तू कौन है जो उस की कमी पूरी करेगा
वो आएगा तो अपनी कमी पूरी करेगा
इक-आध अगर होता तो हम मान भी लेते
ऐ शख़्स तू किस किस की कमी पूरी करेगा
कुछ वस्ल अभी और भी दरकार हैं 'फ़रहाद'
इस बार तो वो पिछली कमी पूरी करेगा
~अहमद फ़रहाद 💙🍂
विसर्जित किए फ़ूल वक्त के साथ अगर वापस लौट आए तो उन्हें वापस मूर्तियों पर नहीं चढ़ाया जाता स��खे गुलाब कभी किताबों से बरामद हो तो उन्हें गमलों में नहीं लगाया जाता सब का अपना वक्त होता है एक वक्त बाद च���ज़ें पीछे छूट जाती है जिन्हें हम चाह कर भी कभी वर्तमान नहीं बना सकते..
कोई सनम तो हो कोई अपना ख़ुदा तो हो
इस दश्त-ए-बे-कसी में कोई आसरा तो हो
कुछ धुँदले धुँदले ख़्वाब हैं कुछ काँपते चराग़
ज़ा��-ए-सफ़र यही है कुछ इस के स��वा तो हो
~बशर नवाज़ 💙🍂
Loving your country doesn’t mean accepting every mistake made in its name. Real patriotism is holding the system accountable while standing firmly with the nation. Countries are built by generations of sacrifice, not by the failures of a few. Fight for a better system, but never lose respect for the land that gave you your identity. 🇮🇳🩷
दुःख हवा के जैसे होते हैं। जैसे जहाँ कुछ भी नहीं होता वहाँ हवाएँ भरी रहती हैं, ठीक वैसे ही।
जब भी हम किसी की प्रतीक्षा करते हैं, और वह नहीं आता तब उसकी खाली जगह को भरने के लिए दुःख आते हैं। जैसे जब रात को देर तक नींद नहीं आती तब नींद की जगह दुःख आ जाते हैं,
��ैसे बहुत देर तक सन्न करने के बाद भी फल नहीं मिलता तब फल की जगह दुःख मिल जाता है,
जैसे जब हमें अपने चाहे हुए लोगों से प्रेम नहीं मिलता तब उस प्रेम की जगह दुःख आ जाता है...
और इस तरह हमारे दुःख हमारी सभी खाली जगहों को भर देते हैं।
��मारे दुःख हमें कभी अकेला नहीं छोड़ते।
वे सदैव हमारे साथ रहते हैं।
हमारे भीतर किसी कोने में धैर्य के साथ बैठे रहते हैं। धैर्य के साथ?
~ अभिषेक शुक्ला 🌻💌
@05Tejaswini सूची में नाम न आना दुखद है, लेकिन आपकी मेहनत और क्षमता किसी सूची की मोहताज नहीं। कभी-कभी जीवन हमें व��ी रास्ता छोड़ने को कहता है जिस पर हम बहुत दूर तक चल चुके होते हैं, ताकि हम उस रास्ते तक पहुँच सकें जो वास्तव में हमारे लिए बना है।अगली शुरुआत के लिए शुभकामनाएँ।