"संविधान ख़तरे में है, इसे कुछ सत्ता समर्थित लोग नहीं मानते थे. अब एक और सबूत सामने है. लेटरल इंट्री के नाम पर बिना इम्तिहान सीधे जॉइंट सेक्रेटरी बनेंगे. आरक्षण ख़त्म."
- डॉ. लक्ष्मण यादव, लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता | @DrLaxman_Yadav
69,000 शिक्षक भर्ती मामला: "योगी सरकार लगातार नजरअंदाज करती रही क्योंकि यह पिछड़े-दलित वर्ग के भविष्य से जुड़ा मामला था. कई रातें आंदोलनकारी छात्रों के बीच में ही बिताई है..."
- चंद्रशेखर आजाद, सांसद, नगीना
"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही निशां होगा"
कारगिल युद्ध में भारतीय सेनाओं के अदम्य साहस व पराक्रम को शत-शत नमन करते हुए सभी देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक बधाई।
#Kargilvijaydivas
गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र में रेलवे फाटक पर सरे राह दो दलितों को गोली मारने की घटना में एक मृत्यु और दूसरे की हालात गंभीर, घटना बेहद पीड़ादायक और दंडनीय।
योगी आदित्यनाथ जी आपके राज में उत्तर प्रदेश, जंगलराज का पर्याय बन गया जो ज्यादा शक्तिशाली है या जिसके हाथ में हथियार है वो कभी भी उसका इस्तेमाल कर कमजोर की जान ले रहा हैं। अभी तक कोई गिरफ्तारी नही हुई है अगर जल्द गिरफ्तारी नही हुई तो मैं खुद जाकर धरने पर बैठूंगा।
मैं @myogiadityanath जी से हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सख़्त कार्यवाही करने और मृतक के परिजन को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद और जिसकी हालत गंभीर है उसके बेहतर ईलाज की व्यवस्था व 5 लाख रूपए की आर्थिक मदद की मांग करता हूं।
राजस्थान के सलूंबर जिले के जावर माइंस थाना क्षेत्र में तलवार से ताबड़तोड़ हमले में शिक्षक बेटे की गर्दन और पिता का हाथ काटने से बेटे की मौके पर ही मौत और पिता की हालत गंभीर, घटना नृशंसता की भी हदें पार करने वाली हैं।
मैं @RajGovOfficial से सभी हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सख़्त कार्यवाही करने और घायल पिता के बेहतर ईलाज की व्यवस्था करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता व घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करता हूं।
राजस्थान प्रदेश व उत्तर प्रदेश में दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों व मुसलमानों की हत्या बन्द करो।
शंकरलाल मेघवाल के हत्यारों को गिरफ्तार करो।
राजकुमार जाटव के हत्यारों को गिरफ्तार करो।
आज मैने लोक सभा में 3 निम्नलिखित गैर सरकारी विधेयक पेश किए-
1. निजी क्षेत्रों में अनुसूचित जातियों,अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षण की व्यवस्था।
2. अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के बच्चों के लिये आवासीय स्कूल।
3. देश मे सभी बालकों को उच्च एवम् माध्यमिक स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने वाले विद्यालयों की स्थापना।
'भारतरत्न' से सम्मानित देश के 11वें राष्ट्रपति, 'मिसाइल मैन' के नाम से प्रसिद्ध, महान वैज्ञानिक, शिक्षक व लेखक डॉ. ए. पी.जे. अब्दुल कलाम जी के स्मृति दिवस पर उन्हें शत्-शत् नमन।
बिहार के सीतामढ़ी में जनकपुर रोड़ स्टेशन पर जीआरपी जवानों ने बीमार फ़ुरक़ान शेख को इस बेरहमी से मारा कि उसकी आंत ही बाहर आ गई , बेहद पीड़ादायक और दंडनीय।
@NitishKumar मामले को संज्ञान ले सख़्त कार्यवाही करें और फुरकान के बेहतर ईलाज की व्यवस्था करें।
जिस तरह से मौजूदा सरकार निजीकरण को बढ़ावा देकर सरकारी नौकरियों को कम करती जा रही है. बची हुई नौकरियों को भी "लेटरल एंट्री" और ‘NFS’ जैसी साजिशों के माध्यम से बहुजनों की पहुंच से दूर करती जा रही है, ऐसे में आशंका है कि भविष्य में जो बची-खुची सरकारी नौकरियां रह भी जाएंगी उसमें आरक्षण गौण होकर रह जाएगा. इसका सीधा असर वंचित वर्गों व महिलाओं पर पड़ेगा, उन्हें फिर से हाशिये पर धकेल दिया जाएगा वैसे भी सरकारी नौकरियां महज चार प्रतिशत के करीब हैं, ऐसे समय में समाज में गैर बराबरी को दूर करने के परम् पूज्य बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी के सपने को सिर्फ एक ही तरीके से पूरा किया जा सकता है और वो है निजी क्षेत्र में आरक्षण का प्रावधान।
विभिन्न बड़ी कंपनियां जब सरकारों से सब्सिडी और तमाम सहूलियतें ले सकतीं हैं और इन कंपनियों के ग्राहक वंचित समाज के लोग भी होते है तो अपनी कंपनियों में वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दे सकतीं?
इसी सोच के साथ मैंने लोकसभा में एक निजी विधेयक ( प्राइवेट बिल) पेश किया है जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र में सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को आरक्षण दिलाना है।
वैसे तो चुनावी रैलियों में सभी राजनीतिक दल दावा करते हैं कि वे वंचितों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं, इसलिए मुझे उम्मीद है कि बड़े व्यापक स्तर पर जनसरोकारों से जुड़े मेरे इस बिल का समर्थन करेंगे ताकि देश में "सामाजिक-आर्थिक न्याय" को भाषणों से निकाल कर जमीन पर लागू किया जा सके।
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में प्रीमियम IAS कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने से 2 छात्रा और 1 छात्र की मौत बेहद दुखद और चिंताजनक।
चिंताजनक इसलिए क्योंकि केवल लाभ को ध्यान में रख नियमों की अनदेखी कर कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, अभी पिछले ही साल की बात है लापरवाही की वजह से मुखर्जी नगर के एक कोचिंग संस्थान में आग लग गई थी और सम्बन्धित विभागों ने कोचिंग संस्थानों की सुध तक नही ली।
इन बच्चों की ये दर्दनाक मौत प्रशासन पर भी सवाल हैं।
मैं @DelhiGovDigital से मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर सख़्त कार्यवाही और मृतक बच्चों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद देने की मांग करता हूं।
रवि माटोर की दुखद मृत्यु ,ये बताती है कि रोजगार की कमी और गलत सरकारी नीतियाँ, जैसे अग्निवीर योजना, कैसे युवाओं को विदेश में जोखिम उठाने पर मजबूर करती हैं।
सरकार को युवाओं के लिए रोजगार अवसर बढ़ाने चाहिए, परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देना चाहिए और उन एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो झूठे वादों के साथ युवाओं को विदेश भेजती हैं।https://t.co/9cnpARow6B
-:बजट में उठाई मांग:-
बहुजन गरीब कल्याण योजना लागू करो-
बहुजनों यानी SC, ST, OBC वर्गों के 10 करोड़ अत्यंत गरीब परिवारों को चिन्हित करके उन्हें एक लाख रुपए प्रति परिवार सालाना दिए जाएं।
आजादी के 77 साल के बाद भी देश का बहुजन- SC, ST, OBC वर्ग अत्यंत गरीबी के हालात में घुटन का जीवन जीने के लिए मजबूर है। तमाम योजनाओं के बावजूद भी हम अपने इन वर्गों को देश की मुख्य धारा और संसाधनों में उचित हिस्सेदारी नहीं दिलवा पाएं हैं। इस बजट में समाज कल्याण एवं अधिकारिता मंत्रालय का बजट मात्र 13000 करोड़ रुपए है, जो कुल बजट का मात्र 0.27% है, जनजातीय कार्य मंत्रालय का बजट भी 13000 करोड़ रुपए है। इसे भी जोड़ लें तो दोनों का मिलाकर 26000 करोड़ रुपए बनता है जो कुल बजट 48.20 लाख करोड़ रुपए का लगभग 0.54% ही है। जबकि इन वर्गों की जनसंख्या में 80% से ज्यादा हिस्सेदारी है। ये सरासर अन्याय है जिसे बहुजन समाज अब और सहन नहीं करेगा। इन वंचित वर्गों के लिए अब कुछ बहुत बड़ा करना होगा।
मेरा प्रस्ताव है कि इन वर्गों के आर्थिक उत्थान के लिए सरकार एक बड़ी योजना की घोषणा करे। इस योजना में बहुजनों यानी SC, ST, OBC वर्गों के 10 करोड़ अत्यंत गरीब परिवारों को चिन्हित करके उन्हें एक लाख रुपए प्रति परिवार सालाना दिए जाएं। इस योजना पर कुल 10 लाख करोड़ रुपए का खर्चा सालाना आएगा। जो इस बजट का लगभग 20% प्रतिशत होगा परंतु फिर भी यह इन वर्गों की 80% जनसंख्या के अनुपात में यह बहुत कम होगा परंतु एक शुरुआत इससे की जा सकती है। इस क्रांतिकारी योजना से SC, ST, OBC वर्ग के इन करोड़ों परिवारों को आत्मसम्मान का जीवन अवश्य मिल जाएगा।
अब आप प्रश्न ये पूछेंगे कि यह पैसा कहां से आएगा। पिछले दस सालों में ही धन्नासेठो का 16 लाख करोड़ रुपया माफ कर सकते हो, कॉरपोरेट टैक्स घटाकर लाखों करोड़ रुपए का चूना सरकारी खजाने को लगा सकते हो, PLI स्कीम के नाम पर लाखों करोड़ रुपए कॉरपोरेट घरानों पर लुटा सकते हो, उन्हें इंसेंटिव के नाम पर तरह-तरह की छूट दे सकते हो, पिछले 10 सालों में लगभग 120 लाख करोड़ रुपए का कर्जा ले सकते हो, पेट्रोल डीजल पर दस गुना तक एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर वसूली कर सकते हो, RBI से लाखों करोड़ रुपए का डिविडेंट ले सकते हो तो गरीबों को पैसा क्यों नहीं दे सकते।
आज हमारी अर्थव्यवस्था मांग की कमी से जूझ रही है। यदि 10 लाख करोड़ रुपया गरीब बहुजन परिवारों को मिलेगा तो इससे अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी, इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार बढ़ेगा और अंततः सरकार का टैक्स भी बढ़ेगा।
एक लाख रुपए सालाना मिलने से एक झटके में ये 10 करोड़ परिवार गरीबी रेखा से ऊपर आ जाएंगे, इनके बच्चों में कुपोषण खत्म होगा, इन्हें अच्छी शिक्षा मिलेगी, महिलाओं को एक सम्मानजनक जीवन मिलेगा। इससे वास्तव में सबका साथ, सबका विकास का नारा सार्थक होगा। इससे परम् पूज्य बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी के समतामूलक समाज के सपने को साकार करने में भी मदद मिलेगी।
अब चंद लोगों की तराजू से देश के संसाधन नहीं बंटेंगे। अब संसाधनों का बंटवारा संख्या के आधार पर होगा।
ना तो अब 'वोट हमारा, राज तुम्हारा' चलेगा
और ना ही 'वोट हमारा, नोट तुम्हारा' चलेगा।
केरल के वायनाड भूस्खलन में 116 की मौत और 128 लोगों के घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक।
मैं सभी मृतकों को विनम्र आदरांजलि अर्पित करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रकृति से प्रार्थना करता हूं साथ ही मैं @GovKerala से सभी मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद और घायलों के बेहतर ईलाज व पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की मांग करता हूं।
ज़ुल्म के साये में जुबां खोलेगा कौन,
अगर हम चुप रहे तो आख़िर बोलेगा कौन??
जलियांवाला बाग नरसंहार में सैकड़ों निर्दोष भारतीयों के बलिदान के प्रतिशोध स्वरूप माइकल ओडवायर को लंदन जाकर गोली मारने वाले महान क्रांतिवीर शहीद शिरोमणि उधम सिंह जी के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन।