Such ridiculous ad on occasion of Raksha Bandhan😡
No bra-wearing actress, No Skin-show, bolte hai "Deliver the Love". Kriti Sanon & Aziz Premji will be so offended. Is this the way to "portray" Hindu Festivals? छी!
मैं इस आदमी का कभी विरोध नहीं कर सकता
जिगरा चाहिए बिना तेल के पेलने में
जिसको जवाब देने में सरकार का भी फटता हो... उसको उसी के चटाई पर उसी के तेल से मसाज देके आने वाला कोई है तो वो है अजीत भारती।
"आरक्षण का लालच इतना बुरा है कि उसके लिए सब पिछड़े बनने को तैयार हैं!
और इस मांग के लिए कोई पटरियां उखाड़ रहा है, कोई सरकारी संपत्ति तोड़फोड़ रहा है!
ऐतिहासिक योद्धा रहे मराठा, जमींदार रहे जाट - आज सब आरक्षण की मांग कर रहे हैं!
आरक्षण अब एक race to backwardness बन चुका है!"
NSSO का 2020 का आंकड़ा बहुत चौकाने वाला है ।
110 करोड़ हिन्दू लगभग 80% आबादी, मंदिर 🎪 मात्र 5 लाख
🤷🤷
जिनमें से 4 लाख सरकारी नियंत्रण में हैं । 😳😳
30 करोड़ लगभग 19% मुस्लिमों के पास 7 लाख मस्जिद हैं ।
सभी सरकारी नियंत्रण से मुक्त हैं । 😡😡
देश में 3500 गुरुकुल के मुकाबले 3.5 लाख मदरसे हैं.....!
1.5% ईसाई आबादी के पास लगभग 75 हजार चर्च हैं ।
प्राचीन काल से ही मंदिर भारतीय अर्थव्यवस्था के बहुत बड़े स्रोत रहे हैं ।
आज भी हैं,, तिरूपति बालाजी मंदिर अपने पैसों से Road, Hospital, College सबकुछ बनवा रहा है ।
हमारे धर्म ग्रंथ कहते हैं "धर्मो रक्षित रक्षित"
लेकिन हम इस बात को भूल गये।
इसलिए हमारे मंदिर और गुरूकुल घटते चले गये ।
जो अपने मजहब पर अडिग रहे, वह आज हमसे अधिक मस्जिद और मदरसे बनाये बैठे हैं ।
उनकी Halal Economy आज आसमान छू रही है, जिससे जिहाद और आतंकवाद चल रहा है।
इस कानून का ज्यादा दुरुपयोग हुआ तो युवा SC-ST एट्रोसिटी एक्ट मे जेल मे सङने की बजाय 307 या 302 मे जेल जाना पसंद करेंगे क्योकि उसमे जमानत तो मिलेगी सत्ता के लालच में BJP ने भारत में जातीय नरसंहार का बीज बोया था अब वह पेड बन गया है बस फल आना बाकी है और वो फल बहुत ही विषैला होगा!
कृति सेनन को roast करते-करते कंगना ने देश की 20 करोड़ आबादी को ही तंदूर में डाल दिया…🔥
“मुसलमान cousins और बहनों से शादी करते हैं, इसलिए उन्हें इतना sensitive नहीं होना चाहिए।”
कंगना का filter फिर छुट्टी पर है! 😭
सामान्य वर्ग के बड़े बड़े सांसदों और विधायकों से बढ़िया काम ये दो लोग कर रहे है।
इन्हें अकेला मत छोड़िये।
जैसे SC/ST अपना नेता चुनते है, अब आपको भी वैसा ही जातिवादी बनना चाहिये।
यह ऐतिहासिक आंदोलन है। 🔥✅
#StopMisuseOfSCSTAct
पता नहीं क्यों, आज नीले balls को दबाने का बहुत मन कर रहा है, इन नीली गोलियों को दबाता रहूँ। पहले ही बहुत सारी नीली गोलियाँ दबा चुका हूँ। आज मेरा ब्लड प्रेशर भी ठीक है, तो लगता है इन्हें और दबा ही लेना चाहिए।🤣
- अजीत भारती
आज तो बिना गाली दिए ही पेल दिया।🙃🤣
“डिलीट कर लो, सिंघवी… नहीं तो मैं तुम्हें कोर्ट में घसीटूँगा। और ये तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा। तुम्हारा कितना भी Influence हो, मैं यह सुनिश्चित करूँगा कि तुम्हें एक-एक बात का जवाब वहाँ देना पड़े।”
- अजीत भारती 🔥
अब मामला सिर्फ सोशल मीडिया की बयानबाज़ी तक नहीं रहने वाला। 😅🔥
Next level! 😂🔥
अजीत ब्रो, आपकी पत्रकारिता में थ्रिल भी है, कॉमेडी भी और ड्रामा भी!
क्या गज़ब की रेलाई करते हो भाई। 😂🙏
और सबसे मज़ेदार बात—ये पहला बंदा है जो अकेले BJP और Congress दोनों को पेल रहा है। 😂🔥
Ajeet Bharti is in no mood to spare anyone.
An idiot commented, “Beta, tera number lagne wala hai.”
Bro literally made him cry. You can’t miss this one. 😭😂
जब ब्राह्मण समाज की लड़कियों के लिए कुछ लोग बड़ी-बड़ी बातें कहते हैं, “मुझे तो ब्राह्मण की लड़की चाहिए”, तो सवाल ये है कि लड़की ले लेने से क्या लड़का भी ब्राह्मण हो जाता है?
अंबेडकर की पत्नी ब्राह्मण थीं। हमारे कन्नौज के विधायक-मंत्री जी की पत्नी ब्राह्मण हैं। रामविलास पासवान की पत्नी भी ब्राह्मण थीं। लेकिन क्या उनके बच्चे ब्राह्मण पैदा हुए?
लड़की ले ली आपने, लेकिन लड़के को ब्राह्मण नहीं बना पाए। फिर सिर्फ ब्राह्मण समाज पर लगातार हमला क्यों?
हमारे समाज की सामाजिक स्थिति ऐसी बना दी गई है कि लोग खुलकर बोल भी नहीं पाते, क्योंकि एससी-एसटी एक्ट का डर सामने खड़ा कर दिया गया है।
हमारी समाज की बच्चियाँ डरती हैं घर से निकलने में। बहुत से परिवार उन्हें बाहर भेजना तक बंद कर देते हैं। लेकिन जरूरतें सबकी होती हैं। जैसे आपकी बेटियाँ पैसा कमाने के लिए घर से निकलती हैं, वैसे ही हमारी बेटियाँ भी निकलती हैं।
अगर किसी के पास भरपूर पैसा है तो बात अलग है, लेकिन हर परिवार इतना सक्षम नहीं होता। सवाल सिर्फ ब्राह्मण समाज की बेटियों का नहीं है, सवाल उनके सम्मान, सुरक्षा और बराबरी के अधिकार का है।
जो वकील अपने चैंबर में जज बनाने के लिए कुख्यात है, वो भोंसड़ीवाला भी मर्यादा पर ज्ञान चोद रहा है। लाल जंघिए में आर्गुमेंट करने वाले लोग, जिनके इनकम टैक्स के पेपर दीमक चर जाते हैं, वो साले मोरेलिटी का हमें ज्ञान देंगे?
साले सही पैसे दूँ तो रिरियाता हुआ ‘जी सर’ बोल कर तू मुझे डिफेंड करने आ जाएगा।
पुनः कहूँगा, जिन हराम के पिल्लों को लगता है कि मेरी (या किसी भी व्यक्ति की) माँ-बहन किसी अनपढ़-गँवार-जातिवादी कीड़े के डिजिटल भोग की विषयवस्तु है, मैं उनकी पिछवाड़े में बाँस डाल कर खड़ा कर दूँगा।
मेरे लिए मेरे परिजनों का सम्मान सर्वोपरि है, और उस पर कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं। चाहे वो भारत का प्रधानमंत्री हो या अमेरिका का राष्ट्रपति, मुझे झाँट भर फर्क नहीं पड़ता तुम्हारी पहचान क्या है।
मैं अपने प्रत्युत्तर में तीक्ष्ण, तीव्र और डिस्प्रपॉर्शनेट ही रहूँगा।