UGC गाइडलाइंस की घोषणा - SILENT
रिजर्वेशन 70% तक बढ़ाया गया - SILENT
SC/ST एक्ट सख्त हुआ - SILENT
जाति जनगणना की घोषणा - SILENT
प्राइवेट सेक्टर में रिजर्वेशन को बढ़ावा दिया गया - SILENT
लेकिन जैसे ही जनरल कैटेगरी ने UGC के खिलाफ लड़ना शुरू किया- “हिंदू एकता खतरे में है।”
प्रियंका चतुर्वेदी पहली सांसद थी, जिन्होंने UGC का मुद्दा उठाया।
ना सिर्फ मुद्दा उठाया, बल्कि सरकार को राज्यसभा में झुकाया।
NEET -40 और मेरिट पर उनकी बात भी सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा में रही।
अब जब उनका कार्यकाल ख़त्म हो रहा है, उन्हें एक बेहतरीन सांसद के तौर पर जाना जाएगा।
भारत के करोड़ों मेरिट समर्थक को ऐसी आवाज़ ही चाहिए।
उनके मेहनत और जज़्बे को सलाम किया जाना चाहिये। 🔥
यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडत’ को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म (वेब सीरीज) ’घूसखोर पंडत’ पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बी.एस.पी. की यह माँग। साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना उचित कदम।
Merit पर देखें तो UGC कानून में बदलाव के misuse होने के, पूरे-पूरे chances हैं. ये कहना काफी नहीं है कि सरकार किसी पर ज़ुल्म नहीं होने देगी. लेकिन ये मामला political भी है. ब्राह्मण और राजपूत समाज का vote ज़्यादा नहीं है, इसलिए उनकी अनदेखी की जाती है. ये राजनीतिक दलों की अपनी विवशता है. इसीलिए समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, BSP, सब पर्दे के पीछे से इस issue को हवा दे रहे हैं. ये सोचकर कि इससे बीजेपी को नुकसान होगा. बीजेपी में भी ब्राह्मण समाज के कई ऐसे नेता है जो काफी पहले से कह रहे हैं कि उनके साथ अन्याय हो रहा है. उनको अब एक और बहाना मिल गया है. वो इस मामले का इस्तेमाल pressure बनाने के लिए करेंगे. इसीलिए इस मसले को लटका कर नहीं छोड़ा जा सकता. समाज समतामूलक हो, सबको बराबरी का हक मिले, जिनके साथ पहले अन्याय हुआ है उनका ज़्यादा ध्यान रखा जाए, ये सब ठीक है. लेकिन इसके साथ-साथ अब अन्याय के, harassment के, नए रास्ते न खुलें, इसका भी ध्यान रखना ज़रूरी है वरना आगे जाकर बड़ी problem होगी. #UGCAct #UGCRules #AajKiBaat #MyTake
जाग जाओ रे सर्वणों वरना
पितामह भीष्म को वाणों की सैया इसलिए मिली क्योंकि उन्होंने गलत का साथ दिया या अन्याय होते देखा
बिल्कुल सही कहा दादा अब बो दिन ज्यादा दूर नहीं हैं
जब पतन होगा और कही कही होने भी लगा है
माननीय धर्मेंद्र प्रधान जी, अब तो जाग जाइए
ये राजस्थान का जयपुर है, जहां सवर्ण समाज मशालें लेकर UGC के काले कानून का विरोध कर रहा है
ये वो समाज है, जिसने 3-3 बार लगातार केंद्र में BJP की सरकार बनाने में योगदान दिया है
सवर्णों को मुर्दा समझने की भूल न करिए साहब और #UGC_RollBack कीजिए
#1febbharatband
@dpradhanbjp
गुणों के आधार पर देखा जाय तो UGC कानून में बदलाव के गलत इस्तेमाल होने की पूरी संभावनाएं हैं. ये कहना काफी नहीं है कि सरकार किसी पर जुल्म नहीं होने देगी लेकिन ये मामला राजनीतिक भी है.
ब्राह्मण और राजपूत समाज का वोट ज्यादा नहीं है, इसलिए उनकी अनदेखी की जाती है. ये राजनीतिक दलों की अपनी विवशता है. इसीलिए समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा सब पर्दे के पीछे से इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं, ये सोचकर कि इससे बीजेपी को नुकसान होगा.
बीजेपी में भी ब्राह्मण समाज के कई ऐसे नेता हैं जो काफी पहले से कह रहे हैं कि उनके साथ अन्याय हो रहा है. उनको अब एक और बहाना मिल गया है. इसीलिए इस मसले को लटका कर नहीं छोड़ा जा सकता.
समाज समतामूलक हो, सबको बराबरी का हक मिले, जिनके साथ पहले अन्याय हुआ है, उनका ज्यादा ध्यान रखा जाए, ये सब ठीक है, लेकिन इसके साथ-साथ अब अन्याय और परेशानी के नए रास्ते न खुलें, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है. वरना आगे जाकर बड़ी समस्या होगी. https://t.co/xgJo6WQAK2
@narendramodi जनता को मूर्ख बना वोट बैंक की राजनीत के लिए हिंदू होने का नाटक प्रधामंत्री के लिए शोभीय नहीं। जनता समझ गई है वोट बैंक वाला गौ माता के मांस को निर्यात करने वाला फर्जी हिंदू कौन हैं।
वैसे भी जिनके प्रातः स्मरणीय हिन्दुओं के देवताओं को गरियाने वाला हो वो और हिंदू 🙏 नहीं नवबौद्ध है
🚨Please share 🙏🏻
1 फ़रवरी भारत बंद का ऐलान! 🇮🇳
UGC की नई गाइडलाइंस वापस कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का समय आ गया है।
आइए, इस भारत बंद का समर्थन करें और अपनी आवाज़ बुलंद करें।
सरकार को दिखा दें कि छात्र और देशवासी अन्याय के खिलाफ एकजुट हैं। ✊
@DrKumarVishwas जिस देश में एक वर्ग विशेष को अतीत का हवाला दे देकर मां के पेट से ही उसे अपराधी का सर्टिफिकेट दे ये समाज,तो उस अतीत समाज और अब के समाज में क्या फर्क है।
जो देश विश्व गुरू बनने का सपना देख रहा हैं वो क्या इस तरह से देश को सामाजिक खंड कर करके क्या विश्व गुरू बन सकता हैं।
कभी नहीं..