भाजपाई-आरएसएस गुंडों का यह क्रूर चेहरा समाज को पूरी तरह शर्मसार करने वाला है।
बेटियों के सम्मान और सुरक्षा पर ऐसा अमानवीय और बर्बर प्रहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!
यदि कल तक इन उपद्रवी गुंडों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो @CPDelhi का घेराव किया जाएगा!
@DelhiPolice
#jantarmanatar
राहुल गांधी
नेहा बोरा
अभिजीत दीपके
ध्रुव राठी
सब ठीक है।
लेकिन जब तक चंद्र शेखर इस आंदोलन में सड़क पर नहीं उतरता तब तक तुम दिल्ली का दि तक नहीं हिला सकते। लिख कर रखलो।
36,000 करोड़ रुपये का एक्सप्रेसवे बारिश में डूब गया।
सड़क बनी है या सरकारी पैसों का जलमार्ग?
जाता हुआ मानसून भी भाजपाई विकास की असली तस्वीर दिखा गया।
सवाल यह है माननीय @nitin_gadkari जी से, बरसात में इस पर गाड़ी चलेगी या किश्ती?
दावे आसमान में, सड़कें पानी में!
@mygovindia@MORTHIndia
व्यक्तियों को कुचल कर वो, विचारों को नहीं मार सकते।
देशभक्ति, पराक्रम एवं बलिदान के अद्वितीय प्रतीक शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें क्रांतिकारी सलाम।
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में स्थिति को समय रहते नियंत्रित नहीं किए जाने से उत्पन्न हालात का निशाना छात्रों को बनाया गया है। रात के अंधेरे में पुलिस लाठीचार्ज और पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा भी छात्राओं के साथ बल प्रयोग व अभद्रता की खबरें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं।
यह कार्रवाई उस समय हुई, जब कुछ छात्र कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित बलात्कार के मामले को लेकर विरोध कर रहे थे। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को तत्काल दबाने का दबाव बनाया।
ऐसे संवेदनशील मामले में छात्रों की शिकायतों को सुनने, तथ्यों की जांच करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के बजाय विरोध कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
कैंपस में छात्रा के साथ कथित बलात्कार की शर्मनाक घटना ने मन में गंभीर चिंता पैदा की है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्रों से अपील है कि वे शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ अपनी आवाज उठाएं तथा कानून के दायरे में रहकर जवाबदेही की मांग करें।
उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद के नवयुग मार्केट स्थित आंबेडकर पार्क में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों-वंचितों और महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान और न्याय के प्रतीक, विश्वरत्न परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा से छेड़छाड़ करने का कृत्य न केवल कायरतापूर्ण और दण्डनीय है, बल्कि उनके समस्त मानवतावादी अनुयायियों की भावनाओं को आहत करने वाला है।
प्रशासन द्वारा दुस्साहसियों पर कठोर कार्यवाही होने के कारण ऐसे कृत्य आए-दिन हो रहे हैं। यह नफ़रत केवल मूर्तियों तक सीमित नहीं, यह बहुजन समाज के आत्मसम्मान , इतिहास और भविष्य पर हमले है।
हम @UPGovt से माँग करते हैं:
दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो और उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए।
क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्र नई और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए।
बाबा साहेब का अपमान,
नहीं सहेगा बहुजन समाज।
माननीया बहिन जी द्वारा आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग, EVM और नगीना लोकसभा चुनाव के संबंध में मेरे बारे में कही गई बातों को मैंने सुना।
खैर, बहनजी का लिखित प्रेस नोट कहीं से भी लिखकर आया हो, लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि जो लोग कभी कहते थे, “कौन चंद्रशेखर?”, उन्हें इस देश की जनता ने बता दिया कि हमारे लिए लड़ने वाला, सड़क पर संघर्ष करने वाला चंद्रशेखर कौन है।
मुझे खुशी है कि अब माननीया बहनजी ने यह मान लिया है कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एक बड़ी ताकत बन गई है।
माननीया बहिन जी के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है। उसी सम्मान के साथ उनसे कहना चाहता हूं कि
नगीना की जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मुझे 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना। मेरे लिए यह केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि नगीना की जनता के भरोसे और प्रेम की जिम्मेदारी है। इस जनादेश के लिए मैं नगीना की जनता का सदैव ऋणी रहूंगा।
चुनाव प्रक्रिया और EVM की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है। मैं स्वयं भी चुनाव प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव की मांग करता रहा हूं। लेकिन नगीना की महान जनता ने जिस प्रेम और विश्वास के साथ मुझे अपना प्रतिनिधि चुना, उस जनादेश को किसी षड्यंत्र से जोड़ने से उन लाखों मतदाताओं की भावना भी आहत होती है, जिन्होंने अपने विवेक से मतदान किया।
मेरी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर नहीं, बल्कि बहुजन समाज के सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के संघर्ष पर आधारित है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन बहुजन समाज के बीच संवाद, सम्मान और भाईचारा बना रहना चाहिए।
माननीय बहिन जी के प्रति मेरा सम्मान कल भी था, आज भी है और आगे भी सदैव रहेगा। आपके आशीर्वाद की प्रतीक्षा हमेशा रहेगी।
बस अंत में इतना कहना चाहता हूं कि माननीया बहिन जी आपके आशीर्वाद से हमारी पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) है, आजाद समाजवादी पार्टी नहीं।
सादर जय भीम! जय भारत!
जिला फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्र आज फिर मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हैं।
28 जुलाई को हुए आंदोलन के बाद सरकारी आश्वासन मिला, लेकिन पेयजल तक की व्यवस्था सरकार नहीं करा सकी, एक ट्रस्ट को आगे आना पड़ा। शौचालय, बिजली, पंखे, फर्नीचर, पढ़ाई और जर्जर भवन की समस्याएं भी बनी हुई हैं।
आज आंदोलन के दौरान छात्रों को कॉलेज में रोकने और उनके साथ मारपीट की बात सामने आई है, जो बेहद चिंताजनक और निंदनीय है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ,बच्चे कोई विशेष सुविधा नहीं मांग रहे हैं, वे अपने विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मांग रहे हैं।
@UPGovt तत्काल छात्रों की शिकायतों की जांच कराए, मारपीट के आरोपों की निष्पक्ष जांच करे, विद्यालय की मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त कराए और जर्जर भवन की सुरक्षा जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
सरकारी आश्वासन के बाद भी बच्चों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए बार-बार सड़क पर उतरना पड़े, यह सरकारी व्यवस्था की गंभीर विफलता है।छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए।
@dmfatehpur
आज जिला शामली की विधानसभा थाना भवन में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली शामली की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
जिला गाजियाबाद के नंदग्राम में IIT की तैयारी कर रहे दलित छात्र आयुष प्रताप सिंह की 28 दिसंबर 2025 को हुई मृत्यु के मामले में उनके पिता, वायुसैनिक श्रद्धेय खजान सिंह जाटव जी, पिछले कई महीनों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पुलिस कमिश्नर को तीन बार प्रार्थना पत्र देने के बाद करीब साढ़े पांच महीने में 17 जून 2026 को एफआईआर दर्ज हुई। पिता का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों में हत्या की आशंका स्पष्ट होने के बावजूद दोषियों को बचाने के लिए मामले को सड़क दुर्घटना के रूप में दर्ज किया गया।
एफआईआर में आठ अभियुक्त नामजद हैं, लेकिन चार महीने बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। खजान सिंह जी इस मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी से दो बार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी, मंत्री असीम अरुण जी, मंत्री बेबी रानी मौर्य जी, सांसद अतुल गर्ग जी और विधायक संजीव शर्मा जी से मिल चुके हैं। इसके बावजूद परिवार को न्याय नहीं मिला।
पिता का आरोप है कि पुलिस ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी को भी यह कहकर गुमराह किया कि मामला खुल गया है। मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, जब एफआईआर में आठ अभियुक्त नामजद हैं और उपमुख्यमंत्री @brajeshpathakup जी तक को मामले की गलत जानकारी दी जा रही है, तो सवाल है कि पुलिस आखिर किसके दबाव में काम कर रही है और उसे किसका संरक्षण प्राप्त है?
@UPGovt इस मामले की तत्काल निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराए, सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच हो और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एक वायुसैनिक अपने बेटे की मौत का सच और न्याय मांग रहा है, उसे केवल आश्वासन नहीं बल्कि न्याय चाहिए।
@NCSC_GoI
जिला मुजफ्फरनगर के खतौली निवासी यश कुमार सैनी के परिजनों ने कल मुझसे मुलाकात कर अपने बेटे को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। परिजनों के अनुसार, यश कुमार 27 अप्रैल 2026 को बैंकॉक के रास्ते डिलीवरी बॉय की नौकरी के लिए रूस गए थे और बाद में उनके वोल्गोग्राद में हिरासत में लिए जाने की जानकारी परिवार को मिली।
परिवार ने आशंका जताई है कि उन्हें रोजगार के नाम पर गुमराह किया गया हो सकता है। भाषा की बाधा के कारण यश कुमार को वर्तमान परिस्थितियों में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में भी कठिनाई हो रही है। परिजनों ने उनकी कुशलक्षेम की तत्काल जानकारी, कांसुलर एवं कानूनी सहायता तथा दुभाषिए की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
इस संबंध में मैंने माननीय विदेश मंत्री @DrSJaishankar जी को भी पत्र लिखकर मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से यश कुमार की स्थिति की तत्काल पुष्टि कराने, आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा उनकी सुरक्षित रिहाई और सकुशल भारत वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।
यश कुमार का मामला अकेला नहीं है। करीब एक महीने पहले कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता के संबंध में भी रूस में हिरासत और रूसी सेना में शामिल होने के दबाव की जानकारी सामने आई थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 227 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था, जिनमें 51 की मृत्यु हुई है। आजमगढ़-मऊ के 13 युवकों के मामले में भी रिपोर्ट के मुताबिक 10 की मृत्यु हुई है। कुछ परिवारों को अपने परिजनों के शव तक नहीं मिल पाए और उनके पास टोपी, झंडा तथा मृत्यु प्रमाणपत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
इन घटनाओं को देखते हुए @mygovindia को रूस के समक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठाना चाहिए और रोजगार के लिए विदेश गए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा ऐसी परिस्थितियों में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
यश कुमार सैनी रोजगार की तलाश में रूस गए थे। उनके परिवार को अपने बेटे की सुरक्षित वापसी का इंतजार है। सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
@MEAIndia
आज जिला सम्भल की विधानसभा चंदौसी में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली संभल की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
छह साल पहले आज ही की सुबह जब देश-दुनिया सोकर उठ रही थी, तब हाथरस से आई उस खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया था। रात के अंधेरे में 2:45 बजे हाथरस की बेटी बहिन मनीषा वाल्मीकि के शव का भारी पुलिस बल द्वारा परिवार की इच्छा के विरुद्ध अमानवीय ढंग से जबरन अंतिम संस्कार करा दिया गया। जिस परिवार को अपनी बेटी को अंतिम विदाई देने का अधिकार था, उसे ही उससे वंचित कर दिया गया। यह उनके सम्मान और मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन था।
छह साल बाद भी मनीषा का परिवार न्याय, सुरक्षित आवास और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है। 2022 के आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने पर अगस्त 2026 में हाईकोर्ट को फिर हस्तक्षेप करते हुए सरकार को तीन महीने के भीतर परिवार को गाजियाबाद या नोएडा में पुनर्वासित करने और एक सदस्य को रोजगार देने का निर्देश देना पड़ा।
छह साल पहले मनीषा को न्याय नहीं मिला और माननीय उच्च न्यायालय के बार-बार आदेश के बावजूद छह साल बाद भी उनका परिवार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। जिस परिवार ने अपनी बेटी खोई, उसे न्याय और सम्मान के लिए भी वर्षों तक संघर्ष करना पड़े, इससे बड़ा सवाल सरकार की जवाबदेही पर और क्या हो सकता है?
बहिन मनीषा, तुम्हारे साथ हुआ अन्याय कभी नहीं भूलेंगे।
छत्तीसगढ़ में मांझी जनजाति के गरीब परिवारों की नाबालिग बेटियाँ गरीबी, बेरोजगारी और बदहाल सामाजिक परिस्थितियों के बीच 3 हजार से 12 हजार रुपये तक में बेची जाने को मजबूर हैं। कई परिवारों को यह तक पता नहीं कि उनकी बेटियाँ कहां हैं।
हमारे रहबर मान्यवर कांशीराम साहब ने अपने फटे कोट पर सवाल किए जाने पर कहा था कि मेरा कोट फटा है तो क्या हुआ, मेरे समाज की लाखों गरीब औरतों की सलवारें इससे ज्यादा फटी हैं और उनके पास उन्हें सिलने के लिए न सुई है, न धागा। साहेब के इस कथन में सदियों से दबे-पीड़ित समाज का दर्द और उसकी वास्तविकता समाई थी।
आज मैनपाट की मांझी जनजाति की बेटियों की यह स्थिति उसी सामाजिक और आर्थिक पीड़ा की भयावह तस्वीर है। यह केवल गरीबी की समस्या नहीं, बल्कि सरकार की गंभीर विफलता है।
सरकार तत्काल इन बच्चियों को सुरक्षित वापस लाए, पूरे मामले की जांच कर दोषियों और बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई करे तथा मांझी जनजाति के परिवारों के लिए शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करे।
बेटियों का बचपन बिक रहा है। इससे बड़ी सरकार की विफलता और क्या होगी?
आज जिला बरेली की विधानसभा बरेली केंट में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली बरेली की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027