गुजरात निकाय चुनावों को UGC पर रेफरेंडम मानने वाले चोट्टों ने बांकीपुर को अभी तक 'हल्दी की खेती में व्यस्त भाजपा वोटर' या 'भाजपा ये सब छोटे उपचुनाव में रुचि नहीं लेती' टाइप के सुगम संगीत वाले पोस्ट किए या नहीं?
ऐसे लड़चट्ट समर्थक भगवान किसी पार्टी को ना दे! यहाँ धरातल पर मैया ^& पड़ी है और इनका ध्यान हवा में है! नितिन नबीन पंद्रह दिन में तीन बार पटना गए, रहे। कई बड़े नेता प्रचार करने गए और फिर भी पीके जीत गया।
तुमलोग आँड़ तौलते रहे और बताते रहो कि क्यों भाजपा का कोर वोटर इंटैक्ट है और मोदी जी की जय-जयकार कर रहा है। बह₹#%! इनसे निकम्मा और चाटुकार (और चूतिया) समर्थक नहीं देखा है मैंने!
राहुल गाँधी वाले भी बीच-बीच में हाथ खड़े कर लेते हैं, पर ये वाला खड़ा कोयला है साला! जल कर राख हो जाएगा पर उससे उठता धुआँ मोदी जी के नाम का होगा।
एक तरफ़ सरकारी स्कूल बंद या Merge हो रहे हैं, दूसरी तरफ़ बच्चों को पढ़ाने के लिए 1 लाख से ज़्यादा शिक्षक पद खाली हैं।
शिक्षक ही पर्याप्त संख्या में नहीं होंगे, तो शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य को मजबूत कैसे किया जा सकेगा?
आज Student भी #UP_एक_लाख_शिक्षक_भर्ती के साथ सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि इन रिक्त पदों पर जल्द भर्ती होनी चाहिए और सरकारी स्कूलों को मजबूत किया जाना चाहिए।
क्योंकि शिक्षा मजबूत होगी, तभी प्रदेश के बच्चों का भविष्य मजबूत बनेगा। और यही बच्चे आगे चलकर भविष्य के निर्माण में सहभागी बनेंगे।
बच्चों की शिक्षा पर आज का निवेश ही प्रदेश के कल की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
@abhinaymaths पर कमेंट में वो गाली देने वाले तभी क्यों प्रकट होते है जब आप सत्ता से सवाल करते है उनके बायो से पता चलता है कि वो सब राष्ट्रवादी है... और पूछने वाले क्या है वो हम सब जानते ही है.!!
चंदा चोरों ने तो हिन्दुओं और सनातनियों का बहुत सम्मान किया था ना?
चुनावी हिन्दू हृदय सम्राट तो भाजपा ही है, यह पद भाजपा से कोई कैसे छीन सकता है भंडारी जी।
तो क्या आप पेपर लीक खत्म करने आए थे या उसका नया रिकॉर्ड बनाने?
बीते कल की गलतियां गिनाने से आज की नाकामी छोटी नहीं हो जाती ।।
छात्र पूछ रहा है कि 12 साल बाद भी व्यवस्था सुधरी क्यों नहीं - पेपर लीक रुके क्यों नहीं?
आप आज भी वही बहाना बनाकर ताली बजवा रहे है कि ‘पहले भी होता था’, तो फिर बदलाव किस बात का?
काहे के अच्छे दिन ??
@Arunk750 तुम्हे वो लोग नी दिखाई देंगे जो बिना यूनिफार्म के डंडे बरसा रहे थे तुम्हे वो लोग ni दिखाई देंगे जो पुलिस वाले पत्थर फेंक रहे थे तुम्हे वो लोग नी दिखाई देते जो बलात्कार कर के BJP में शामिल हो गए है तुम्हारे आँख है या बटन इस देश के कानून ओर इस देश की मीडिया और ES देश की पुलिस खत्म
सिर्फ़ परीक्षा की कट-ऑफ़ कम या ज़्यादा होना ही Reservation नहीं है।......Cut-off की चर्चा इतनी isliye होती है?
क्योंकिstudent का सीधा सामना उसी से होता है।
उसे दिखता है कि-
General की Cut-off 160 है,
SC की 115 है,
OBC की 130 है।
इसलिए apko लगता है कि यही Reservation है।Reservation केवल परीक्षा में सीट दिलाने की व्यवस्था नहीं है। इसका उद्देश्य वंचित समुदायों की representation (प्रतिनिधित्व) बढ़ाना और अवसरों की असमानता को कम करना है।
इसका दायरा कई क्षेत्रों तक है:
शिक्षा – सरकारी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश।
सरकारी नौकरियाँ – भर्ती में आरक्षण।
कुछ परिस्थितियों में पदोन्नति (Promotion) – विशेषकर SC/ST के लिए संवैधानिक प्रावधानों के तहत।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व – लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों में आरक्षित सीटें।
छात्रवृत्तियाँ, हॉस्टल, कोचिंग योजनाएँ, फीस में रियायत जैसी कई सहायक योजनाएँ।
संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत इसे केवल गरीबी उन्मूलन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व के साधन के रूप में सक्षम बनाया गया है।
Reservation पर सवाल बिल्कुल उठाए जा सकते हैं।
जैसे:
Creamy Layer का दायरा,
Sub-categorisation,
लाभ का समान वितरण,
समय-समय पर समीक्षा,
Minimum Qualifying marks (-40 marks ❌)
Reforms is required in reservation...लेकिन Reservation की पूरी बहस को केवल Cut-off तक सीमित कर देना, विषय को बहुत छोटा कर देना है।
Reservation सिर्फ कटऑफ नहीं, बल्कि Representation, Education, Employment, Political Participation और Social Justice का पूरा ढांचा है…...
@noreservation_8 Are bhai आरक्षण कोई ग़रीबी उन्मूलन कार्यक्रम थोड़ी है, जाति व्यवस्था हटाने को आंदोलन करो आरक्षण की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। मिश्रा नाम लिख के जाति पर गर्व और आरक्षण पर रोना ठीक नहीं है,सब जगह गरीब है पर भेदभाव सवर्णो n to कभी झेला ओर न अभी तो जाति खत्म आरक्षण खत्म।
@GaganPratapMath भसड़ मास्टर कुछ भी आंदोलन नहीं होय
आप सो जाओ
आपके पोपो ठीक है
सुनो:- ये वहीं मगन प्रसाद है
SC St OBC विरोधी वाला 🥵
SC St OBC इसके बैच लेना बंद करो ये भूखा मरेगा, गिड़गिड़ाएगा
ये तुमसे ही कमाता है और तुम्हारा ही विरोध करता ह
नमक हराम ह
#ReservationFreeIndia#reservation .
#Media की बची-खुची Credibility भी इस बात के साथ खत्म हो जाती है
कि ये कल बता रहे थे कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा...
और मैंने ये कल रात को ही कह दिया था कि अगर इन्होंने कहा ही है कि इस्तीफा नहीं होगा तो ये इस्तीफा जरूर होगा...
इस इस्तीफे ने हम सबको लोकतंत्र का एहसास कराया है।
और अब सरकार से ये विनती है कि वो एक कमेटी बनाए जो Protest का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों से भी मिले, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पेपर व्यवस्था में हो रही छोटी-बड़ी खामियों पर चर्चा करके उनका समाधान तुरंत निकाला जा सके...
जड़ से इस Paper leak उद्योग को खत्म किया जा सके
#paperleak #dharmendrapradhan