❤️ मेरे राम...! ❤️🥰🙏🏻
मैं राममय हूँ, आनंदित हूँ, मैं राम हूँ, मैं समय हूँ, मैं ब्रह्म हूँ, हर स्पंदन राममय है, कृतज्ञ हूँ राम, मेरे राम हमारे राम...!❤️ 🙏🏻
( राम मंदिर अयोध्या, प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला के विग्रह के प्रथम दर्शन, करोड़ो की श्रद्धा का स्रोत राम, सबको राम राम.)
किताब
🥰✨️ किताब पढना तो बहाना भर हैं, हर पंक्ति में करीने से लगे शब्दों में वर्णमाला का हर अक्षर तुम्हारी याद दिलाता हैं, हमारी किताब, हमारे सपनो के पन्ने समेटे राह दिखाती किताब, .... न कोई हस्तक्षेप, न कोई शिकवा, बस तुम और मैं... अनंत तक ! ✨️❤️
दफा करो गर हमारे मुकद्दर न मिले,
रूह तक जाती सांसों को ही साझा करो,
लकीरों के गुलाम फिजूल ही मिले,
न हो गर कुछ मुस्कान ही साझा करो,���
( बीते लम्हों के निशान....!) ❤️
गैरज़रूरी हैं सब जहाँ में चंद सांसों के सिबा,
इकतरफा राह में बढ़ना हवाओं के समंदर हैं,✨️
आती मंजिलों को ओर सांसों का लुफ्त लिए जा,
उबलता सैलाब हर पल दिल मे सांसों का सदियों से ,🥰
🥰वो कहती हैँ कि तुम जो लिखते हो बहुत खूब लिखते हो, कभी कभी ऐसा लगता हैं मानो किसी और के लिय लिखते हो,
मैं उन्हें कैसे समझ��ऊ कि हम जो भी लिखते हैं हर लब्ज उनकी आरजू होता हैं, मैं उनकी जिंदगी के कई दौर एक साथ जी रहा हूँ, जो मेरे जीवन के समानंतर हैं पर अलग अलग होते हुए भी एक ही हैं
उ0नि0 श्री रामवीर सिंह, थाना इंदिरापुरम की ड्यूटी के दौरान तबियत खराब होने से दौराने उपचार आकस्मिक मृत्यु होने से पुलिस विभाग को अपूर्ण क्षति हुई है, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गा0बाद एवं पुलिस परिवार द्वारा पार्थिव शरीर को कांधा देकर राजकीय सम्मान के साथ भावभीनी श्रद्धाजंलि दी गई