@ManishJecrc@ashokgehlot51@RaghusharmaINC@gssjodhpur@saurabhtop जनता तो इन्हे चुनावों के समय याद आती है। आम आदमी उम्मीद करके इन्हे चिंता है और फिर उम्मीद टूटने के बाद अगली बार पर इन्हे नई उम्मीद से चिंता है ये ना खतम होने वाला चक्र बन चुका है। पर फिर भी हम उम्मीद के साथ लिखते है की मुख्यमंत्री की कृप्या ध्यान दे। @ashokgehlot51
तो कल विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सुबह 6 बजे एसएमएस स्टेडियम ,जयपुर के पश्चिमी गेट पर या सेंट्रल पार्क जयपुर आइए और पर्यावरण को बचाने की मुहिम में भागीदार बनिए।
आपका दिया गया थोड़ा सा समय धरती माँ को प्रदूषित होने से बचा सकता है।
#शोर_मचा#ShorMachaa#Contree
लगता यह है कि केचुआ वह शेर है जिसके दांत और नाखून निकाल कर जंगल में शिकार करने के छोड़ दिया है।
यदि आपको लगता है , हमारी बातें तर्कसंगत है, न्यायिक है, तो कृपया लोकतंत्र को शक्तिशाली बनाने के लिए शोर जरूर मचाईए।
#शोर_मचा#ShorMachaa
देश को क्या संदेश देना चाहते है। ये तो वो ही बता सकते है लेकिन इन सबके बीच केचुआ ( केंद्रीय चुनाव आयोग) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते है। क्या केचुआ की शक्तियां आचार संहिता के उल्लंघनकर्ताओं को सिर्फ नोटिस भेजने और जबाब मांगने तक ही सीमित है ।