श्रद्धेय नेताजी मुलायम सिंह यादव जी की पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन। सामाजिक न्याय, गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष और योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏। श्रद्धेय नेता जी अमर रहें 🙏o
कल अपने आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र एवं गोरखपुर सीमा से लगे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों (सेमरी, बेलघाट, शाहपुर, बनकटी, बिसरा आदि) में पहुँचकर आपदा से प्रभावित परिजनों का हाल-चाल जाना व विभिन्न जन-कार्यक्रमों में सहभागिता की। संकट की इस घड़ी में अपने लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना औ��� उनकी आवाज़ बनना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आदरणीय गुरुजी Mp साहब आपकी दूरदर्शिता और जनसेवा के जज़्बे को सलाम, क्षेत्र के विकास के लिए आपका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।
जय समाजवाद
जय अखिलेश
जय धर्मेन्द्र
जब किसी देश का यु���ा अपने भविष्य को बचाने के लिए सड़क पर उतर आए, तो यह केवल छात्रों का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल होता है। शिक्ष���, रोजगार और लगातार हो रहे पेपर लीक जैसे मुद्दों पर युवाओं का यह संघर्ष भारत के भविष्य को सुरक्षित करने का संघर्ष है।
इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी का संदेश लेकर आदरणीया सांसद श्रीमती डिंपल यादव जी के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने आज जंतर-मंतर पहुँचकर प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक जी से मु��ाक़ात की और उनके आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने उनसे आग्रह किया कि वे अपने स्वास्थ्य को जोखिम में न डालें। इस तरह के आंदोलन संवेदनशील सरकारों के सामने ही प्रभावी होते हैं, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार असंवेदनशील और अनैतिक हो चुकी है। इसलिए अब इस लड़ाई को अनशन से आगे बढ़ाकर सड़क से लेकर सदन तक और अधिक मजबूती के साथ तेज करने की आवश्यकता है।
समाजवादी पार्टी शिक्षा, युवाओं के अधिकारों और उनके बेहतर भविष्य की हर लोकतांत्रिक लड़ाई में हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
जब सरकारें सवालों का जवाब देने के बजाय सवाल पूछने वालों को ही हटाने लगें, तो चिंता केवल एक व्यक्ति की नहीं, लोकतंत्र की होत�� है।
सोनम वांगचुक जैसे शांतिपूर्ण अनशनकारी से संवाद करने के बजाय उन्हें बलपूर्वक हटाना यह साबित करता है कि मौजूदा निरंकुश भाजपा सरकार को सवालों और असहमति को सुनना स्वीकार नहीं। लोकतंत्र में विरोध कोई अपराध नहीं, बल्कि जनता का संवैधानिक अधिकार है।
लोकतंत्र संवाद से मजबूत होता है, दमन से नहीं। जो व्यवस्था बातचीत से बचती है और विरोध की आवाज़ को दबाने का रास्ता चुनती है, वह अपने ही लोकतांत्रिक दावों को कमजोर करती है।
शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा दिलवाकर आंदोलनकारियों की माँग को मानकर भी अनशन तुड़वाया जा सकता था। मगर भाजपा की अनैतिक हो चुकी सरकार ने अहंकार के चलते जो कदम उठाया है, उसका परिणाम भारी होगा।
देश की राजधानी दिल्ली ने आज युवाओं के आक्रोश का एक ऐतिहासिक दिन देखा। भाजपा सरकार की शिक्षा-विरोधी और युवा-विरोधी नीतियों के कारण जो गुस्सा धीरे-धीरे युवाओं के भीतर पनप रहा था, वह आज खुलकर सामने आ गया।
देशभर से आए हज़ारों युवाओं को जंतर-मंतर पहुँचने से ��ोकने के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के दबाव में दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने बेरहमी से लाठियाँ चलाईं और आँसू गैस के गोले दागे। बेटियों पर जो कायराना हमला किया गया, वह शर्मसार कर देने वाला था। यह लोकतांत्रिक विरोध के प्रति सरकार के निर्मम, तानाशाही और संवेदनहीन रवैये को दर्शाता है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी के निर्देश पर हम समाजवादी पार्टी के सांसदों ने सदन से लेकर सड़क तक युवाओं की आवाज़ को बुलंद किया। आदरणीया सांसद श्रीमती डिंपल यादव जी के नेतृत्व में सपा के सांसदों ने बैरिकेडिंग पार कर प्रदर्शनकारी युवाओं तक पहुँचने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने हमें हिरासत में लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुँचा दिया। वहाँ भी युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की पीड़ा साफ़ दिखाई दे रही थी।
समाजवादी पार्टी हमेशा नौजवानों के हक़-अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। पढ़ाई और रोज़गार हमारी राजनीति के केंद्र में रहे हैं। युवाओं की शिक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए हम समाजवादियों की आवाज़ सड़क से लेकर सदन तक लगातार बुलंद होती रहेगी।
भाजपा की तानाशाह सरकार को अब ये युवा उखाड़ फेंकेंगे।
आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत मुबारकबाद आप हमेशा इसी तरह मुस्कुराते रहें और सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएं
आदरणीय गुरुजी धर���मेंद्र यादव जी जिंदाबाद आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश भैया जिंदाबाद