वादा निभाव @BPSCOffice 46882 पोस्ट पर विज्ञापन जारी करो,,, @samrat4bjp रोज रोज नया वादा नया नियम,,,, @mkrtiwari_bjp पहले से जो अधियाचना BPSC को गई है उतनी बहाली का विज्ञापन जारी करें,, वरना एक बड़े छात्र आंदोलन और कोर्ट केस झेलने को तैयार रहे।
@DileepY51270176
रौशन आनंद सर ने कहा है कि,
"किसान कोल्ड स्टोरेज का मालिक और फैजल खान ने मिलकर मेरे भाई प्रिंस यादव की हत्या की है,
जब मैं बाहर था तो मेरे भाई के साथ क्यों कुछ नहीं हुआ और जब मैं जेल गया तो इन लोगों ने मेरे भाई की हत्या करवा दी।"
साथ ही रौशन आनंद सर ने यह भी कहा है कि फैजल खान ने झूठ बोला गुमराह किया और हमें फंसाया गया।
आधी रात रोशन आनंद के घर सहरसा पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव रोशन आनंद के भाई प्रिंस का संदेहास्पद मौत नेपाल के विराटनगर होटल में हुई थी शोकाकुल परिवार से मिले पप्पू यादव श्रद्धांजलि अर्पित की
ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई की हत्या पर तेज प्रताप यादव ने कहा -
ये हत्या खान सर के द्वारा कराया गया है। ये क्लियर है, इसलिए उनको बचाया जा रहा है।
प्रिंस राज हत्याकांड में सम्राट चौधरी, अशोक चौधरी, बिहार पुलिस की भूमिका पर सबको संदेह है।
न्याय के पक्ष में आवाज बुलंद करने के लिए श्री @yadavtejashwi जी का आभार 🙏🏻
खान सर को खुदा मानते हो तो 5-7 मिनट निकालकर वीडियो देख लो, आंख खुल जाएगी।
सबसे बड़े कोचिंग माफिया हैं ये जानते हो तो कोई बात नहीं, उतनी समझ ऑलरेडी बन गई होगी।
40 हजार और 75 हजार के UPSC कोर्स देकर, सिलेक्शन 0.1% से भी कम करवा पाने वाले माफिया की ब्रांडिंग ऐसे हुई है जैसे सस्ती शिक्षा का संसार बना दिया है।
@shubhankrmishra@KapilSharmaK9 और @SrBachchan ने paid या unpaid ऐसा प्रचार करवाया कि हमें भी लगा उनकी बात सही है।
अब जब खुद मीडिया में बोले अपनी आंखों से देखा हूं 7-8 राउंड गोली चली है, अगले दिन फुटेज आई तो पलट गए; पता चल गया किसकी गुंडागर्दी चल रही है।
अंजना बनाम टीचर्स एक अलग पॉलिटिकल मुद्दा है।
एडमिशन सीजन में कोचिंग माफियाओं का आपसी गैंगवार बिल्कुल अलग मुद्दा।
रौशन सर कोई दूध के धुले नहीं होंगे, ऐसे ही होंगे मगर इतने पावरफुल तो नहीं है, तभी जेल चले गए।
उनके भाई जो पूरी कोचिंग की जिम्मेदारी देखते थे नेपाल में छुपे थे अब उनकी अचानक मौत हो गई है।
सुनिए दोनों ग्रुप के एक साथी शिक्षक ने क्या बताया समझाया है, कमोबेश स्थिति यही है।
@samrat4bjp और @yadavtejashwi सब जानते हैं सबकी सच्चाई कौन कितना नोबेल है मगर शिक्षकों को सपोर्ट इतना है कि गैंग्स ऑफ़ क्लासेपुर खुलेआम चल रही है।
@bihar_police जांच तो चल ही रही होगी कि रौशन आनंद के भाई की मौत कैसे हुई वो एक अलग मसला है मगर इसकी जांच कब होगी कि कैसे पटना में खुलेआम गैंगवार चल रही है!
एक तरफ फैजल खान वीडियो बना कर श्रृद्धांजलि दे रहा है और कह रहा है की हमसे जो भी मदद होगा करेंगे।
लेकिन वहीं दूसरी तरफ उसका वकील रौशन आनंद के जमानत का विरोध कर रहा था।
सही में ये बंदा बहुत बड़ा दोहरा चरित्र वाला है।
रौशन आनंद सर को जेल और भाई की नेपाल में ह*त्या
रौशन के ऊपर दुखो का पहार टूट गया ...
भगवान इस दुःख के समय मे उनके परिवार को हिम्मत
दे ,,
फैजलवा झूठ बोलके बर्बाद कर दिया रौशन सर को ।
#Raushaanandsir#Bihar#Patna
शिक्षा मंत्री जी के कहे अनुसार #TRE4 का Notification जुलाई महीने में अगर नहीं आता है, तो मंत्री जी को इस्तीफा दे देना होगा।
10 लाख अभ्यर्थी मंत्री जी के कहे अनुसार जुलाई का इंतज़ार कर रहे हैं कि मंत्री जी हर हाल में #TRE4 का Notification जुलाई महीने में दे देंगे।
पटना ,बिहार
पुलिस परीक्षा में ट्रेन लेट हो गई
जिसके कारण बहुत से अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे पाए
सरकार जितनी मुस्तादी से चुनावी
मैनेजमेंट करती है
काश इतनी ही मुस्तादी से
अभ्यर्थियों के लिए भी मैनेजमेंट करती 🙏
आम आदमी का बच्चा यही झेलेगा? किसी माननीय या अफसर का सुपुत्र जाएगा इस भीड़ में?🧐
अरे दूर सेंटर भेजते ही क्यों हो जब वहाँ पहुंचने लायक प्रबंध करने की हैसियत नहीं है सरकार?
हिंसा ग़लत है, पर इस बर्बाद व्यवस्था पर Bihar के ज़िम्मेदार जवाब देंगे?
#Bihar@samrat4bjp
पटना, बिहार
ये छात्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए ट्रेन पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
ज़रा हालात तो देखिए, भगदड़ जैसी स्थिति में लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
जब आप बुनियादी ढांचे और रोज़गार की बजाय हज़ारों वोटों और धर्म को वोट देते हैं, तो यही होता है।
बिहार में आज सरकारी नौकरी से बड़ा अभिशाप और कुछ नहीं है और इसको अभिशाप बनाने का पाप बिहार सरकार के ही माथे है. वो बिहार सरकार जिसको पिछले एक दशक से सिर्फ खुद की ही परवाह रही है, बाकी जनता मरे जैसे मरना हो !
पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर बीती रात जो कुछ भी हुआ, वो इसका जीवंत प्रमाण है.वैसे सिर्फ यही घटना क्यों, आप गूगल कर लीजिए, बीते 5 सालों में एक भी ऐसी सरकारी भर्ती परीक्षा नहीं हुई है बिहार में जिसमें बवाल न हुआ हो, जिसपर सवाल न हुआ हो.
बिहार मद्य निषेध कांस्टेबल, जेल वार्डर और मोबाइल स्क्वाड भर्ती परीक्षा 2026 के लिए मात्र 4,236 पदों पर भर्ती निकाली गई थी. इसमें मद्य निषेध सिपाही की 1,685 सीटें, जेल वार्डर की 2,417 सीटें और मोबाइल स्क्वाड कांस्टेबल की 108 सीटें शामिल हैं. लेकिन मात्र 4 हजार भर्तियों के लिए लाखों बच्चों ने आवेदन किया, अब इसको अभिशाप नहीं कहियेगा तो क्या कहिएगा!!
फिर इस अभिशाप का पाप बिहार सरकार के माथे भी कैसे है वो समझिए. अब हजारों भर्तियों के लिए लाखों आवेदन आए, बोर्ड के पास पैसा आया, इसके समानांतर पटना के सरकारी नौकरी का लड्डू बांटने वाले मास्टरों ने अलग माल कमाया. वैसे होना तो ये चाहिए था कि जब इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवेदन आए थे तो परीक्षा को ठीक ठाक अंतराल में कराए जाने पर विचार करना था लेकिन ऐसा नहीं किया गया क्योंकि फिर इतने में पेपर लीक हो जाने का भी डर था... तो बस भेड़ बकरियों की तरह सीटी मार के बुला लिया गया सभी बेरोजगार बिहारियों को सरकारी सिपाही बनने के लिए...
अब नतीजा पूरा देश देख रहा है.
देख भी रहा है कि नहीं !
#bihar #biharmangehisab #पाटलिपुत्र_स्टेशन #Patna
पटना स्टेशन पर परीक्षा देने पहुंचे युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा!
ट्रेनें लेट, भीड़ बेकाबू और व्यवस्थाएं ध्वस्त—देखते ही देखते स्टेशन रणक्षेत्र में बदल गया। पथराव, तोड़फोड़, आंसू गैस और हवाई फायरिंग तक की नौबत आ गई।
सवाल ये है कि लाखों युवाओं की परीक्षाओं के दौरान ऐसी अव्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?