बिछड़ जाऊं तो फिर रिश्ता तेरी यादों से जोडूंगा
मुझे ज़िद है में जीने का कोई मौका ना छोड़ूंगा
मुहब्बत में तलब कैसी,वफादारी की शर्तें क्या
वो मेरा हो ना हो मैं तो उसी का होके छोड़ूंगा
तआल्लुक टूट जाने पर जो मुश्किल में तुझे डाले
मैं अपनी आंखों में ऐसा कोई आंसू ना छोड़ूंगा
#syr
बांकीपुर में ये गेट लगा है। विकास के नाम पर वोट माँगने से चुनाव आयोग को भी दिक्कत नहीं है। अगर विपक्ष इस इस तरह के बैनर लगवा दे कि मंदिर में चंदा चोरी करने वालों को वोट नहीं दें तो चुनाव आयोग चारों तरफ़ दिखाई देने लगेगा। इसलिए इस देश में चुनाव मज़ाक बन गया है। कई दिनों से इस तरह के तोरण द्वार लगे हैं।
इसका एक और मतलब है। विपक्ष के नेता और कार्यकर्ता गलियों में घूम नहीं रहे हैं और घूम भी रहे हैं तो इन बातों पर नज़र नहीं पड़ रही है।