शाबास झारखंड में प्रदर्शन कर रहे लाखों छात्रों ! आपको साधुवाद .. साधु साधु । न बसें तोड़ी , न पुलिस जीप या वैन पलटी , न सरकारी वाहनों के शीशे तोड़े , न वाहन फूंके । पानी की बौछार झेली , आँसू गैस के गोलों से नयन भिगोये , लाठियां खाई पर धैर्य न छोड़ा । सैल्यूट देवेंद्र महतो !
झारखंड ने टुकड़े गैंग को सबक तो बढ़िया सिखाया
कॉकरोच और जेएनयू से लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की कलई खोल दी
उतार दी इन ढपली वालों की नकाब
शहीदों की धरती है यह मातृभूमि
राम कृष्ण और ऋषि मुनियों का देश है
सनातन न मिटा है न मिटेगा
सावधान वामपंथियों
सब जगे हैं सोया कोई नहीं ...
कप्तान राजीव प्रताप रूडी
वरिष्ठ पायलट और दुनिया के एकमात्र सांसद हैं जो विमान उड़ाते हैं
शाहनवाज हुसैन उसी विमान से दिल्ली पहुंचे जिसे रूडी उड़कर लाए
राजनीति का एक चेहरा यह भी है
क्या सठिया गए हैं मोहन भागवत ?
हिन्दुओं को संदेश देने का काम छोड़कर इसकदर सेक्युलरपंथी दिखाना आश्चर्यजनक
कभी लिव इन तो कभी समलैंगिक संबंधों पर बात
कभी जेन जी और जेन अल्फ़ा को पुरानी पीढ़ियों से भी महान बताना
कभी लव जिहाद तो कभी इस्लाम की नई व्याख्या
आखिर चाहते क्या हैं महाराज ?
Gen Z कहें या जेन जी
ये देश के खिलाफ नहीं हैं
सरकार के खिलाफ नहीं साथ हैं
न होते तो न तीन बार सरकार बनती
और न ही 19 राज्यों में सरकार होती
हां यह सच है
Tru Zen Z i of india is with Modi
पेपर कभी लीक नहीं होते
पेपर हमेशा बिकते हैं
अमीर धनकुबेरों के नालायक बच्चे इन्हें खरीदते हैं
इस तरह वे मेहनतकश सामान्य बच्चों का हक़ खा जाते हैं
बाकी बचा खुचा हक़ आरक्षण डकारता है
वे पेपर नहीं खरीदते
उन्हें पता है कि 1 नंबर आए 0 आए या -40
एडमिशन तो फिर भी होगा
हाय रे मिडिल क्लास?
बताइए ! इस उम्र में आकर पता चला कि हम तो Gen बेबी बूमर्स हैं !
हम तो समझते थे कि चार ही अवस्था हैं - ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वानप्रस्थ और संन्यास ।
इस नाते हम संन्यस्थ हैं ।
लेकिन जेन जी और जेन अल्फ़ा ने बता दिया कि महाशय आप हैं बेबी बूमर्स ?
दुनिया AI के युग में जी रही है ।
ईसा से 400 साल पहले सिकन्दर ने भारत पर हमला किया था
छठी शताब्दी में ह्वेनसान और फ़ाहियांन नालंदा विश्वविद्यालय की ख्याति सुनकर यहां पढ़ने आए
10 हजार साल से भारत समुद्री व्यापार करता है
11वीं शताब्दी में महमूद गजनवी भारत को लूटने आया
तो वास्कोडिगामा ने 1448 में कौनसा भारत खोजा ?
काकरोच प्रदर्शन में आए युवाओं के माफी मांगते वीडियोज की सोशल मीडिया पर भरमार है
पीएम मोदी ने भी सैल्फी वीडियो जारी कर गाली देने वालों को माफ कर दिया है
समाज और सोसायटी क्या होते है इन भटके युवक युवतियों को अब पता चला
मित्रों
कालनेमियों से सावधान
ये हर जगह मिलते हैं
एक नहीं हजार..
कंगना राणावत ने आंदोलनकारियों को नहीं इन्हें गटर कहा
युवा पीढ़ी भी इन्हें पसंद नहीं करती
धीरे धीरे सोशल मीडिया से पता चल रहा है कि इनमें से कइयों का अपनी कालोनियों और अपने घराें घुसना मुश्किल हो गया है
खुद इनके मां बाप इन्हें स्वीकार नहीं कर रहे
मकान मालिक घर खाली करा रहे हैं
फिर आंदोलन करेंगे काकरोच
सुप्रीमकोर्ट का आदेश मानने से इनकार
ठीक ही तो है
ये राजनीति है प्यारे खाला का घर नहीं
जो भी इस तरफ से गुजरा
कभी लौट के न आया ....
एक तरफ घोर उच्छृंखल संस्कार विहीन कथित लिबरल पीढ़ी
और दूसरी तरफ प्राचीन मूल्यों को साथ लेकर प्रगति मार्ग पर आगे बढ़ती सांस्कृतिक पीढ़ी
फर्क तो दिखता है
जब चुनाव आते हैं
फर्क पड़ता भी है
जिन्हें भक्त कहकर सभ्यता का उपहास उड़ाते हो
याद रखना वही वोटर
सरकार लाता है
फिर भी लाएगा...
एक्ट्रेस ने सवाल तो तीखा पूछा
अभिजीत दीपके से नहीं आया कोई जवाब ?
वैसे पंजाब और कर्नाटक पेपर लीकेज पर केजरीवाल और राहुल गांधी के जवाब आने तो चाहिएं
वरना धर्मेंद्र प्रधान में ही खोट क्या था ?