प्रात: स्मरणीय, महान स्वाभिमानी, क्षत्रिय कुल भूषण, हिंदुआ सूरज, सत्य सनातन धर्म की आन-बान-शान, माँ भारती के वीर सपूत, वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की 480वीं जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
#MahaRanaPratapJayanti#Maharanapratap#maharana
अगर रविन्द्र सिंह भाटी राजनीति में नहीं आते, तो कई यूट्यूबर आज भी "कंटेंट की तलाश" में घूम रहे होते।
कुछ लोगों की पूरी दुकान ही "भाटी" के नाम पर चल रही है।
सुबह भाटी, दोपहर भाटी, शाम भाटी... और महीने के अंत में YouTube की कमाई भी भाटी।
जिस दिन भाटी पर वीडियो नहीं बनता, उस दिन कई चैनलों का एल्गोरिदम भी मानो शोक में चला जाता है।
सच तो यह है कि कुछ लोगों के लिए रविन्द्र सिंह भाटी नेता कम, और कमाई का सबसे बड़ा "कंटेंट पैकेज" ज़्यादा हैं।
भाटी नाम नहीं... कई चैनलों की करेंसी है।
वाह रे भाटी, तुम बेरोजगारों के मसीहा हो।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने ओम बन्ना मंदिर के लिए, भूमि आवंटन के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित, आभार समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पाली जिले के चोटीला स्थित श्री ओम बन्ना मंदिर के विस्तार एवं सुव्यवस्थित विकास के लिए, राज्य सरकार ने भूमि आवंटित की है। यह निर्णय मंदिर परिसर के समग्र विकास को नई गति देगा, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करेगा और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी सशक्त बनाएगा।
@BhajanlalBjp
#आपणो_अग्रणी_राजस्थान
अगर आप की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के पास है…
40 मीटर के अंदर नया मकान नहीं बना सकते…
75 मीटर के अंदर नया ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट या अन्य व्यावसायिक निर्माण नहीं कर सकते…!!
75 मीटर तो चढ़ावे में गई समझो…
देख सकते हो सिर्फ़ अपनी ज़मीन को…!!
🌿 नदियों को साफ़ मत कीजिए,
बस उन्हें गंदा करना बंद कर दीजिए
वे खुद ही अपने आप को साफ़ कर लेंगी
🌳 जंगल मत उगाइए,
बस पेड़ काटना बंद कर दीजिए
प्रकृति फिर से हरियाली लौटा देगी
🇮🇳 देशभक्ति के भाषण मत दीजिए,
बस अपने कर्तव्यों से मुँह मोड़ना बंद कर दीजिए देश अपने आप मज़बूत हो जाएगा
साथियों, राज्यपाल महोदय स्वयं महाराष्ट्र से आते हैं, हमें इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है। अपनी मातृभाषा से प्रेम करना अच्छी बात है, लेकिन महामहिम को यह समझना होगा कि वे महाराष्ट्र के नहीं, बल्कि राजस्थान के राज्यपाल हैं! ऐसा लगता है कि महामहिम को राजस्थान की भाषा और यहाँ की संस्कृति समझ नहीं आ रही, इसीलिए उन्होंने सोचा कि चलो राजस्थान पर मेरी खुद की भाषा ही लागू कर देता हूँ! राजस्थानी भाषा को दरकिनार करके, उसे नीचे रखकर, मराठी भाषा को प्राथमिकता देना राजस्थान के करोड़ों युवाओं और छात्र शक्ति के स्वाभिमान पर सीधा प्रहार है!हम इस मंच से साफ कर देना चाहते हैं कि हम किसी भी भाषा का अपमान या अनादर नहीं करते। भारत की सभी भाषाएं हमारे लिए पूजनीय हैं, और राजस्थान का दिल इतना बड़ा है कि यहाँ हर भाषा के लिए हमेशा द्वार खुले हैं। लेकिन हमारा विरोध इस पक्षपातपूर्ण रवैये से है!एक तरफ सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि स्कूलों में राजस्थानी भाषा अनिवार्य करो, प्रदेश का युवा सालों से मांग कर रहा है कि हर यूनिवर्सिटी में राजस्थानी विभाग खोलो—तब तो सरकार और राजभवन की फाइलें आगे नहीं बढ़तीं! और जैसे ही महाराष्ट्र सरकार से प्रस्ताव आता है, राज्यपाल जी तुरंत सक्रिय हो जाते हैं और उसे सब जगह लागू करने का आदेश दे देते हैं! क्या राजस्थान की यूनिवर्सिटीज राजस्थान के युवाओं के लिए हैं या अपनी पसंद की भाषाएं थोपने के लिए?आज इस पुतला दहन के माध्यम से हम राजभवन तक यह साफ संदेश पहुँचाना चाहते हैं: 'पहले मायड़ भाषा का सम्मान करो, फिर किसी और भाषा की बात करो!' हमारी मांग सीधी है—अगर मराठी के केंद्र खुलेंगे, तो उससे पहले राजस्थान की हर एक यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा का पूर्ण विभाग अनिवार्य रूप से खुलना चाहिए! अगर हमारी भाषा को उसका हक नहीं मिला, तो यह छात्र आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि और उग्र होगा!राजस्थानी भाषा को उसका हक दो!छात्र शक्ति ज़िंदाबाद! इंकलाब ज़िंदाबाद!"
#RajasthanUniversity
#ShubhamRewarRU
वीडियो असम का बताया जा रहा है। एक हाथ अपने घर को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। असम चाय बागानों को बड़ा करने के लिए बड़े वन क्षेत्रों को व्यावसायिक इस्तेमाल के साथ जोड़ा जा रहा है।
आज इस आवाज में दर्द है...
राजवीर सिंह चलकोई को हम सुनते रहे हैं। उनकी बोली में हमेशा एक खनक रहती है अल्हड़पन झलकता है। मैंने इस पूरे वीडियो में देखा कि वो बात कहीं भी नहीं है। क्यों?
क्योंकि हमारे आत्मसम्मान पर चोट ही हुई है
राज्यपाल महोदय ने एक आदेश जारी कर राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी के केंद्र खोलने के लिए कह दिया है। दूसरी तरफ वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे लोग अभी तक राजस्थान के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी के केंद्र नहीं खुलवा पाए हैं। स्कूलों में राजस्थानी की पढ़ाई शुरू नहीं करवा पाए हैं। राजस्थान की राजभाषा नहीं बनवा पाए हैं। पीड़ा तो है। सच्ची है। झलकेगी ही। छलकेगी ही।
राजस्थान वालों के चेहरे पर ऐसा जोरदार झापड़ मारा गया है, जिसका अहसास तो हुआ है लेकिन आत्म गौरव खो चुके लोग यह तय नहीं कर पा रहे कि रिएक्ट क्या करना है और कैसे करना है। इस पीड़ा को सभी सुनें और और सोचें कि हम अभागे लोग कहां खड़े हैं?
वीडियो साभार @republic
यह लड़की जिस भी यूनिवर्सिटी में पहुंचेगी
छात्र संघ अध्यक्ष से कम कुछ नहीं बनेगी
जालोर के मेंगलवा गांव स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र-छात्राओं का विरोध प्रदर्शन।
वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड जाने, उसके माता-पिता के उसके साथ जाने और हर मैच से पहले उसके नाम की हाइप बनाने के बाद भी, उसे अवसर न देना, बताता है कि मुंबई लॉबी या BCCI प्रतिभा की जगह PR को अधिक अहमियत देती है।
IPL में जिसने पाँच अवार्ड बटोरे, उसकी जगह वर्ल्ड कप के नगीनों को, जो IPL में इससे बेकार ही खेले, उसको दोनों मैच खेलाया जो अपनी जगह परफॉरमेंस के आधार पर तो नहीं ले सकते।
अब माहौल बनाया जा रहा है कि इंग्लैंड के विरुद्ध खेलने को उतारा जाएगा। संभव है कि कुछ लोग यह अवसर उसे यदि देंगे भी तो केवल इसलिए कि वह वहाँ की घसियाली पिच पर असफल हो जाए, और यह कहा जा सके कि ये तो केवल फ्लैट-ट्रैक बुली है।
जिसने स्टार्क-हेजलवुड-बुमराह-आर्चर आदि को सोंट-सोंट के छक्के मारे हों, उसे कोई भी लॉबी कितना ही दबा ले, वो उदीयमान हो कर रहेगा।
ऐतिहासिक क्षण !
दशकों का इंतजार हुआ समाप्त, शेखावाटी को मिली यमुना जल की सौगात।
माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी तथा माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री @CRPaatil जी की गरिमामयी उपस्थिति में हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP जी के साथ यमुना जल परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन हेतु एमओए (MOA) पर हस्ताक्षर किए।
बीकानेर जिले के देशनोक में स्थित करणी माता मंदिर आस्था, श्रद्धा और अद्भुत परंपराओं का अनूठा संगम है। मां करणी को समर्पित यह विश्वप्रसिद्ध मंदिर अपनी दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा और यहां पाए जाने वाले हजारों काबा (चूहों) के लिए विशेष पहचान रखता है।
संगमरमर से निर्मित मंदिर की भव्य वास्तुकला, कलात्मक नक्काशी और भक्तिमय वातावरण श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां मां करणी के दर्शन कर सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।
Vaibhav Suryavanshi को नहीं खिलाकर 800 सौ करोड़ रुपये कमा लिया BCCI-
300 करोड़ रुपये ICC कमा लिया।
जितना Vaibhav Suryavanshi का यूज़ करना था- कर लिया
Vaibhav Suryavanshi के नाम से T20 मैच का टिकट बेचा, टिकट sold out हो गया।
399 रुपये का 50 लोग भी Sony Live का subscription नहीं लिए हुए थे;
Vaibhav Suryavanshi को देखने के लिए India vs Ireland T20 series के लिए 17 करोड़ लोगों ने Sony Live का 399 वाला subscription लिया।
Ireland का ground कभी full नहीं होता था। आज सबसे ज़्यादा crowd है, पूरा stadium pack है, सिर्फ Vaibhav Suryavanshi को देखने के लिए।
Vaibhav Suryavanshi को लेकर BCCI ने ऐसा माहौल बनाया, इससे सभी को लगा Vaibhav Suryavanshi खेलने वाला है।
BCCI सभी सोशल मीडिया हैंडल पर 50 से ज्यादा वीडियो डाल चुका है
Vaibhav Suryavanshi का एक-एक video social media पर डाला, jersey देने से लेकर Team India का पहला practice session, पूरा focus Vaibhav Suryavanshi पर था।
सिर्फ इसलिए टिकट बेचना था।
Cricket पैसों का खेल है, तुम लोग नहीं समझोगे। जब Vaibhav Suryavanshi को मैच नहीं खिलाएगा !
बच्चे हमारी बातों से नहीं, हमारे व्यवहार से सीखते हैं।
अगर बेजुबान जीव अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकते हैं, तो हम इंसानों की जिम्मेदारी और भी बड़ी है।
अच्छे संस्कार दें, क्योंकि बच्चे वही बनते हैं जो वे रोज़ देखते हैं।
#अच्छेसंस्कार#GoodValues#Parenting#Inspiration
ऑटोमोबाइल सेक्टर भारतीय ग्राहकों के साथ बहुत ग़लत कर रहा है…
भारत में छोटी डीज़ल गाड़ियाँ ग़ायब कर दी गई हैं…
कुछ साल पहले तक कम बजट वाले ग्राहक भी डीज़ल गाड़ी का शौक़ पूरा कर सकते थे…
मारुति सुज़ुकी स्विफ़्ट से लेकर हुंडई की आई 20 तक…
सब गाड़ियों के डीज़ल विकल्प आते थे…
जो 6-7 लाख तक मिल जाते थे…
लेकिन आज आपको कोई डीज़ल गाड़ी लेनी है…
तो कम से कम 15 लाख का बजट चाहिए…!!