@PMOIndia ,
अटलजी, क्यों सारे ?
2024 को ध्यान में रखकर,
आदेश पारित करें,
निर्मला सीतारमण, ज्यादा gst ,राजस्व के लांच मे,देश के असंगठित रिटेलर व्यापारी वर्ग को, इन्स्पेक्टर राज लाकर नाराज कर रही है। सरकार वादा खिलाफी व विश्वास घात कर रही है।
कर्नाटक से सबक ले।
#ashwañi kumar, Railway minister,
वन्दे भारत, बनारस से दिल्ली,
24/12/2025 को 3 बजे चलनी थी। जो 8.15 पर चली। अब 10.30 पर न्यू दिल्ली के आउटर पर रेंग रही है।
क्यों मोदी जी के संसदीय क्षेत्र का मजाक उडवा रहे हो।
निरंकुश हो चली वन्दे भारत।
@realDonaldTrump , रूस-यूक्रेन युध्द ,
इजराइल- फिलिस्तीन युद्ध, चल रहा है।
हथियारों की बिक्री जारी है।
शान्ति वार्ता जारी है।
नोबेल पुरस्कार की मांग की जा रही हैं।
अजीब संयोग है।
@realDonaldTrump ,पगला गया है, टोटका डृम्प।
भारत कोई हलवा नहीं।
जिसे कोई सिरफिरा धमका सकें।
आजका भारत मोदी का आत्मनिर्भर भारत है।
मुंह की खानी पड़ेगी।
समय गवाह है कि बड़बोलापन ज्यादा दिन नहीं चलता।
डृरम्प का स्टेटस,मुनीर जैसे आतंकवादी जैसा ही है। जयहिंद
गाजा स्टंट पर मूकदर्शक मोदी सरकार -सोनिया गांधी।
दैनिक जागरण में प्रकाशित, सोनिया गांधी का लेख,जिस किसी से भी लिखवाया गया है,वह उसकी मोदी के प्रति घोर घृणा को दर्शाता है। राष्ट्रीय विवेक पर कलंक, कायरता पूर्ण विश्वास घात, संवैधानिक मूल्यों के कर्तव्य की उपेक्षा, शर्मनाक चुप्पी,
#adityanath yogi cm u.p,मेरठ रजिस्ट्री कार्यालय में सब्जी मण्डी जैसा माहौल।
करोड़ों का राजस्व देने वाले नागरिकों को गर्मी में पंखा भी मयस्सर नहीं
@ DM meerut.अव्यवस्थाओ की भरमार।
जीएसटी काउंसिल ने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य बीमा पर लगने वाले 18प्रतिशत,कर के बारे में, कोई राहत नहीं दी।यह अमानवीय कर है।
ऐसा लगता है कि समिति में शामिल सदस्यों के अपने बूढ़े मां-बाप भी नहीं है।
एक वरिष्ठ नागरिक।
अब केजरीवाल को, दिल्ली की किसी दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ना चाहिए।
चूंकि संदीप दीक्षित को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
ये भाजपाई बहुत शातिर हैं।
भाजपा मतदाता,संदीप को जीता सकते हैं।
केजरीवाल सावधान।
जय हिन्द
@narendramodi ,1971में, बंगला देश की आजादी की मांग करने वाली जनसंघ व आर एस एस के नेतृत्व में, दिल्ली में व्यापक प्रर्दशन हुआ था।
आज वैसा ही आन्दोलन, बंगला देशी हिन्दूओं की रक्षा के लिए क्यों नहीं।
क्या इंदिरा गांधी से मांग करने वाले,सत्तामद में मौन क्यों,