Well done, @DelhiPolice 👍
Exposing propaganda once again.
Despite repeated provocations, Delhi Police demonstrated remarkable patience, restraint, and professionalism in handling the situation. Truly commendable!
चलो, किसी एक व्यक्ति में तो guts हैं। इसीलिए हम पॉलिटिकल alternative खोज रहे हैं, कि कम से कम एक बंदा, एक सांसद हो जो केवल हमारी बात करे। खुलकर, ताल ठोककर कहे, जब भी उसको अवसर मिले। चाहे संसद के भीतर कहे, संसद परिसर म���ं कहे, डिबेट में कहे, कहीं पर भी कहे।
हमें मिनिमम एक बंदा संसद में पहुँचाना है। हर विधायिका में, हर लेजिस्लेटिव असेंबली में एक-एक बंदे को टारगेट करके पहुँचाओ, कि ये बंदा निर्दलीय है और हमारी बात करने के लिए गया है।
बस, हमारा सर्वप्रथम टारगेट यही होना चाहिए। भाजपा ये सब माने या न माने, हमारा इमीडिएट टारगेट यही होना चाहिए। येन केन प्रकारेण, जहाँ भी विधानसभा चुनाव हों, सामान्य वर्ग की बात करने क��� लिए हमारा कम से कम एक व्यक्ति वहाँ होना चाहिए। क्योंकि उसका impact होता है।
जिस तरह IIT Bombay मामले में जनता की आवाज़ उठी, उसी तरह Ajeet Bharti के लिए भी जनता की आवाज़ उठनी चाहिए। न्याय में भेदभाव नहीं—एक ही कानून, एक ही कसौटी!
RT if you are supporting Ajeet Bharti
#StandWithAjeetBharti#JusticeForAjeet#RuleOfLaw
Having visited at least 2 top IIMs to deliver lectures and interacted with the management and students, I believe we must next anticipate an IIT Bombay like situation in IIMs. The Ambedkarite-Periyarite activism in these institutions has reached alarming levels. Wait and watch.
We elected him to clean JNU
He converted every institute into JNU .
We elected him to unite Hindus
He divided Hindus never before .
We elected him to bring "Ache din "
He converted normal days into "Nightmare" .
I have said it earlier, I am saying it again: Separate institutions for GCs is the only solution so that they don’t get a chance to interact or discriminate.
साहिल वकोड़े IIT बॉम्बे के छात्र थे। परीक्षा चल रही थी। पूरा प्रश्नपत्र AI एप्प को अपलोड कर के उत्तर कॉपी में लिख रहे थे। प्रोफेसर ने पकड़ लिया�� बाहर ले गए, डाँटा और कहा कि संस्थान के नियम स्पष्ट हैं आप चोरी करते पकड़े गए तो सस्पेंड किए जा सकते हो।
साहिल ने बाद में आत्महत्या कर ली। माँ-बाप ने पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया क्योंकि उन्हें न्याय चाहिए। न्याय पाने के लिए उन्होंने मोदी एक्ट की धाराएँ लगवा दीं प्रोफेसर पर।
एक लड़का आरक्षण से IIT पहुँचा। कम नंबर न आए, इसलिए चोरी कर रहा था। वह टॉपर बनना चाह रहा था। पर एक मनुवादी शिक्षक ने उसे कॉलेज के कानून बताए, सस्पेंड किया भी नहीं। उसने आत्महत्या कर ली।
क्या एक दलित को फोन ले जाने अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या ऐतिहासिक प्रताड़ना के कारण उसको ओपन मोबाइल परीक्षा देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए?
आज एक ब्राइट स्टूडेंट, ज��� जेट इंजन बना सकता था AI से पूछ कर, हमारे बीच इसलिए नहीं रहा क्योंकि उससे पहले ही चरण में रोक लिया गया। मोदी एक्ट इसीलिए बना ही है।
प्रोफेसर को फाँसी होनी चाहिए।
अभी अलीगढ़ में हमने कल देखा कि दलित दौड़ा-दौड़ा कर एक ठाकुर को पीट रहे थे इसके पहले यह बिहार वाली घटना याद करिए जब एक ठाकुर को पीट पीट कर कपड़े उतार कर दलितों ने पूरे गांव में घुमाया था
इसीलिए इन्हें अब SC ST एक्ट की जरूरत नहीं है
कृपया ट्रेंड में भाग ले
#ScrapSCSTAct
भीम आर्मी के गुंडों ने अलीगढ़ में सचिन राघव को पीटा, हत्या का प्रयास किया, अपमानित किया। और अब पुलिस स्टेशन भी घेर कर बैठ गए हैं। क्या सवर्णों की यही स्थिति बनी रहेगी? क्या सवर्ण होना और सड़क पर निकलना भी अपराध हो गया है?
हमारी बहन-बेटियों पर हर दिन टिप्पणी होती है, सरकार सोई रहती है। अब भीड़ बना कर घेरा और पीटा जा रहा है। ध्यान रहे, जिस दिन सवर्ण ने इन्हीं गुं��ों की तरह कानून से डरना बंद कर दिया, वह दिन बहुत विकट होगा समाज के लिए।
सामान्य वर्ग के किसी प्रोटेस्ट को ये दोनों कवर नहीं करते।
लेकिन नीला झंडा और संविधान देखकर दोनों अपने कैमरामैन के साथ तुरंत भागने लगते है।
इन दोनों क्��ांतिकारी पत्रकार के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ? 🤷🏻♂️