जब पंजाब में चुनाव था तब साहब ने वहां जाकर फुल नौटंकीबाजी की थी।
लेकिन आज जब वहां बाढ़ आई है तब इनका कोई अता पता नहीं है।
ये चुनाव जीवी व्यक्ति हैं...!!
#JusticeForSchoolsChildren
एक दिन बच्चों से मालूम किया तुम बड़े होकर क्या बनोगे तब बच्चों ने यह कहा
अधिकारी, जिले को संभालेंगे, आर्मी में जाएंगे, मैं पुलिस, डॉक्टर बनूं��ी, इंजीनियर बनूंगा, देश की रक्षा करूंगी, इस बच्चे ने बोला
मैं एक सर बनूंगा
उसको क्या पता स्कूल बंद सपने बंद
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के 27,965 प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज करने का निर्णय न सिर्फ शिक्षा विरोधी है, बल्कि यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 21A, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) और नीति-निर्देशक तत्वों के अनुच्छेद 46, सामाजिक न्याय की मूल भावना का स्पष्ट अवहेलना है।
सरकार की इस नीति से 1,40,000 शिक्षकों, 56,000 शिक्षा मित्रों और 56,000 रसोइयों के पद अप्र��संगिक हो जाएंगे।
यह केवल शिक्षा नहीं, लाखों परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार है।
इस फैसले से सबसे बड़ा नुकसान गाँवों के बच्चों, विशेषकर दलित, आदिवासी, पिछड़े और गरीब तबकों को होगा। जिन स्कूलों को "छोटा" कहकर बंद किया जा रहा है, वे ही गाँवों के बच्चों के लिए आत्मविश्वास, सामुदायिक जुड़ाव और जीवन की बुनियादी पहचान हैं।
जब सरकार कहती है कि "नजदीकी विद्यालय में मर्जर होगा", तो इसका अर्थ यह होता है कि अब बच्चों को 3 से 5 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ेगा। इसका सीधा असर यह होगा कि स्कूल ड्रॉपआउट दर बढ़ेगी, विशेष रूप से बेटियाँ बड़ी संख्या में स्कूल छोड़ने को मजबूर होंगी। इसके परिणामस्वरूप बाल श्रम और बाल विवाह जैसी कुप्रथाएँ फिर से सिर उठाएँगी, और बच्चों की शिक्षा की निरंतरता टूट जाएगी।
अनुच्छेद 21A सभी बच्चों को 6 से 14 ���र्ष की आयु में नि:शुल्क व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है, जिसे RTE Act 2009 की धारा 6 में स्पष्ट किया गया है कि हर बस्ती के पास स्कूल होना राज्य की जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही, अनुच्छेद 46 राज्य को निर्देश देता है कि वह शिक्षा और आर्थिक हितों में अनुसूचित जातियों, जनजातियों और समाज के कमजोर वर्गों का विशेष संरक्षण करें परन्तु यह ��र्जर नीति तो उन्हें और अधिक हाशिए पर धकेलने वाली साबित होगी।
मैं मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से कहना चाहता हूँ कि स्कूल बंद नहीं हो रहे, बच्चों का भविष्य बंद किया जा रहा है। याद रखिए मुख्यमंत्री जी, स्कूल दूर तो बेटियाँ मजबूर!
हम @UPGovt से माँग करते हैं:
1. इस मर्जर नीति को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
2. हर गाँव में संविधान व RTE Act के अनुसार स्थानीय स्कूल की गारंटी दी जाए।
3.शिक्षा में निजीकरण और केंद्रीक��ण के बजाय जन-भागीदारी और विकेंद्रीकरण को बढ़ावा दिया जाए।
"शिक्षा कोई spreadsheet नहीं, यह जीवन का पहला अधिकार है।*
*जिसे मर्ज नहीं किया जा सकता — और न संविधान को मूक दर्शक बनाया जा सकता है।"
#SaveVillageSchools
राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले और क्रान्तिज्योति राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले के महान संघर्ष और समर्पण पर आधारित फिल्म 'फुले' देशभर में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को जन-जन तक प��ुँचाने का सशक्त माध्यम है।
हम @mygovindia से मांग करते हैं कि 'फुले' फिल्म को सभी राज्यों में टैक्स फ्री ��िया जाए, ताकि समाज के हर वर्ग, खासकर महिलाओं, गरीबों और वंचित तबकों तक फुले दंपती के विचार पहुँच सकें।
यह समय है कि हम अपने असली नायकों को सम्मान दें और उनकी प्रेरणा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएं। फुले केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक क्रांति हैं!
जय भीम, जय फुले!
#PhuleTaxFree #समानताकाअभियान #PhuleMovie #SocialJustice #जयफुले
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#AirIndiaExclusiveDeals, #AirIndiaExclusives
आदरणीय श्री चंद्रशेखर आज़ाद जी माननीय सांसद नगीना को @SCSTBTWAUP की ओर से बहुत बहुत साधुवाद कि आपके 21-08-2024 के पत्र में #8_वां_वेतन_आयोग की सिफारिस के लिए माननीय प्रधान मंत्री जी भारत सरकार को पत्र लिखा था।
जो आज हकीकत में बदल गया।
@BhimArmyChief