UPSSSC में भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लग जाता है। इस दौरान एक ही अभ्यर्थी दूसरी भर्ती जॉइन कर लेता है, जिससे कई सीटें खाली रह जाती हैं।
Junior Assistant में 300+ और लेखपाल में 1500+ सीटें खाली गईं। ऐसी स्थिति में वेटिंग लिस्ट लागू होनी चाहिए, ताकि कम अंक से बाहर हुए योग्य अभ्यर्थियों को मौका मिल सके।
सरकार से मांग है कि UPSSSC में वेटिंग लिस्ट लागू की जाए🙏
#UPSSSC
#UPSSSCWaitingListLaguKaro
UPSSSC में 'प्रतीक्षा सूची' (Waiting List) लागू
करने हेतु निवेदन
सेवा में,
माननीय मुख्य सचिव महोदय,
उत्तर प्रदेश सरकार,
लखनऊ (उ.प्र.)।
विषय : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सभी भर्ती परीक्षाओं में 'प्रतीक्षा सूची' (Waiting List) का प्रावधान अनिवार्य रूप से लागू करने के संबंध में निवेदन ।
माननीय मुख्य सचिव जी,
सादर प्रणाम।
इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान उत्तर प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्रों के भविष्य और राज्य की भर्ती प्रक्रिया को अधिक कुशल व पारदर्शी बनाने से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में प्रदेश के लाखों युवा सम्मिलित होते हैं। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात, अक्सर यह देखा गया है क अनेक सफल उम्मीदवार निम्नलिखित कारणों से पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं करते हैं:
1. कई मेधावी उम्मीदवारों का चयन एक साथ एक से अधिक विभागों या उच्च पदों पर (जैसे UPPSC,
Railway, या अन्य केंद्रीय व राज्य स्तरीय सेवाओं में) हो जाता है, जिससे वे कम वेतनमान या निचले पद
को छोड़ देते हैं।
2. कुछ अभ्यर्थी किन्हीं व्यक्तिगत कारणों से, अनिवार्य घरेलू परिस्थतयों या सुदूर जिलों मे पोस्टिंग होने के कारण कायभार ग्रहण नहीं करते।
3. कई अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के महत्वपूण चरण में अनुपिस्थत रहते हैं, जिससे सीटें खाली रह जाती हैं।
चूँकि वर्तमान में UPSSSC की अधिकांश भर्तियों में प्रतीक्षा सूची (Waiting List) का स्पष्ट प्रावधान नहीं है,इसलिए इन कारणों से रिक्त हुए पद उसी विज्ञापन के तहत नहीं भरे जा पाते और वे बहुमूल्य पद वर्षों तक खाली रह जाते हैं।
वर्तमान व्यवस्था से होने वाली मुख्य समस्याएं:
●
मेधावी छात्रों का नुकसान: जो योग्य अभ्यर्थी मुख्य चयन सूची से मात्र कुछ अंकों या डेसमल (Points) के अंतर से रह जाते हैं, वे अंतिम अवसर से वंचित हो जाते हैं और आगामी परीक्षाओं तक आयुसीमा पार
(Overage) होने की कगार पर पहुंच जाते हैं।
●
समय और संसाधनों का अपव्यय: खाली रह गए पदों को भरने के लिए सरकार और आयोग को पुनः नई
विज्ञापन प्रक्रिया, परीक्षा आयोजन और मूल्यांकन का पूरा चक्र दोहराना पड़ता है। इससे शासन के धन,
समय और प्रशासनिक ऊर्जा की भारी बर्बादी होती है।
●
विभागों में कार्य प्रभावित होना: पदों के रिक्त रहने के कारण संबंधित सरकारी विभागों में मानव संसाधन (Manpower) की निरंतर कमी बनी रहती है, जिससे आम जनता से जुड़े विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
माननीय महोदय, यदि UPSSSC की सभी परीक्षाओं के परिणाम के साथ ही 10% से 20% पदों के लिये एक निश्चित समयावधि (जैसे 1 वर्ष ) तक वैध रहने वाली प्रतीक्षा सूची जारी की जाए, तो रिक्त हुए पदों को तुरंत उसी भर्ती के योग्य छात्रों से भरा जा सकेगा इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, अनावश्यक मुकदमों (Litigations) में कमी आएगी और आयोग की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि प्रतियोगी छात्रों के व्यापक हित , युवाओं के कल्याण और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, UPSSSC की सभी वर्तमान एवं आगामी भर्तियों में अनिवार्य रूप से 'प्रतीक्षासूची' लागू करने हेतु आयोग एवं सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा -निर्देश जारी करने की कृपा करें।
उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं को आपकी न्यायप्रियता , संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता पर पूर्ण विश्वास है।
सधन्यवाद।
भवदीय,
समस्त प्रतयोगी अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश ।
@ChiefSecyUP@CMOfficeUP@ExamLife2026
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोक निर्माण विभाग अध्यक्ष आदरणीय एन डी द्विवेदी सर की अध्यक्षता में सभी को मार्गदर्शन दिया गया और डिप्लोमा के हितों की जानकारी दी गयी 🎓
Post 2
4612 JE पदों से जुड़े अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल है। वर्षों की तैयारी और मेहनत के बाद सीटें खाली न जाएँ। चयन प्रक्रिया में योग्य अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिले।
#ALLOW_DEPARTMENT_SKIP_UPSSSC_JE