भाजपाइयों याद रखो..
ये देश मनुस्मृति से नहीं संविधान से चलेगा 🫵🏻🇮🇳
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी के भाषण के बाद मंच का “शुद्धिकरण” किया गया! एक दलित नेता के बोलने के बाद..
यह सिर्फ एक मंच को साफ़ करने की बात नहीं है। यह उस मानसिकता की बात है जो आज भी इंसानों को जाति के आधार पर “शुद्ध” और “अशुद्ध” मानती है।
और अगर देश के कांग्रेस अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ नेता के साथ यह खुलेआम हो सकता है, तो सोचिए एक आम दलित व्यक्ति हर दिन किस तरह के भेदभाव का सामना करता होगा?
यही वह लड़ाई है जिसे हम लड़ रहे हैं!
एक तरफ़ मनुस्मृति की सोच: भेदभाव और ऊंच-नीच। दूसरी तरफ़ संविधान: बराबरी, सम्मान और न्याय!
हमने अपना पक्ष चुन लिया है!
हम संविधान की रक्षा करेंगे!
हर दलित के सम्मान के लिए लड़ेंगे!
और इस जातिवादी सोच के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे! देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं! 👊
भाजपाइयों याद रखो..
ये देश मनुस्मृति से नहीं संविधान से चलेगा 🫵🏻🇮🇳
कांग्रेस अध्यक्ष @kharge जी के भाषण के बाद मंच का “शुद्धिकरण” किया गया! एक दलित नेता के बोलने के बाद..
यह सिर्फ एक मंच को साफ़ करने की बात नहीं है। यह उस मानसिकता की बात है जो आज भी इंसानों को जाति के आधार पर “शुद्ध” और “अशुद्ध” मानती है।
और अगर देश के कांग्रेस अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ नेता के साथ यह खुलेआम हो सकता है, तो सोचिए एक आम दलित व्यक्ति हर दिन किस तरह के भेदभाव का सामना करता होगा?
यही वह लड़ाई है जिसे हम लड़ रहे हैं!
एक तरफ़ मनुस्मृति की सोच: भेदभाव और ऊंच-नीच। दूसरी तरफ़ संविधान: बराबरी, सम्मान और न्याय!
हमने अपना पक्ष चुन लिया है!
हम संविधान की रक्षा करेंगे!
हर दलित के सम्मान के लिए लड़ेंगे!
और इस जातिवादी सोच के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे! देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं! 👊
#Newsflash: IYC कार्यकर्ताओं ने RSS मुख्यालय के बाहर जलाई मनुस्मृति की प्रतियां 🔥
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी की सभा के बाद हवन और ‘शुद्धिकरण’ कर दलित समाज का अपमान किया गया, और BJP आज तक माफी मांगने, FIR करने को भी तैयार नही।
तो आज जवाब RSS के दरवाज़े पर जाकर दिया गया।
जो मनुस्मृति इंसान को शुद्ध-अशुद्ध, ऊंचा-नीचा बांटता है, उसकी इस देश में कोई जगह नहीं।
क्योंकि ये देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा, संघ के विधान से नहीं।
🚨 #BreakingNews युवा कांग्रेस का RSS मुख्यालय पर हल्ला बोल..✊🏻🔥
उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी के कार्यक्रम के बाद मंच का 'शुद्धीकरण' करना सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, देश के करोड़ों दलितों और संविधान की आत्मा का अपमान है।
इसी जातिवादी मानसिकता के खिलाफ IYC अध्यक्ष @UdayBhanuIYC जी और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित RSS मुख्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
ये देश मनुस्मृति से नहीं, संविधान से चलेगा 🫵🏻🇮🇳
📍RSS मुख्यालय दिल्ली
Trolls have no faces. They operate from behind anonymity, and that anonymity is the only source of power they possess. There is nothing courageous about hiding behind a screen while abusing and threatening others; it is the lowest form of cowardice dressed up as bravado.
In my years of litigation, I have seen this pattern repeatedly.
The loudest bullies often become the meekest once their anonymity is stripped away. Behind the chest-thumping is usually nothing but fear- and a desperate search for protection.
The same fate awaits these anonymous criminals. Once the mask comes off, the noise will disappear, and they will be left to answer for their own words and actions.
@IYC@iyclegalcell@RoopeshINC
. @IYCLegalCell Team, please take immediate and necessary steps to initiate appropriate legal proceedings against this handle.
Treat the matter as urgent and ensure that all relevant evidence is preserved and documented.
@Mani_IYC
देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है।
• संविधान की विचारधारा
• BJP-RSS की विचारधारा
इस देश में हजारों साल से दलितों पर अत्याचार हो रहा है। आज संविधान लागू होने के बाद भी उनके साथ हिंसा की जा रही है, जो कि गैरकानूनी है।
देश के कई स्कूलों में दलित बच्चों से टॉयलेट साफ कराया जाता है, उनसे झाड़ू लगवाई जाती है। दलितों को कुओं से पानी नहीं लेने दिया जाता।
इतना ही नहीं, चाय की दुकान पर भी दलितों के साथ भेदभाव होता है और बारात में घोड़े पर चढ़ने को लेकर उन्हें मारा-पीटा और धमकाया जाता है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 दिल्ली
जिस देश ने सदियों की सामाजिक असमानता के विरुद्ध संघर्ष करके संविधान में समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व को अपना आधार बनाया, उसी देश में आज भी भेदभाव की मानसिकता का जीवित रहना सबसे बड़ा सवाल है।
विश्वगुरु बनने का रास्ता समाज को धर्म, जाति और लिंग में बाँटने से नहीं, हर इंसान की गरिमा को बराबर मानने से होकर जाता है।
भारत को ऊँच-नीच की दीवारें नहीं, बराबरी की बुनियाद चाहिए।
@IYC@ManishSharmaIYC@UdayBhanuIYC@IYCLegalCell
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
During the British Raj, newspapers and periodicals were banned, presses were raided and inconvenient voices were silenced because the rulers feared what the public might read and question.
Today, the methods may have changed, but the instinct to suppress inconvenient narratives cannot be allowed to return through the backdoor of “editorial discretion.”
Sonia Gandhi ji's memoir reportedly faced demands for changes to politically sensitive passages.
#Penguin must answer: what was sought to be removed, who sought it, and under whose pressure?
India won Independence so that no authority could decide which truths its citizens were permitted to read.
Censorship by the British was wrong. Censorship in a free India extremely dangerous and unbecoming of DEMOCRACY.
@IYC@ManishSharmaIYC@UdayBhanuIYC@IYCLegalCell
Another one in the series of complaints.
@IYCKarnatka President @manjunathansui along with KPYC Legal Cell Chairman Adv MM Sridhar & other office bearers registered a complaint against @xbharat for posting vile and abusive remarks against Senior Congress Leaders.
@IYC
जिस दिल्ली से महिला सशक्तिकरण और feminism का पाठ पढ़ाया जाता है, उसी दिल्ली में महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालयों की ये हालत है।
यह @BansuriSwaraj के लोकसभा क्षेत्र की तस्वीर है।
"दीपक तले अंधेरा" fits just accurately here.
महिलाओं को भाषण नहीं, सम्मानजनक सुविधाएँ चाहिए।
#SystemFixKarteHain
स्वदेशी और राष्ट्रवाद का उपदेश देने वालों से देश और विदेशों में बसे भारतीयों के मन में कुछ सीधा सवाल उठना स्वाभाविक है- विदेश आखिर किसलिए गए हैं?
क्या FCRA का अध्ययन करने, डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये का शोध करने, किसानों के हितों से जुड़े किसी अमेरिकी सौदे को प्रभावित करने, या विदेशों में भारत की छवि और भारतीयों के हितों पर कोई नया खेल खेलने?
नियम अगर हैं तो सबके लिए हैं, जवाबदेही अगर है तो सबकी है। देश में दूसरों से हिसाब मांगने वालों को विदेश की धरती पर अपनी गतिविधियों का हिसाब देने में संकोच क्यों?
स्वदेशी का नारा भारत में और विदेशी मंचों पर राजनीति- यह दोहरा चरित्र आखिर कब तक?
कानून से ऊपर न कोई संगठन है, न विचारधारा, न व्यक्ति।
No One Is Above The Law.
To top it all, the grand welcome that the @RSSorg recieved is praiseworthy.
We have heard the allegations. We have preserved the evidence.
The next conversation can take place in court.
@IYCLegalCell is prepared to serve the fake-news peddlers with what they deserve the best.
@INCIndia@IYC