2 nations, two thoughts–with humanity or against humanity.
All the attacks Israel made were on professional military bases.
All the drone missiles Iran sent were targeted at civilians.
Humanity does not go away from #Israelis's mind, humanity does not come into #Iran's mind.
*ब्राह्मणों को जजिया कर से मुक्त रखा गया था क्योंकि उन्हें मुस्लिम शासकों के सहायक और बौद्ध धर्म (शुंग काल में) के शासक वर्ग का हिस्सा माना जाता था, जो सत्ता के सहयोगी थे। इसके अलावा, जजिया उन गैर-मुस्लिमों पर लगाया जाता था जो सैन्य सेवा से मुक्त थे; जबकि ब्राह्मणों को ब्राह्मणों की स्थिति के कारण एक विशिष्ट दर्जा प्राप्त था।
*जजिया कर एक धार्मिक कर था: यह गैर-मुस्लिमों पर लगाया जाता था, जिन्हें मुस्लिम शासक अपनी सुरक्षा प्रदान करते थे।
सैन्य सेवा में छूट.
*जो मुस्लिम धर्म को स्वीकार नहीं करते थे, उन पर जजिया कर लगाया जाता था, लेकिन जो लोग इस्लाम कबूल कर लेते थे, उन्हें इस कर से छूट मिल जाती थी।
*ब्राह्मणों को जजिया कर से मुक्त रखा गया था क्योंकि उन्हें मुस्लिम शासकों के सहायक और बौद्ध धर्म (शुंग काल में) के शासक वर्ग का हिस्सा माना जाता था, जो सत्ता के सहयोगी थे। इसके अलावा, जजिया उन गैर-मुस्लिमों पर लगाया जाता था जो सैन्य सेवा से मुक्त थे; जबकि ब्राह्मणों को ब्राह्मणों की स्थिति के कारण एक विशिष्ट दर्जा प्राप्त था।
*जजिया कर एक धार्मिक कर था: यह गैर-मुस्लिमों पर लगाया जाता था, जिन्हें मुस्लिम शासक अपनी सुरक्षा प्रदान करते थे।
सैन्य सेवा में छूट.
*जो मुस्लिम धर्म को स्वीकार नहीं करते थे, उन पर जजिया कर लगाया जाता था, लेकिन जो लोग इस्लाम कबूल कर लेते थे, उन्हें इस कर से छूट मिल जाती थी।
देखो ये bhimta
कह रहा है कि मुगलों के राज्य में ब्राह्मणों को जजिया में छूट थी पर इसको देना पड़ता था
अगर यह औरंगजेब के किसी इतिहासकार से
या किसी भी मुगल के समकालीन इतिहासकार से यह सोर्स दिखा दे तो इसे 10 लख रुपए इनाम दिया जाएगा
पर सवाल यह है कि यह चोचित मनुष्य जो दावा करता है कि पूरे 3000 साल बिना पानी पिए जिंदा रहा दिखा पाएगा?
देखो आज भीमता शिवाजी का सीधे वंशज बन गया है उन्हें कुर्मी बता रहा
लेकिन ठहरिए कहानी में पेच है अभी फिर दूसरे क्षण आरक्षण मांगने के लिए बोलने लगेगा कि हमने अपनी अम्मा इत्यादि इत्यादि का पूरे 3000 साल फर्जी शोषण करवाया है मैं जन्म से ही नीचे हूं मुझे पानी भी नहीं पीने दिया जाता था
3000 साल से मैं पगले जैसा जीवन जिया हूं मुझे विद्या भी नहीं दी जाती थी
मैं खटिया पर भी नहीं बैठ पाता था मुझे सामाजिक नीचे सामाजिक पिछड़े पीटे हुए शोषित लतियाये हुए का आरक्षण दे दो
देखो ये bhimta
कह रहा है कि मुगलों के राज्य में ब्राह्मणों को जजिया में छूट थी पर इसको देना पड़ता था
अगर यह औरंगजेब के किसी इतिहासकार से
या किसी भी मुगल के समकालीन इतिहासकार से यह सोर्स दिखा दे तो इसे 10 लख रुपए इनाम दिया जाएगा
पर सवाल यह है कि यह चोचित मनुष्य जो दावा करता है कि पूरे 3000 साल बिना पानी पिए जिंदा रहा दिखा पाएगा?
अगर आप दुष्ट बुद्धि के है तो "420 PK" आपकी पसंद होनी चाहिए
अगर आप कॉमेडी को पसंद करते है तो आपको "तेजप्रताप यादव" के साथ जाना चाहिए
अगर आप सामाजिक न्याय तथा अपनी अभिव्यक्ति की आजादी चाहते है तो "राष्ट्रीय लोक मोर्चा" संग चले जाए
अगर आपके थैले में भारी रकम है तो "चिराग पासवान और मुकेश सहनी" से संपर्क साधना चाहिए
अगर आपको सरप्राइज के रूप में कोई पद चाहिए तो "भाजपा" के संपर्क में 15 वर्षो तक मुंह बंदकर रहे
अगर आप मन से सेकुलर है तो आपको "RJD" संग जाना चाहिए
अगर आप मजदूरों की बाते करते है, मंत्रिपद वगैरह की चाहत नहीं रखते तो "लेफ्ट पार्टियों" में शामिल होकर अपने ख्वाव को बढ़ा सकते है
अगर आपको "चं'डाल चौकड़ी" के नखरे पसंद आते हो तो ही "JDU" में शामिल होइएगा
#BiharElections2025 #Bihar
@UpendraKushRLM@narendramodi@yadavtejashwi@Jduonline@sonofmallah@cpimspeak
भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जातिगत संरचना के आधार को दरकिनार कर टिकटों का बटवारा किया👇👇
➡️ राजपूत – 15 सीट (3.45% आबादी)
➡️ EBC – 11 सीट (36% आबादी)
➡️ भूमिहार – 11 सीट (2.87% आबादी)
➡️ वैश्य – 9 सीट (2.31% आबादी)
➡️ ब्राह्मण – 7 सीट (3.65% आबादी)
➡️ कुशवाहा – 6 सीट (9% आबादी)
➡️ SC – 5 सीट (19.65% आबादी)
➡️ यादव – 3 सीट (14.26% आबादी)
➡️ कुर्मी – 2 सीट (2.00% आबादी)
➡️ कायस्थ – 1 सीट (0.60% आबादी)
➡️ ST – 1 सीट (1.68% आबादी)
भाजपा ने टिकट बंटवारे में ऊपरी जातियों को वरीयता देते हुए पिछड़े व अतिपिछड़े वर्गों को सीमित हिस्सेदारी दी है। बड़े समुदाय जैसे EBC और SC की आबादी अधिक होने के बावजूद सीटें कम दिखती हैं, जबकि राजपूत–भूमिहार जैसे समूहों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला है।
#BiharElection2025 #BiharPolitics
#BJP #RLM
OBC दलित राज्य कम थे, ज्यादातर राज्य क्षत्रिय समाज के लोग चलाते थे और उनके सलाहकार ब्राह्मण थे जिन्हें देवतुल्य सम्मान दिया जाता था लेकिन उचित सलाह न देकर उन्हें हमेशा आपस में लड़वा कर कमजोर बनाने में कामयाब रहे। इसलिए मुठ्ठी भर बाहरी आक्रमणकारी कामयाब रहे।
OBC दलित राज्य कम थे, ज्यादातर राज्य क्षत्रिय समाज के लोग चलाते थे और उनके सलाहकार ब्राह्मण थे जिन्हें देवतुल्य सम्मान दिया जाता था लेकिन उचित सलाह न देकर उन्हें हमेशा आपस में लड़वा कर कमजोर बनाने में कामयाब रहे। इसलिए मुठ्ठी भर बाहरी आक्रमणकारी कामयाब रहे।
जब तक सवर्णों के साथ ओबीसी और दलित मिलकर नहीं रहेंगे तो जैसे पाकिस्तान में जातियों में बांट बाट कर हिन्दुओं को खत्म कर दिया वैसे ही भारत में होगा अगर यही हालत रहेगा
इतना ही समझ होती तो हिन्दू जातियों में क्यों बटते ब्राह्मणों ने चार जातियां बनाई अम्बेडकर ने १०३जातिया बना दी
आजादी में सबसे ज्यादा योगदान ब्राह्मणों ने दिया गूगल करके देख लें कितने दलित यादव फांसी पर आजादी के लिए चढ़े धर्म बचाने के लिए सबने ब्राह्मण ने अपनी जान दी
आरक्षण के बाद भी पाप कम्पनियों के डायरेक्टर सीईओं और मालिक वनिया है उसके बाद टाप की पोसटो पर पूरी दुनिया में ब्राह्मण और वानिया यकीन नहीं हो तो गूगल करो
सवर्णों मे टैलेंट और जज्बा है क्योंकि उनको पता है आरक्षण की भीख नहीं मिलेगी अगर मिल भी गई तो उतनी तनख्वाह से काम नहीं चलेगा