@rajveershe48908@piyushbstc@RPSC1 शेखावत जी इस देश में एक भेड़ चाल चल रहा है जिसमें आप भी शामिल हो ये फाइनल कट ऑफ नहीं है ,मेरिट लिस्ट अलग होगी,आप कम से कम फाइनल कट ऑफ का इंतजार करे एक अलग ही जादू दिखेगा
@piyushbstc@LaxmiNa07950563@RPSC1 भाई आपको किस गधे ने दिया है चलिए आप ये बताए BVSc,कॉलेज में जाने के लिए क्या करना होता है ,ओर एक पशुचिकित्सा डिग्री के लिए कितनी विषय का अध्ययन करना पड़ता है
@nitishk14534695@LaxmiNa07950563@piyushbstc@RPSC1 नीतीश कुमार पशुचिकित्सा में 17 सब्जेक्ट होती है 5.5 साल में जिनको 50% के साथ पास करना पड़ता है ,आपको कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए भी neet क्वालीफाई करके मेरिट में आना पड़ता है
@nitishk14534695@LaxmiNa07950563@piyushbstc@RPSC1 भाई होना चाहिए मिनिमम इस बात का समर्थन है लेकिन फिर ओबीसी जो आपको -7 दिख रहा है वही आपको 40% से ऊपर दिखेगा ओर फाइनल कट ऑफ जब आप देखोगे तब ओबीसी का 40% यानी 60 मार्क्स से ज्यादा ही रहेगा ,आप उस विषय के ऊपर कमेंट कर रहे है जिसका ज्ञान नहीं है आपको
@NeerajS44656989@AmitYaddav इसी पैसे से जुड़ा हुआ हूं जनरल से फॉर्म भरा है ,फाइनल कट ऑफ में ओबीसी ओर जनरल में 15 से 20 मार्क्स का अंतर आएगा ,ews कि 100 सीट थी और बंदे 365 ,ओबीसी की सीट 210 बंदे 2100 ,आप को जिस प्रोफेशन की समझ नहीं उसके बारे में विचार करना भी व्यर्थ है
@SARITA_BISHNOI2 BVSc क्या है मैडम पता है ? आप चपरासी की तुलना डॉक्टर से कर रहे हो क्योंकि आपकी मानसिकता 4th ग्रेड की है ये फाइनल कट ऑफ नहीं है ये भी नहीं पता आपको
@Vivekpa78340662@AmitYaddav बाकी डॉक्यूमेंट के लिए 2 गुना ज्यादा लेना होता है इसलिए कुछ माइनस वाले भी आ गए लेकिन जब फाइनल रिजल्ट आएगा तो ओबीसी 65 से 70 रहेगा
@Vivekpa78340662@AmitYaddav ये चयन की लिस्ट नहीं है ये डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए नहीं है फाइनल कटऑफ ओबीसी की 65 से 70 ,जनरल की 75 से 80 रहेगी ,1100 के लिए 2800 कैंडिडेट ने एग्जाम दिया था इसमें से 400 apearing वाले थे इसलिए अब 2400 बचे और कुछ जनरल सके जिनके 64.77 से कम थे वो बाहर हो गए
ब्रजभाषा को बचाने के लिए आज सैपऊ धौलपुर के युवाओं ने निकाला मशाल जुलूस...
धन्य हैं ब्रज के लाल धौलपुर के युवा...अपने भविष्य और रोजगार के लिए ऐसी जागृति आवश्यक है...
#ब्रजभाषा_बचाओ#नहीं_चाहिए_राजस्थानी_भाषा@BhajanlalBjp
धौलपुर जिले के बाड़ी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कहा कि वे राजस्थानी के नाम पर मारवाड़ी भाषा नहीं पढ़ेंगे, क्योंकि उनकी मातृभाषा ब्रजभाषा है। इससे पहले बसेड़ी में भी इसी मुद्दे को लेकर विरोध सामने आया था। युवाओं ने अपनी भाषा और सांस्कृतिक पहचान को लेकर आवाज बुलंद की।