साल 2007 में, यूनिसेफ के एक चैरिटी कैंपेन के दौरान लियोनेल मेसी की एक बच्चे के साथ फोटोशूट हुआ था।
लगभग 20 साल बाद चमत्कार देखो— वही बच्चा अब FIFA वर्ल्ड कप फ़ाइनल में उनके सामने खेलेगा।
इस बच्चे का नाम "लामिन यमल" है जो स्पेन से फाइनल में मेसी की टीम अर्जेंटीना के खिलाफ खेलेगा 🌍🏆
दुनियां में ऐसे संयोग बहुत कम देखने को मिलते हैं।
एक बार स्कूटर पर जाते वक्त रास्तें में सामनें कुत्ता आ गया.. 👌
उसको बचाने के चक्कर में मेरा कंट्रोल चला गया और स्कूटर सड़क की बगल के नाले में गिर गया।
थोड़ी मुश्किल के साथ, जैसे-तैसे करके मैं नाले से बाहर निकला,
वहां पे एक सुंदर महिला ने अपनी कार खड़ी की और पूछा, लगी तो नहीं ?
नहीं.. नहीं..मैंने जवाब दिया..
उसने कहा, मेरा घर नज़दीक ही है, चलो कपड़े साफ कर लो औऱ आराम कर लो, आपको ज़्यादा लगी के नहीं वो भी देख लेतें हैं..
मैंने जवाब दिया:- आपका बहुत-बहुत धन्यवाद लेकिन मेरी पत्नी नाराज हो जाएगी!
ऐसा टेंशन मत लो, मैं एक डॉक्टर हूं, चलिए... उसने जोर देकर कहा;
मैं देखना चाहती हूं कि क्या आपको फ्रैक्चर तो नहीं हुआ है ?
वो वास्तव मे बहुत सुंदर और अच्छे स्वभाव की थी. मैं "ना" नहीं कह पाया...
मैंने कहा:- ठीक हैं मैं आ रहा हूं लेकिन "मुझे यकीन है कि मेरी पत्नी नाराज हो जाएगी।"
हम उसके घर आए और कपड़े, हाथ-पैर साफ करने के बाद उसने मेरी जाँच की कि मुझे कोई बड़ी चोट तो नहीं लगी है ?
मैंने ठंडा ज़्यूस पिया, फिर मैंने कहा, अब मैं पहलें से बहुत बेहतर हूं, मेरी पत्नी यक़ीनन गुस्सा हो जायेंगी.. अब मैं जाता हूं
महिला ने मुस्कराकर सोचा लगता है ये बहुत ही भला आदमी है
उसने मुस्कराते हुए कहा:- रुक जाइये अब, आपकी पत्नी को कुछ भी पता नहीं चलेगा, वह तो घर पर बैठी होगी ना ?
मैंने कहा:- नहीं-नहीं शायद वो अभी भी नाले में ही पड़ी होगी 😜😂😂😂
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एक कबूतर और एक क़बूतरी एक पेड़ की डाल पर बैठे थे।
उन्हें बहुत दूर से एक आदमी आता दिखाई दिया ।
क़बूतरी के मन में कुछ शंका हुआ औऱ उसने क़बूतर से कहा कि चलो जल्दी उड़ चले नहीं तो ये आदमी हमें मार डालेगा।
क़बूतर ने लंबी सांस लेते हुए इत्मीनान के साथ क़बूतरी से कहा..भला उसे ग़ौर से देखो तो सही, उसकी अदा देखो, लिबास देखो, चेहरे से शराफत टपक रही है, ये हमें क्या मारेगा..बिलकुल सज्जन पुरुष लग रहा है...?
क़बूतर की बात सुनकर क़बूतरी चुप हो गई।
जब वह आदमी उनके क़रीब आया तो अचानक उसने अपने वस्त्र के अंदर से तीर कमान निकाला औऱ झट से क़बूतर को मार दिया...औऱ बेचारे उस क़बूतर के वहीं प्राण पखेरू उड़ गए....
असहाय क़बूतरी ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई औऱ बिलखने लगी।उसके दुःख का कोई ठिकाना न रहा औऱ पल भर में ही उसका सारा संसार उजड़ गया।
उसके बाद वह क़बूतरी रोती हुई अपनी फरियाद लेकर राजा के पास गई औऱ राजा को उसने पूरी घटना बताई।
राजा बहुत दयालु इंसान था।
राजा ने तुरंत अपने सैनिकों को उस शिकारी को पकड़कर लाने का आदेश दिया।
तुरंत शिकारी को पकड़ कर दरबार में लाया गया।शिकारी ने डर के कारण अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
उसके बाद राजा ने क़बूतरी को ही उस शिकारी को सज़ा देने का अधिकार दे दिया औऱ उससे कहा कि " तुम जो भी सज़ा इस शिकारी को देना चाहो दे सकती हो औऱ तुरंत उसपर अमल किया जाएगा "।
क़बूतरी ने बहुत दुःखी मन से कहा कि " हे राजन,मेरा जीवन साथी तो इस दुनिया से चला गया जो फ़िर क़भी भी लौटकर नहीं आएगा, इसलिए मेरे विचार से इस क्रूर शिकारी को बस इतनी ही सज़ा दी जानी चाहिए कि
अगर वो शिकारी है तो उसे हर वक़्त शिकारी का ही लिबास पहनना चाहिए , ये शराफत का लिबास वह उतार दे क्योंकि शराफ़त का लिबास ओढ़कर धोखे से घिनौने कर्म करने वाले सबसे बड़े नीच होते हैं....।"
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*इसलिए अपने आसपास शराफ़त का ढोंग करने वाले बहरूपियों से हमेशा सावधान रहें..........सतर्क रहें औऱ अपना बहुत ख़याल रखें.........!!*
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मिलिए विपिन कुमार से।
विपिन कुमार भारत के रहने वाले हैं और Romania में Construction Worker के तौर पर काम करते हैं।
एक दिन वह Craiova के Nicolae Romanescu Park के पास से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि बर्फ की पतली परत टूटने से एक छोटी बच्ची बर्फीले पानी में गिर गई। उसे बचाने के लिए उसके पिता भी आगे बढ़े, लेकिन वह भी टूटी हुई बर्फ में फंस गए।
यह देखकर विपिन बिना एक पल की देरी किए पास पड़ी Sledge लेकर बच्ची की तरफ बढ़े। रास्ते में उनके नीचे भी बर्फ टूट गई और वह खुद भी पानी में गिर गए। इसके बावजूद उन्होंने बच्ची को पकड़ लिया और करीब 30 मिनट तक उसे पानी के ऊपर थामे रखा, जब तक Rescue Team मौके पर नहीं पहुंच गई।
इस दौरान विपिन और बच्ची, दोनों को Severe Hypothermia हो गया। दोनों को Hospital ले जाया गया, जहां उनका इलाज हुआ।
अपनी जान की परवाह किए बिना एक मासूम की जान बचाने वाले विपिन कुमार को Romania ने Honorary Citizenship देकर सम्मानित किया।
आज Social Media पर भारत और भारतीयों के खिलाफ Hate फैलाने वाली पोस्ट कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच जाती हैं। लेकिन जब कोई भारतीय विदेश में अपनी जान जोखिम में डालकर Humanity की ऐसी मिसाल पेश करता है, तो उसकी चर्चा उतनी नहीं होती।
ऐसी कहानियां दबनी नहीं चाहिए ,इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाइए..👍
एक पत्नी अपने पति के लिए नाश्ते में तले हुए अंडे बना रही थी।
तभी उसका पति तेजी से रसोई में घुसा और बोला
सावधान अरे, सावधान! थोड़ा और मक्खन डालो। हे भगवान.
इतने सारे अंडे एक साथ मत पकाओ बहुत ज़्यादा हैं!
उन्हें पलटो अभी पलटो!
और मक्खन डालो।
ये तवे से चिपक जाएंगे
सावधान सावधान! मैंने कहा था न, ध्यान से
तुम खाना बनाते समय मेरी बात कभी नहीं सुनती।
जल्दी पलटो
क्या तुम पागल हो गई हो? दिमाग़ खो बैठी हो क्या?
और हाँ, नमक डालना मत भूलना।
तुम हमेशा नमक डालना भूल जाती हो।
नमक डालो नमक नमक
पत्नी उसे घूरते हुए बोली
आख़िर तुम्हें हुआ क्या है? क्या तुम्हें लगता है कि मुझे दो अंडे तलना भी नहीं आता?
पति बड़े आराम से मुस्कुराया और बोला
मैं तो बस तुम्हें यह एहसास कराना चाहता था कि जब मैं गाड़ी चलाता हूँ, तब मुझे कैसा महसूस होता है.😄
तमिलनाडु के सीएम विजय की खूबसूरत और अनोखी पहल।
अब गरीबों और जरूरतमंदों को पुलिस उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाएगी।
विजय सीएम की इस पहल से गरीबों को बहुत मदद मिलेगी।
जरूरतमंदों को पुलिस द्वारा सुरक्षित उनके घर या गंतव्य तक पहुंचाया जाता है ।
बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, बीमार लोग , भीषण गर्मी,
और बारिश में फंसे असहाय लोगों को मदद की सख्त जरूरत होती है।
पुलिस का वाहन उन्हें सुरक्षित यात्रा प्रदान करता है।
इससे पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी कम होती है और जनता का भरोसा पुलिस पर बढ़ता है।
यह वीडियो देखकर आंखे नम हो गई,मा के बिना दुनिया वीरान हो जाती है.!
वीडियो मोहनगढ़ का बताया जा रहा है,एक महिला दिग्गी से पानी भर रही थी तभी अचानक उनका पैर फिसल गया ,और महिला की डिग्गी में गिरकर मौत हो गई.!
महिला के 3 मासूम बच्चे है जिनको पता भी नहीं है कि उनकी मां इस दुनिया से चली गई,अब लोग प्रशासन से गुहार लगा रहे है कि इन बच्चों की मदद करे ।
टी. एन. शेषन देश के मुख्य चुनाव आयुक्त थे। एक बार वे अपनी पत्नी और सुरक्षा दल के साथ उत्तर प्रदेश के दौरे पर जा रहे थे। रास्ते में उनकी पत्नी की नज़र एक पेड़ पर लटक रहे सुंदर बया के घोंसले पर पड़ी।
घोंसला इतना आकर्षक था कि उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,
“यह घोंसला मुझे ला दीजिए, घर सजाने के काम आएगा।”
शेषन साहब ने तुरंत अपने एक सुरक्षाकर्मी को घोंसला उतार लाने का निर्देश दिया।
सुरक्षाकर्मी ने पास ही भेड़-बकरियाँ चरा रहे एक किशोर को बुलाया और कहा,
“बेटा, यह घोंसला उतार दो। दस-बीस रुपये मिल जाएंगे।”
लेकिन लड़के ने बिना एक पल सोचे साफ़ इनकार कर दिया।
सुरक्षाकर्मी ने पैसे बढ़ाने की बात भी कही, पर वह टस से मस नहीं हुआ। आखिरकार उसने लौटकर सारी बात शेषन साहब को बता दी।
यह सुनकर शेषन साहब स्वयं कार से उतरे और उस किशोर के पास पहुँचे। उन्होंने मुस्कुराकर कहा,
“अगर तुम यह घोंसला उतार लाओगे तो मैं तुम्हें दस नहीं, पूरे पचास रुपये दूँगा।”
लड़के ने फिर भी विनम्रता से मना कर दिया।
शेषन साहब ने हैरानी से पूछा,
“इतने पैसे भी नहीं चाहिए? आखिर क्यों?”
किशोर ने मासूमियत से घोंसले की ओर देखा और बोला,
“साहब, इस घोंसले में छोटे-छोटे बच्चे हैं। शाम को उनकी माँ उनके लिए दाना लेकर आएगी। अगर घोंसला ही नहीं मिलेगा, तो उसे कितना दुख होगा। चाहे आप जितने भी पैसे दे दें, मैं यह घोंसला नहीं उतारूँगा।”
उस अनपढ़ चरवाहे के इन सरल शब्दों ने देश के सबसे शक्तिशाली अधिकारियों में से एक टी. एन. शेषन को भीतर तक झकझोर दिया।
बाद में इस घटना का उल्लेख करते हुए शेषन साहब ने लिखा
“आज भी मुझे इस बात का अफसोस होता है कि एक उच्च शिक्षित आईएएस अधिकारी होने के बावजूद मेरे मन में वह संवेदना क्यों नहीं थी, जो उस अनपढ़ किशोर के मन में थी। उस दिन मेरी डिग्रियाँ, मेरा पद, मेरी प्रतिष्ठा और मेरा अहंकार—सब उस बच्चे की करुणा के सामने छोटे पड़ गए। उसने मुझे सिखाया कि बुद्धि, पद और धन तभी सार्थक हैं, जब उनके साथ संवेदनशीलता भी हो।
- सोशल मीडिया से साभार
एक पिता अपनी बेटी को Surprised 🫢 करने के लिए उसके बिना पता चले बेटी के बगल की ही सीट बुक करता है।
बेटी पिता को अचानक से देखते ही झूम उठती है।
सच है बेटी और पिता के बीच के Bond का लेवल अलग ही होता है— दुनियां में सभी बेटियों को ऐसे ही पिताओं की जरुरत है।