प्रिय @TwitterIndia और @premiumbusiness आपसे निवेदन है कि तत्काल मेरे अधिकारिक @muddokibaat को वेरिफ़ाई कीजिए..!क्योंकि किसान नेताओ के नाम से अनेकों Fake अकाउंट बनने की आशंका है और वर्तमान परिस्थितियों में Official हैंडल का वेरिफ़ाई होना अत्यन्त ज़रूरी है..!
।। जय श्री महाकाल।।
आते ही पिछड़ा वर्ग का अध्यक्ष भी बना दिया मुख्यमंत्री मोहन यादव ने
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करते ही पहले राजनीतिक नियुक्ति वरिष्ठ नेता रामकृष्ण कुसमारिया को पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए।
।। जय श्री महाकाल।।
राजस्थान को भी मिला नया मुख्यमंत्री ।
सांगानेर से पहली बार विधायक बनते ही ,भजन लाल शर्मा बने राजस्थान के मुख्यमंत्री बहुत बहुत बधाई।।
हैदराबाद के समीप हुई विमान दुर्घटना में भारतीय वायु सेना के दो पायलट के निधन का समाचार दुःखद है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को शांति दें एवं शोकमय परिवार को इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति!!
।। जय श्री महाकाल।। जय जय सियाराम।।
बीजेपी को तीन राज्यों में प्रचण्ड जीत की बहुत बहुत बधाई।।
कांग्रेस को एक बोल्ड लीडरशिप, डिसीजन मेकिंग लीडरशिप की जरूरत है ,जो की कांग्रेस के पास नहीं है । कांग्रेस में लोकल लीडशिप नेशनल लीडरशिप पे भरी है इसी वजह से कांग्रेस हरी
राजस्थान जीतना मुश्किल ही था
लेकिन मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ भी हाथ से गँवा देना कांग्रेस की बहुत बड़ी हार है
तेलंगाना पर खुश होना बनता है लेकिन तेलंगाना वाली मेहनत MP और छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं की गई!! पिछली बार जिस तरह एमपी में बीजेपी ने सरकार बना ली थी उसके बाद तो कांग्रेस के लिए और भी आसान होना चाहिए था इस बार जीतना। लेकिन ये @ChouhanShivraj की बहुत बड़ी जीत है और @OfficeOfKNath की ही नाकामियाँ होंगी कि वो इतने साल बाद भी शिवराज सरकार के खिलाफ anti incumbency की लहर न ला पाए
वैसे भी शिवराज सिंह के लिए न पिछली बार और न इस बार anti incumbency थी। हाँ उनके चेहरे से ऊब गए हैं जैसे शब्द ज़रूर सुनने को मिलते थे लेकिन नाराज़गी आज भी नहीं थी। ये बड़ी कामयाबी हासिल की है शिवराज के राज ने।
वहीं भूपेश बघेल ने गोदी मीडिया तक को विज्ञापन देने में भी खूब पैसा खर्च किया इसलिए ये भी नहीं कह सकते कि मीडिया इनके साथ नहीं था ।
राजस्थान ने रिवाज़ क़ायम रखा लेकिन बावजूद उसके @ashokgehlot51 ने अपने हथियार नहीं डाले थे। लेकिन @narendramodi की लगातार मेहनत साफ़ दिखी है
अब रही बात केंद्रीय नेतृत्व की तो ये ज़रूर है कि मोदी के नाम, काम और बयान पर आज भी वोट डलता है ।
हम उनके काम और बयान से सहमत - असहमत हो सकते हैं लेकिन इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि वो जिनके लिए ऐसे बयान देते हैं उनपर उसका असर होता है जो वोट में तब्दील भी होता है। अब वो भाषाई मर्यादा लांघना हो और उसे वोटर पसंद करता है तो उस वोटर के बारे में टिप्पणी करके किसी को कोई फ़ायदा नहीं होने वाला। वो अपने लिए वही मर्यादाओं को चुनना चाहता है ये कटु सत्य है।
मैं ये नहीं कह रही कि सभी को मर्यादाएं लांघ देनी चाहिए लेकिन उसका सकारात्मक तोड़ क्या हो सकता है इस पर गंभीर चिंतन करना होगा। क्योंकि सामने नकारात्मकता का पहाड़ खड़ा हो चुका है और ऐसे माहौल में सकारात्मकता से उसे तोड़ना आसान नहीं है।
@RahulGandhi की बातें दक्षिण भारत में तो असर डाल रही हैं लेकिन उत्तर भारत में इसकी छाप क्यों नहीं दिख रही इस पर भी सोचना होगा ! दक्षिण और उत्तर भारत की राजनीति ही नहीं वहाँ की सूझ बूझ भी एक दूसरे से अलग है , तो ऐसे में कैसी बातें कहाँ काम करेंगी इस पर सोचिए। तेलंगाना तो जीता लेकिन जीती जीता बाज़ी हारने पर कांग्रेस को अहंकार छोड़ सीखने की ज़रूरत है कि पाँच साल बाद उनके ख़िलाफ़ वो लहर कैसे बन जाती है जो बीजेपी के खिलाफ नहीं बनती
आत्मचिंतन करें और ये भी उतना बड़ा सत्य है कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ पूरी तरह से नरेंद्र मोदी और उनके चेहरे पर बीजेपी जीती है
शिवराज सिंह चौहान ने अब तक अपनी गवर्नेंस से खुद के खिलाफ नाराज़गी पैदा नहीं होने दी ये बहुत बड़ी बात है। एमपी भी दूसरा गुजरात साबित हो रहा है जहां बीजेपी को हराना नामुम्किन सा लगता है
वहीं बीजेपी को वैसे बताने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि वो अभी से इस बात पर चिंतन करना शुरु हो चुकी होगी कि दक्षिण भारत में उनका दाँव क्यों नहीं चल पा रहा है ।
#ModiKiGauarantee #इंडिया_गठबंधन #ElectionsResults #Congress
।। जय श्री महाकाल।। जय जय सियाराम।।
बीजेपी को तीन राज्यों में प्रचण्ड जीत की बहुत बहुत बधाई।।
कांग्रेस को एक बोल्ड लीडरशिप, डिसीजन मेकिंग लीडरशिप की जरूरत है ,जो की कांग्रेस के पास नहीं है । कांग्रेस में लोकल लीडशिप नेशनल लीडरशिप पे भरी है इसी वजह से कांग्रेस हरी
मध्यप्रदेश की जनता ने कांग्रेस पार्टी को विपक्ष की भूमिका सौंपी है। जनता का फैसला सिर माथे पर, लेकिन यह कमलनाथ जी की हार नहीं जीत है छिंदवाड़ा की सातों सीटों सहित अन्य कांग्रेस पार्टी एवं भाजपा के विजई प्रत्याशियों को जीत पर बधाई l
जय हिंद!
।। जय श्री महाकाल।। जय जय सियाराम।।
बीजेपी को तीन राज्यों में प्रचण्ड जीत की बहुत बहुत बधाई।।
कांग्रेस को एक बोल्ड लीडरशिप, डिसीजन मेकिंग लीडरशिप की जरूरत है ,जो की कांग्रेस के पास नहीं है । कांग्रेस में लोकल लीडशिप नेशनल लीडरशिप पे भरी है इसी वजह से कांग्रेस हरी
तेलंगाना की जनता ने इतिहास रचते हुए कांग्रेस पार्टी के पक्ष में जनादेश दिया है। यह प्रजाला तेलंगाना की जीत है। यह प्रदेश की जनता और कांग्रेस पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता की जीत है।
तेलंगाना की जनता को तह-ए-दिल से धन्यवाद।कांग्रेस पार्टी तेलंगाना में शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए संकल्पबद्ध है।
राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस पार्टी को विपक्ष की भूमिका सौंपी है। जनता का फैसला सिर माथे पर।
जय हिंद!
कांग्रेस को एक बोल्ड लीडरशिप, डिसीजन मेकिंग लीडरशिप की जरूरत है ,जो की कांग्रेस के पास नहीं है । कांग्रेस में लोकल लीडशिप नेशनल लीडरशिप पे भरी है इसी वजह से कांग्रेस की इतनी बुरी हार हुई है ।बीजेपी से कांग्रेस वालो को सीखने के जरूरत है ।
कांग्रेस को एक बोल्ड लीडरशिप, डिसीजन मेकिंग लीडरशिप की जरूरत है ,जो की कांग्रेस के पास नहीं है । कांग्रेस में लोकल लीडशिप नेशनल लीडरशिप पे भरी है इसी वजह से कांग्रेस की इतनी बुरी हार हुई है ।बीजेपी से कांग्रेस वालो को सीखने के जरूरत है ।
नैतिकता तो कहती हैं, जैसे मनीष सिसोदिया का इस्तीफा हुआ, सत्येंद्र जैन का इस्तीफ़ा हुआ, ठीक वैसे ही अरविंद केजरीवाल जी को भी इस्तीफा देना चाहिए - एक पार्टी - एक सरकार फिर नियम दो कैसे हो सकते हैं?
#MeriDelhi
कांग्रेस को एक बोल्ड लीडरशिप, डिसीजन मेकिंग लीडरशिप की जरूरत है ,जो की कांग्रेस के पास नहीं है । कांग्रेस में लोकल लीडशिप नेशनल लीडरशिप पे भरी है इसी वजह से कांग्रेस की इतनी बुरी हार हुई है ।बीजेपी से कांग्रेस वालो को सीखने के जरूरत है । @INCIndia@kharge@priyankagandhi
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का जनादेश हम विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं - विचारधारा की लड़ाई जारी रहेगी।
तेलंगाना के लोगों को मेरा बहुत धन्यवाद - प्रजालु तेलंगाना बनाने का वादा हम ज़रूर पूरा करेंगे।
सभी कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत और समर्थन के लिए दिल से शुक्रिया।
कांग्रेस को एक बोल्ड लीडरशिप, डिसीजन मेकिंग लीडरशिप की जरूरत है ,जो की कांग्रेस के पास नहीं है । कांग्रेस में लोकल लीडशिप नेशनल लीडरशिप पे भरी है इसी वजह से कांग्रेस की इतनी बुरी हार हुई है ।बीजेपी से कांग्रेस वालो को सीखने के जरूरत है ।