उत्तर प्रदेश की राजनीति में यदि किसी नाम ने तीन दशकों तक अपनी अलग पहचान बनाए रखी है तो वह है जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के संस्थापक और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया"।
बीते दिनों कुछ पारिवारिक मतभेदों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई और उन मतभेदों के आधार पर “अवैध शस्त्र” जैसे बेबुनियाद आरोप गढ़कर मीडिया और विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया।
लेकिन सच सबके सामने है। राजा भइया और उनके सहयोगियों के पास जो भी शस्त्र हैं, वे पूर्णतः वैधानिक व लाइसेंसी हैं, जिनका रिकॉर्ड सरकार और संबंधित विभागों के पास दर्ज है। “अवैध शस्त्र” का आरोप कोई नया नहीं है। मायावती सरकार के दौरान भी ऐसे आरोप लगाए गए थे और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद माननीय न्यायालय ने राजा भइया को पूरी तरह निर्दोष करार दिया। आज दोबारा वही बातें उछालना विपक्ष की हताशा और मीडिया की गैर-जिम्मेदारी को ही दर्शाता है।
असलियत यह है कि राजा भइया की बढ़ती जनस्वीकृति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उनकी बढ़ती राजनीतिक नजदीकियां विरोधियों को असहज कर रही हैं। जनाधार की ताकत से मुकाबला न कर पाने वाले दल अब पारिवारिक अनबन को हथियार बनाकर उन्हें बदनाम करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। सवाल उठता है कि अगर वास्तव में कोई “अवैध शस्त्र” मौजूद होता तो पिछले 20 वर्षों में कभी न कभी यह तथ्य सामने क्यों नहीं आया?
मीडिया का एक हिस्सा भी इस षड्यंत्र का हिस्सा बनता दिख रहा है। बिना तथ्य जाँचे, बिना दस्तावेज देखे, केवल उत्तेजना और टीआरपी के लिए झूठी कहानियाँ गढ़ी जा रही हैं। यही जल्दबाजी कभी Outlook जैसी अंतरराष्ट्रीय पत्रिका को 27 साल बाद माफी माँगने पर मजबूर कर चुकी थी। दुर्भाग्य से वही गलती कुछ चैनल आज दोहरा रहे हैं।
राजनीति में असहमति और मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन पारिवारिक मामलों को उछालकर उन्हें राजनीतिक हथियार बनाना लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है। विपक्ष को सोचना चाहिए कि जिस समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल के पति की हत्या जैसे मामलों में खुलेआम अपराधियों का संरक्षण किया, वह आज न्याय और नैतिकता का ढोंग रच रही है।
सच्चाई यही है कि राजा भइया आज भी उसी निडरता और बेदाग छवि के साथ जनता के बीच खड़े हैं, जैसे हमेशा खड़े रहे हैं।
जनता जानती है कि यह विवाद महज़ एक पारिवारिक अनबन है, जिसे सुलझाने की क्षमता परिवार के भीतर ही है। इसमें विपक्ष और मीडिया का दखल सिर्फ यह साबित करता है कि उनके पास जनता के मुद्दों पर बात करने के लिए अब कुछ भी बचा नहीं है।
राजा भइया न तो आरोपों से डरते हैं और न ही राजनीति के इन गंदे हथकंडों से। वे आज भी जनता की सेवा और सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए पहले से कहीं अधिक दृढ़ता के साथ खड़े हैं। यही उनका उत्तर है विपक्ष, अफवाह फैलाने वाले मीडिया और उनकी साजिशों को।
#rajabhaiya
#राजाभैया
#RajaBhaiya
#Jansattadal
जौनपुर के दिलचस्प त्रिकोणी मुकाबले में @MLCBrijeshSingh जी किस तरफ से हैं...
इस बात पर कोई पत्रकार बात नहीं कर रहा ....
कुछ इस बारे में भी बताया जाए @Saurabh_LT @pankajjha_@up
@arvindchotia चोटिया जी तस्वीर दर्दनाक तो है, लेकिन क्या सारे सुबूत जो कह रहे, पुलिस की जांच में कुछ नहीं आया , आज चुनाव के जो परिणाम आए उसका क्या, उन सबको दरनिकार कर सिर्फ आसुओं पे फैसला लेना या पक्ष लेना सही है...
सिर्फ किसी महिला के आंसू पे सच को तो nhi बदला जा सकता न....
रामायण में "थलाइवा" @rajinikanth का स्वागत करने का सौभाग्य मिला।वे देश के सबसे बड़े महानायक हैं लेकिन केवल फिल्म जगत में ही नहीं अध्यात्म और भक्ति के क्षेत्र में भी वे उन्नत अवस्था में हैं।
उन्हें बाबा विश्वनाथ की विभूति, दिनकर जी की रश्मिरथी और गोमुख का गंगाजल सादर भेंट किया।
Its was a real honor and our privilege to host the Superstar of Indian Cinema @rajinikanth , who apart from being among the most versatile actor, is also a very noble and pious soul.
Looking forward to watch his latest movie #Jailer
आज बाबा हौदेश्वर नाथ धाम, शाहपुर (कुंडा) में आयोजित निर्मल समाज के भंडारे में पहुंचे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री राजा भइया जी।
आज बाबा हौदेश्वर नाथ धाम, शाहपुर (कुंडा) में आयोजित निर्मल समाज के भंडारे में पहुंचे मुख्य अतिथि जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री राजा भइया जी।
पहलवानों का मुद्दा कुछ था ही नहीं, पर BJP और अनुराग ठाकुर जैसे फर्जी नेताओ की बजह से एक झूठ मामला इस हद तक पहुँच गया।
सरकार अगर शुरू में ही इन झूठे खिलाड़ियों पर सख्त रहती तो आज ये मामला यहां तक नही पहुँचता।
लेकिन सरकार तो ऐसे फर्जी मुद्दों पर खापों से डील तक कर रही है।