@aksharmaBharat@BJP4UP@UPPCLLKO@myogiadityanath एक उपभोक्ता समय पर बिल भरता है और अगले मंथ उसका बिल ₹80000 आता है उसे ठीक कराने के लिए वह भी जाता है वहां पर बैठे कर्मचारी बिना पैसे उसे ठीक नहीं कर सकते फिर वह उन अधिकारियों को ₹5000 देता है तब उसका बिल ठीक होता है जबकि गलती मीटर रीडर की थी उसने रीडिंग ठीक से नहीं ली थी .
अत्यधिक गर्मी के कारण बिजली की माँग बढ़ गई है। पिछले वर्ष की अपेक्षा अब माँग बहुत ज़्यादा है।
ऊर्जा विभाग में कार्यरत सभी भाई-बहनों से निवेदन है कि इस चुनौतीप���र्ण समय में जनता की सेवा के लिए रात-दिन सजग, तत्पर एवं उपलब्ध रहें।
शुभकामना।
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