ये है संतोष पाठक जिला सीधी मध्यप्रदेश से पेशे से पत्रकार है पर आज ( M.P) में महिला सुरक्षित नहीं है ये आपने आप को कानून से बड़ा समझते है जब खुद को कानून नहीं पता तो दूसरों की रिपोर्टिंग सही से क्या करते होगे इस लिए कितना जरूरी है यूजीसी आप देख सकते है #madhyapradesh#isupportUGC
@surya_samajwadi कितने बड़े मूर्ख हो यह एके 47 नहीं चलाया गया जो चीन की होगी कारतूस की बुलेट है और पाकिस्तान बुलेट भी नहीं बनता इतना भी नहीं जानते तो बाबकूफ हो
रेल मंत्रालय और सीधी जिला के कर्मचारी के चक्कर में एक आम आदमी पीसा जा रहा घर नोटिस में है पर पैसा नही दिया जा रहा बताया गया कि ये घर मुआवजे पाने के लिए बनाया गया है अब सोचिए हमारे पास एक ही घर है तो हम कहा जायेगे @narendramodi@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@DrMohanYadav51
रेल मंत्रालय और सीधी जिला के कर्मचारी के चक्कर में एक आम आदमी पीसा जा रहा घर नोटिस में है पर पैसा नही दिया जा रहा बताया गया कि ये घर मुआवजे पाने के लिए बनाया गया है अब सोचिए हमारे पास एक ही घर है तो हम कहा जायेगे @narendramodi@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@DrMohanYadav51
मुसलमानो की बैठक में एक मुस्लिम नेता मुसलमानो से कह रहा है कि आप सिर्फ बीजेपी को हराने वाले को वोट दो भले ही वह जीतने के बाद 5 साल तक कोई भी काम ना करें
आप उससे कोई शिकायत इसलिए नहीं कर सकते क्योंकि उसने भाजपा को हराया है आप विकास सड़क बिजली पानी सब भूल जाइए आपका मकसद सिर्फ बीजेपी को हराना होना चाहिए
अब आप सोचिए यदि कोई हिंदुओं के बैठक में कोई हिंदू धर्म गुरु यही बात कहा होता तो अब तक कितना हाय तौबा मच जाता
चौंकाने वाला और भयावह!
पश्चिम बंगाल में बेलघोरिया के पास खालसा मॉडल स्कूल की एक युवा छात्रा पर उसकी मां के सामने ही प्रेम प्रस्ताव ठुकराने पर बेरहमी से हमला किया गया।
बंगाल इस अराजकता के शासन और महिलाओं के खिलाफ हिंसा से कब मुक्त होगा?
बंगाल सरकार हमारी बेटियों की रक्षा करने में विफल रही है!
ये राजस्थान हाईकोर्ट के जज पंकज भंडारी और प्रवीर भटनागर हैं. इन्होने उदयपुर के कन्हैयाल की हत्या के आरोपी मोहम्मद जावेद को जमानत दी है.
आपका इन माननीय जजों के निर्णय पर क्या कहना है ?
जावेद ने कन्हैयालाल की रेकी की थी और फिर मोहम्मद रियाज से मिला था इसके बाद रियाज और गौस ने कन्हैयालाल का सर कलम कर दिया था.
NIA ने जावेद को गिरफ्तार किया था. अब राजस्थान हाईकोर्ट के इन माननीय जजों ने उसे जमानत दे दी है. अब जावेद खुला खूमेगा, परिवार के साथ रहेगा
जबकि
कन्हैयालाल हमेशा के लिए अपने परिवार से दूर चला गया है. उसके बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया है तो उसकी पत्नी विधवा हो गई है.