कभी एथनॉल बनाने वाली फैक्ट्री के पास से गुज़र कर देखिए 1 KM के रेडियस में आप सांस नहीं ले पाएंगे ।
बात करेंगे प्रदूषण की ?
EV EV EV इतना चिल्ला रहे है ?
EV की बैटरी बनाने में और उसको डिकंपोज करने जितना प्रदूषण होता है उतना 10 पेट्रोल कार पूरे लाइफ में प्रदूषण करेंगी ।
Law of Conservation of Energy इस सरकार को पढ़ना चाहिए ।
ऊर्जा खर्च करेंगे तो तापमान उत्सर्जित होगा ही होगा।
Yesterday my 3.5 year old car “Skoda Slavia” had to be send for repair as it stopped on the road and would not start properly. Had to be towed to a service station. As per the service station new high mixing of ethanol in petrol damages the fuel pump and it has become a major problem. They on average receive upto 6 to 7 cases a day which may require change of fuel pumps. It seems government has neither thought through nor did any study as to how this new fuel with high ethanol mix will affect the existing cars. Car owner have become the guinea pigs and causing them a lot of financial harm. SAD state of affairs @nitin_gadkari ji
चंपत राय जी का सब बात कर रहा है लेकिन अनिल मिश्रा जी का चर्चा नहीं है।
इनका पुत्र “रवि मिश्रा” को कुछ समय पहले मंदिर के मुख्य द्वार के पास दुकान मिला - “श्री रामभोग” नाम से मिष्ठान और रेस्टोरेंट चल रहा है।
इनके घर पर SBI अधिकारी जहाँ ट्रस्ट का अकाउंट है, वो किराए पर रह रहे हैं।
इतने सारे रेड फ्लैग लेकिन सब मौन 🤐
कोषाध्यक्ष स्वयं नैतिकता के किस मानदंड के आधार पर बैठे हुए हैं? कोष में ही डाका पड़ा और वह वक्तव्य-वक्तव्य खेल रहे हैं?
पूरा बोर्ड भंग होना चाहिए क्योंकि ये सब के सब चोर हैं या अंधे हैं। यदि चोर नहीं हैं तो पद पर रहने के योग्य नहीं हैं क्योंकि यह डकैती चलती रही और ये सोते रहे।
खुद मांस-मच्छी खाएँगे
लेकिन स्कूल में बच्चों को अंडे 🥚 नहीं खाने देंगे?🤔
Eggs are excellent source of protein, vitamins & amino acids !🙏
#MidDayMeal#School
ग़रीबों के लिए 5 किलो वाले LPG गैस सिलिंडर पर सरकार तो चंद सौ रुपये की सब्सिडी देती नहीं और देखिए
केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री को कृषि मंत्रालय से अपनी ककुंबर फ़ार्मिंग के लिए 99.03 लाख रूपए की सब्सिडी मिल गई! Indian Express की रिपोर्ट में तो यही छपा है
बिहार में भरत तिवारी की हत्या हुई है, पुलिसिया हत्या! ये तो अब सब कह रहे हैं चाहे वो संवेदनशील नेता हों या पुलिस अधिकारी। लेकिन इस मामले पर जिस तरह के बयान #जीतनराम_मांझी@jitanrmanjhi ने दिए हैं वो निहायत ही असंवेदनशीलता का प्रदर्शन है…. दरअसल माँझी की राजनीति सिर्फ उनकी अपनी जाति के बहाने चलती है और वो अपनी जाति को भी ठग लेते हैं .. बेटे-बहु-समधन तो सदन पहुँचाते हैं और जनता को कहते हैं झाल बजाओ ..
चंपत राय ट्रस्ट का गिरोह ऐसा अनैतिक है कि इन लोगों ने अभी तक मंदिर परिसर से स्वयं को अलग नहीं किया है। ये वहीं जमे हुए हैं।
हर दिन ऐसी कहानियाँ आ रही हैं कि हमारी चाँदी की 200 ईंटें रख लीं, रसीद नहीं दिया; हमारी कागभुशुंडी की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया; हमारे सोने की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया…
ये लोग इतने आरोपों के उपरांत भी न तो ट्रस्ट से सांकेतिक रूप से हट रहे हैं, न इसका खंडन कर रहे हैं। पर हाँ, भाजपा-संघ आदि ने अब त्यागपत्र, पद से हटने की परंपरा समाप्त कर दी है।
चार छोटे लोग हटा दिए जाएँगे, सही जवाबदेही कभी तय
नहीं हो पाएगी।
Bangalore auto walas are brutal to innocent people!
Hoping to earn their livelihood, two young boys from a village just reached SMVT railway station. They took an auto to Attibele as they wanted to go to Hosur.
After the ride, the auto driver demanded ₹3000 just for 35 km???
In distress, they called me, but the driver snatched their mobile and now has it - not attending calls. They are here for the first time. @blrcitytraffic@BlrCityPolice Any help would be appreciated. I can share the mobile numbers if they can be tracked.
#bangalore #help
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में पहुँचे बड़े बड़े लोगों..राम कथा के नाम पर करोड़ों कमाने वाले कथावाचकों..खुद को सबसे बड़ा राम भक्त साबित करने की होड़ में लगे लोगों में से किसी की भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है अभी तक..राम मंदिर में हुई डकैती को लेकर(चोरी तो अब छोटा शब्द है)..इन सबका हिसाब भी राम ही करेंगे एक दिन 🙏 दरअसल राम के नाम पर कमाए हुए पैसे,जीवन की महत्वाकांक्षाओं ने इस तरह से मूंह बंद कर दिया है सबका कि अब राम नाम पर हुई लूट पर बोल नहीं पा रहे हैं बेचारे..
#rammandirayodhya
“राम नाम पर लूट है,लूट सके तो लूट “
अब तक इतने खुलासे हो गए हैं कि अब बचाव के सारे तर्क समाप्त हो गए लेकिन नए खुलासे जारी है।
न्यूनतम काम जो अब तक हो जाना चाहिए था वह था कि ट्रस्ट को भंग कर दिया जाता। कैसे वही ट्रस्ट अभी भी सक्रिय रह सकती है जिसके साये में इतना बड़ा पाप ही गया।
श्री चंपत राय कट्टर रामभक्त हैं, पर CCTV का बैकअप क्यों नहीं लिया?
श्री चंपत राय दो ही धोती पहनते हैं, पर सहायक टिन्नू यादव करोड़ों का सोना-हार ले कर कभी रसीद नहीं देते!
श्री चंपत राय ने मंदिर आंदोलन में रक्त-स्वेद बहाया, पर चढ़ावे का कोई ऑडिट नहीं करवा पाए!
श्री चंपत राय कारसेवकपुरम की कुटिया में रहते हैं, पर जाँच होने तक पद से हट नहीं पा रहे हैं।
किस्मत अच्छी थी, बच गए…!
ये वीडियो हाजीपुर का बताया जा रहा है। एक स्थानीय पत्रकार का आरोप है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरें चलाने के बाद देर रात प्रशासन और पुलिस की टीम उनके घर पहुंची।
तलाशी ली गई, शराब की जांच हुई, यहां तक कि ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट भी कराया गया। लेकिन शराब सेवन की पुष्टि नहीं हुई।
अब सवाल उठ रहा है—क्या यह सामान्य जांच थी या फिर सवाल उठाने वाले पत्रकार पर दबाव बनाने की कोशिश?
प्रशासन का पक्ष भी सामने आना चाहिए, ताकि सच सबके सामने आ सके।
#hajipur #journalist
Booked an AC service through Urban Company.
AC was working fine. Compressor was starting normally.
Technicians arrived and immediately claimed there was “no gas”. I told them it was working completely fine. I refused any gas refill and asked them to perform only the service.
After servicing, they cancelled/refunded the job from their end and asked me to pay ₹500 directly instead of the app payment.
I was alone at home with my young child and didn’t want an argument with two technicians inside my house, so I paid.
Now the compressor is not starting at all.
The service has been marked as refunded/cancelled, the refund hasn’t reached me yet, and my AC has stopped working immediately after the visit.
Urban Company:
Why was the service cancelled after work was already performed?
Why was I asked to pay cash separately?
Why is my AC not working after your technicians left?
Who is accountable for the damage?
I want an immediate investigation, technician audit, and resolution.
This has been an extremely disturbing experience and, at this point, I have lost all trust in the platform.
@urbancompany_UC@UC_Assist
मेरे पड़ोस की एक अम्मा मुझे हर बार बोलती कि हमारे बैंक पैसे काट लेती है! वृद्धा पेंशन कम मिलती है! आज अम्मा की पेंशन निकलवाने मैं एक SBI के CSP केंद्र पर गया !
अम्मा को 500 रुपए निकलवाने थे अंगूठा लगवाकर उसने पैसे दे दिए ! लेकिन पासबुक प्रिंट नहीं की मैने कहा भाई इसे प्रिंट कर अम्मा के पैसे हर बार ज्यादा कट रहे हैं मैं भी देखूं बैंक किस बात का चार्ज ले रही है!
वो बहाने बनाने लगा मैने मोबाइल निकाला और वीडियो बनाना शुरू कर दिया ! बहस होने लगी फिर उसने प्रिंट किया तो उसमें 1000 रुपए की निकासी प्रिंट हुई ! मैंने पूंछा कब से कर रहा है ऐसा ?
वहां मौजूद और भी महिलाएं कहने लगीं हमसे भी बोल देता था कि बैंक ने अपना टैक्स काट लिया तो कभी बोलता इस बार कम आए हैं! हंगामा बढ़ता देख उसने शटर गिरा दिया !
वहां भीड़ इकठ्ठा हो गई मैने कहा सबके पैसे वापिस कर वरना पुलिस बुलाऊंगा और वीडियो ट्वीट करूंगा ! ट्विटर का नाम सुनते ही वो हाथ जोड़ने लगा ! फिर उसने सबके पैसे वापिस किए !
भविष्य में ऐसा न करने की कसम खाई! CSP सेंटर वाले गांव की भोली औरतों को खूब लूट रहे हैं! इसलिए अपनी दादी अम्माओ के साथ एक जागरूक युवा जरूर जाना चाहिए..? काफी मिन्नतों के बाद मैने वीडियो डिलीट कर दिए !
भारत ने अप्रैल में कच्चा तेल खरीदा 114 $ के भाव पर. मई में 106. जून में औसत है 92. 16 जून 2026 को भारत की खरीद में कच्चे तेल का भाव था 78.66.
सवा सौ डॉलर वाला दौर बहुत पीछे छूट चुका है. पंप पर पेट्रोल कब सस्ता होगा?
आंकड़ों का स्रोत - भारत सरकार
https://t.co/axvc9PJgvk
आपका नाम अश्विनी वैष्णव है।
आप रेल मंत्री हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर “रील मंत्री” के नाम से ज्यादा फेमस हैं।
अब आपने भरोसा दिलाया है कि IRCTC की खराब वेबसाइट 30 दिनों में अपडेट हो जाएगी।
वही IRCTC, जहां टिकट से पहले यात्री CAPTCHA से कुश्ती लड़ता है।
वही IRCTC, जहां तत्काल बुकिंग 10 बजे शुरू होती है और उम्मीद 10:01 पर दम तोड़ देती है।
वही IRCTC, जहां लॉगिन फेल, OTP लेट, पेमेंट हैंग, पैसा कट और अंत में नतीजा - वेटलिस्ट या रिग्रेट।
पिछले 3,037 दिनों से यात्री वेबसाइट पर बुलेट ट्रेन नहीं मांग रहे।
वे बस इतना चाहते हैं कि टिकट बुक करते समय सिस्टम इंसानों जैसा काम करे , सरकारी दफ्तर जैसा नहीं।
डिजिटल इंडिया में एक ट्रेन टिकट बुक करना अगर UPSC प्रीलिम्स जैसा लगने लगे , तो समस्या यात्री की नहीं , सिस्टम की है।