@myogiadityanath श्रीमान omicron का खतरे से देश के लोग अभी उभर भी नही पाए है और उसका दूसरा सब वेरिएंट BA.2 भी दस्तक दे चुका है जिसका प्रभाव महाविद्यालय ,और यूनिवर्सिटी के शिक्षण पर भी देखा जा सकता है।
@myogiadityanath श्रीमान omicron का खतरे से देश के लोग अभी उभर भी नही पाए है और उसका दूसरा सब वेरिएंट BA.2 भी दस्तक दे चुका है जिसका प्रभाव महाविद्यालय ,और यूनिवर्सिटी के शिक्षण पर भी देखा जा सकता है।
@CMOfficeUP@Rmlau_Ayodhya@anandibenpatel@UPGovt
महोदय,
कोरोना की तीसरी लहर से कॉलेज अनियमित रूप से खुले तथा कक्षाये भी अनियमित रूप से चलीं जिस कारण से पढ़ाई भी अच्छे स्तर पर बाधित रही। ऐसी स्थिति में परीक्षा करवाने से विद्यार्थी अपना शत प्रतिशत परीक्षा में नही दे पाएंगे।
@CMOfficeUP@Rmlau_Ayodhya@anandibenpatel@UPGovt इस मामले में प्रयागराज विश्वविद्यालय ने प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट करके एक सराहनीय कार्य किया है,पर अवध विश्वविद्यालय ने इस विषय पर कोई संज्ञान नहीं लिया है जबकि ऐसी स्थिति में 1st year व 2nd year के छात्रों को प्रमोट करना ही बेहतर विकल्प साबित होगा
यदि एक ही राज्य का एक विश्वविद्यालय अपने सभी छात्रों को प्रमोट कर देता है वही दूसरा विश्वविद्यालय पहले विश्वविद्यालय से कम कक्षायें लेकर भी पूर्ण परीक्षाएं करता है तो यह छात्रों के साथ अन्याय या पक्षपात के अलावा और कुछ नही होगा !
हम समान व्यवस्था समान सुविधा चाहते हैं।
परंतु वही राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय जो कोरोना काल में शैक्षिक दृष्टि से पूर्णतया अव्यवस्थित था उसके प्रशासन ने इस विषय पर कोई चिंतन नही किया है , https://t.co/wYNruoLNxI वा B.A. की कक्षाये कोरोना महामारी के कारण स्थागित रही है ऐसे में बच्चों को प्रमोट करना ही उचित है ! (2/n)
@drdwivedisatish@CMOfficeUP@myogiadityanath@myogioffice
श्रीमान, कोरोना की तीसरी लहर का यूनिवर्सिटी की पढ़ाई पर पड़े प्रभाव और अगली लहर के प्रति सचेत होकर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने प्रथम वा द्वितीय वर्ष के छात्रों को अगले वर्ष में उत्तीर्ण करने का सराहनीय कार्य किया है , (1/n)