्षात्कार दिवस पर देशभर में आयोजित संकीर्तन यात्रा में कई श्रद्धालु गण भाग लेकर तनावपूर्ण जीवन से मुक्त होकर आनंदित एवं शांतिपूर्ण जीवन की ओर प्रवेश करते हैं , हम���े कई लोगों का अनुभव देखा है।
#56thSelfRealizationDay
निर्धन विकास धारा से नीचे जितने भी गरीब लोग आते हैं उनके रहने, खाने की व्यवस्था से ले कर,उन्हें प्रसाद दक्षिणा वितरण सेवा हो रही है वर्षों से Sant Shri Asaram Bapu Ji प्रेरणा से ही।
#BenevolentSaintOfMillions
लोगों में एलोपेथी के बढ़ते रुझान और आयुर्वेद के घटते महत्व के कारण Sant Shri Asaram Bapu Ji अपने शिविरों में एलोपेथी के नुकसान और आयुर्वेद के फायदे बताते हैं और निशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाते है।
#BenevolentSaintOfMillions
ऊँचे में ऊँचा, सबसे बढ़िया श्राद्ध श्राद्ध पक्ष की तिथियों में होता है। हमारे पूर्वज जिस तिथि में इस संसार से गये हैं, श्राद्धपक्ष में उसी तिथि को किया जाने वाला श्राद्ध सर्वश्रेष्ठ होता है। श्राद्ध महिमा पुस्तक से।
#ShraddhIsNotAMyth
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दूरभाष और दूरदर्शन यंत्र हजारों किलोमीटर का अंतराल दूर करते हैं,यह प्रत्यक्ष है वैसे ही मंत्रों का प्रभाव बहुत ज्यादा है।पितृलोक के वासियों का आयुष्य मानवीय आयुष्य से ह���ारों वर्ष ज्यादा होता है।इससे पितृलोक को मानकर उनका लाभ उठना चाहिए तथा श्राद्ध करना चाहिए #ShraddhIsNotAMyth
Q.यहाँ दान किया गया अन्न पितरों तक कैसे पहुँच सकता ह
A. भारत की मुद्रा रुपया अमेरिका में डॉलर एवं लंदन में पाउण्ड होकर मिल सकती है तो ईश्वर की सर्वसमर्थ सरकार आपके द्वारा श्राद्ध में अर्पित वस्तुओं को पितरों के योग्य करके उन तक पहुँचा दे,इसमें क्या आश्चर्य है #ShraddhIsNotAMyth
गरुड़ पुराण में आता है कि पितरों का समयानुसार श्राद्ध करने से कुल में कोई दु:खी नहीं रहता - Sant Shri Asaram Bapu Ji की सत्संग से
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Q.यहाँ दान किया गया अन्न पितरों तक कैसे पहुँच सकता है?
Aभारत की मुद्रा रुपया अमेरिका में डॉलर एवं लंदन में पाउण्ड होकर मिल सकती है तो ईश्वर की सर्वसमर्थ स��कार आपके द्वारा श्राद्ध में अर्पित वस्तुओं को पितरों के योग्य करके उन तक पहुँचा दे,इसमें क्या आश्चर्य है #ShraddhIsNotAMyth
जिनके कुल खानदान में श्राद्ध कर्म नहीं किए जाते उनके खानदान में दीर्घजीवी संतान पैदा नहीं होते। पितरों की सद्गति श्राद्ध कर्म से ही होते है और उनकी कृपा कुल खानदान पर होती है।
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