@Shaolinrise@esinrak@SunilYa95840261@Mayawati उससे पहले दो बार भाजपा में भी मंत्री थे, सपा में पहली बार मंत्री नहीं बने थे। और रही बात सम्मान की तो मायावती के प्रतिरोध के कारण ही मुलायम और राजा भइया साथ आए थे। अखिलेश मायावती से मिल लिए और थूक कर चाट लिए। ये राजा भइया के स्वाभिमान ने नहीं करने दिया तो अलग हो गए।
@Shaolinrise@esinrak@SunilYa95840261@Mayawati इसे स्वाभिमानी होना कहते हैं। राजा भइया जी की राजनीतिक महत्वकांक्षा अगर इतनी होती कि वो कुर्सी के लिए अपने स्वाभिमान से समझौता कर लेते तो आज संजय निषाद, राजभर, चिराग पासवान आदि की तरह मंत्री होते। स्वाभिमान सर्वोपरि है, ये रघुकुल की रीति है।
@esinrak@SunilYa95840261@Mayawati जया बच्चन जीती जैसा श्री राजा भइया जी ने कहा था। लेकिन बसपा का साथ देना, ये राजा भइया जी को न कभी स्वीकार था और न कभी होगा।
@ArihantYadav_@PMishra_Journo अबे चूतिया, जब मुलायम भागा था पैदल कि कहीं इनकाउंटर न हो जाए...उसे कैसे भूल जाता है तुम लोग ? वैसे भागने से याद आया, नाइजीरिया में भी कोई भागा है क्या ☺️
@ArihantYadav_@jaysingh_3237@PMishra_Journo 2 टके से याद आया...***वती का हाल चाल है आजकल ? लगातार लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में अंडा देने के बाद हाथी लापता ही हो गई है एकदम। 🤣