पुरानी पेंशन कर्मचारियो के बुढ़ापे का सहारा है।
सरकार ने इसे बन्द कर बुढ़ापे को अन्धकारमय व सहाराहीन बना दिया है। यह निर्णय तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का है।जो आज स्वयं अपना जीवनयापन पेंशन प्राप्त कर, कर रहे है।
माननीय प्रधानमंत्री जी ने पटवारी/लेखपाल के कार्यो की सराहना की ।जिससे लेखपाल संवर्ग का गौरव बढ़ा है ।माननीय प्रधानमंत्री जी को पटवारियो की ओर से बहुत-बहुत आभार।
#underpaidlekhpal
माननीय मुख्यमंत्री जी लेखपालो को 10वर्ष की सेवा करने के बाद ग्रेड पे2400 तथा इतनी सेवा के बाद चतुर्थ श्रेणीकर्मचारी को भी 2400 ग्रेड पे अर्थात लेखपालऔर चपरासी समान वेतन और दोनो के दायित्व •••••
यह विसंगति कतई उचित नही है।
लेखपाल की पीड़ा को समझे।
माननीय मुख्यमंत्री जी लेखपालो को 100रूपये प्रतिमाह दिया जाने वाला यात्रा भत्ता से पूरे महीने मोटरसाइकिल से लेखपाल सरकारी कार्य कैसे कर सकता है?3.33रूपये मे टायर मे हवा भी नही भर सकती है।कृपया दया करे।
माननीय मुख्यमंत्री जी अब ई-डिस्ट्रिक्ट आय जाति निवास प्रमाण पत्रो मे अपने बच्चो के हक का पैसा खर्च करने मे असमर्थ है।कृपया हमारे साथ अन्याय न करे।
""शौक नही मजबूरी है""
#underpaidlekhapal
उत्तर प्रदेश में लेखपाल अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर 3 जुलाई से निरन्तर शान्तिपूर्ण ढंग से आन्दोलनरत हैं । कोई सकारात्मक पहल के बजाय शासन द्वारा दमनकारी रुख अपनाते हुए आन्दोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है ।