मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी आपसे पिछले 4.5 सालो से हर जगह #संविदाकर्मी नियमित करने की उम्मीद लेकर मिलते है व ज्ञापन देते है
परन्तु अभी तक आपने 2018 के चुनावी घोषणा पत्र का वादा पुरा नही किया है
दूसरी तरफ आप सरकार रीपीट करने की बोल रहे हो
#संविदा_नही_नियमित_करो_गहलोतजी
पहले भरोसा था कि गहलोत साहब कह रहे हैं तो निश्चित संविदाकर्मियों के दिन अच्छे आएंगे,यह कहां पता था कि संविदाकर्मियों का इतना बुरा हाल करेंगे,ओर पीछे धकेलेंगे,अब इनसे और पार्टी से विश्वास ही ऊठ गया,इतना धोका क्यों,क्या यह गलती थी कि सरकार बनादी2018में....@RahulGandhi ji
सयुंक्त संविदा संघर्ष समिति के सदस्य व प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण जसरापुर के नेतृत्व में बीकानेर निदेशालय में शुरु किया महापड़ाव।
नियमितीकरण की है मांग।
@SanvidaBerojgar
@RahulGandhi जी ने सही कहा है केवल योजनाओ से काम नही चलेगा
इसलिए चुनावी घोषणा पत्र का वादा पुरा करो संविदा कर्मियों को नियमित करो @ashokgehlot51
10-15 सालो से कार्यरत संविदाकर्मियो को पुन 5 साल के लिए संविदा पर ही लगाया जारहा है उसके बाद सेवाए समाप्त हो जायेगी
संविदा कर्मचारियों के हित में नियमों में शिथिलता देकर स्थायीकरण के सम्बंध में,
एकमात्र ज्ञापन जो एक सुत्री मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।
इस मांग से अब नियमितीकरण दूर नहीं।?
उस ज्ञापन में वो क्या एक मांग रखी है 1 लाख 10 हजार संविदा जरूर देखे
👇👇
https://t.co/KvmPlBpPyZ
संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा संविदा कर्मियों के स्थायीकरण की मांग को लेकर फिर जयपुर के शहीद स्मारक पर आंदोलन, मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र चौधरी ने कहा- कांग्रेस ने वादा किया था कि हमारी सरकार आई तो हम समस्त संविदा कर्मियों को नियमित करेंगे अभी तक नहीं किया।
#Rajasthan@RajCMO
बिल्कुल सही कहा @priyankagandhi जी आपने ऐसा ही राजस्थान मे संविदा कर्मियों के साथ किया है 2019 मे कमेटी बनाई थी संविदा कर्मियो को नियमित करने के लिए परन्तु अब तक एक भी संविदाकर्मी को नियमित नही किया है केवल संविदा से पुन:संविदा पर ही लगा रहे है
2018 घोषणा पत्र का वादा पुरा करो
पहले 2018 घोषणा पत्र वादा संविदाकर्मियों को नियमित करने का निभाये क्योकि 2018 मे एक लाख दस हजार संविदाकर्मियों के परिवार सहित 10 लाख वोट मिले थे
ओर बीजेपी से 1.54% का अंतर था वो संविदाकर्मी के ही वोट थे
अब भी जागो सरकार वादा निभाओ
https://t.co/BHC0y2kvck