#WamanMeshram
राजमाता,लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी के 301 वें जन्म जयंती के अवसर पर सभी मूलनिवासी बहुजनों को हार्दिक बधाइयां.
Bamcef Org. II Bharat Mukti Morcha
A voter awareness campaign under Special Intensive Revision (#SIR2026) was launched in Udala (ST) Assembly Constituency. The programme was flagged off by the Sub-Collector-cum-ERO in the presence of Deputy Collector, Assistant Collectors, officials, staff and local residents.
In Hardoi, Uttar Pradesh, members of the Maurya community are being stopped from installing a statue of Gautama Buddha on their own private land. Under pressure from hindutva forces, the administration is denying them even this basic democratic and constitutional right.
What makes this even more shocking is that Uttar Pradesh’s Deputy Chief Minister, Keshav Prasad Maurya, himself comes from the Maurya community, yet the voices and rights of his own people are being crushed in broad daylight.
रांची के नामकुम प्रखंड स्थित गोविंदपुर गांव में आदिवासी परिवार आज भी गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर है। एक तरफ विकास के दावे, दूसरी तरफ इंसान और पशु एक ही डोभा का पानी पी रहे है। जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही आवश्यक है।
https://t.co/djLbZUNb9X
The arrest of Adivasi activists for peacefully protesting against the destruction of Great Nicobar, Sijimali Hills, and the Hasdeo forests is deeply condemnable and shameful. Those raising their voices to protect water, forests, land, the environment, and their constitutional rights are being treated like criminals, while corporate interests continue to receive a free hand. In a democracy, peaceful protest is a fundamental right of every citizen, yet the voices of Adivasi communities are being suppressed through repression and arrests. This is not only an attack on Adivasi rights, but also on democratic values and the spirit of the Constitution.
#WamanMeshram
भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा,राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद, राष्ट्रीय गुरु घासीदास सतनाम क्रांति मोर्चा के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय जन जागृति महासम्मेलन व रैली के दौरान पत्रकार से चर्चा करते हुए।
Bamcef Org. II Bharat Mukti Morcha
लगता है आम नागरिक अब देशभक्ति को कुछ ज़्यादा ही गंभीरता से लेने लगा है। बस उसने पूछ लिया—
जनता “सोना मत ख़रीदो, तेल कम खाओ” वाली देशभक्ति निभाए,
और हुकूमत विदेश यात्राओं व PR पर खुलकर खर्च करे?
ऐसे सवाल ANI और PTI के कैमरों में दिखाई नहीं देते,
क्योंकि वहाँ देशभक्ति का मतलब सवाल नहीं, सिर्फ़ ताली है।
भाजपा सरकार के मुताबिक़ अब पेट्रोल पंप पर तेल नहीं, “देशभक्ति” भरवाई जा रही है.
11 दिन में 4 बार दाम बढ़ाकर सरकार ने तय कर दिया है कि राष्ट्रप्रेम सस्ता नहीं होना चाहिए.
क्या आपको भी लगता है की उच्चतम और उच्च न्यायालय में जब तक सभी वर्गों ( एस सी, एस टी, ओबीसी,अल्पसंख्यक,महिला और अनारक्षित) लोगो को, उनके लोकसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधीत्व बहाल नहीं होता
है तब तक लोगों के मताधिकार की रक्षा करना सम्भव नही और उनपर अन्याय और अत्याचार होते रहेंगे ?
राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा का पांचवा राष्ट्रीय अधिवेशन
स्थान:- सुंदरय्या विज्ञान केंद्रम ट्रस्ट, बाग लिंगमपल्ली, हैदराबाद, तेलंगाना में 27 सितंबर 2026 को बामसेफ एवं भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मान्यवर वामन मेश्राम साहब की अध्यक्षता में होगा!
मथुरा में दलित समाज की बेटियों की शादी में जिस तरह बारातियों को पीटा गया, वह सिर्फ गुंडागर्दी नहीं, व्यवस्था की जातिवादी मानसिकता है।
योगी सरकार में आज भी दलित-पिछड़ों को बराबरी नहीं, अपमान मिलता है।
सवाल यह है - क्या यही ‘रामराज्य’ है? क्या यही सामाजिक न्याय है?
राजीव गांधी ने सुरक्षा कारणों से दिल्ली जिमखाना को बंद कराने की कोशिश की थी. 27 एकड़ में फैले दारू क्लब की दीवार सीधे प्रधानमंत्री आवास से लगी है. आसपास डिफेंस सेटअप हैं. पर ढेर सारे पावरफुल और दोस्त लोग मेंबर थे. राजीव जी नहीं करा पाए.
इस कार्य को नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं.
भारत में छत्तीसगढ़ से लेकर अरावली पर्वत श्रृंखला से लेकर निकोबार से लेकर झारखण्ड बिहार ओडिशा से लेकर मध्य प्रदेश तक लुटेरे अदाणी को लाखों लाख पेड़ जंगल पर्वत काटने दिया जा रहा! और "एक पेड़ मेलोनी के नाम" लगाकर बड़े पर्यावरण रक्षक बन रहे!!
#BanEVM_SaveEnvironment@GiorgiaMeloni
भारत के मुख्य न्यायाधीश के हिसाब से अब पर्यावरण बचाने वाले भी कॉकरोच हैं।
उन्होंने पर्यावरण के ‘कॉकरोचों’ के बारे में कुछ कहा है...
"हमें इस देश में कोई भी ऐसा प्रोजेक्ट बता दीजिए, जहां इन तथाकथित पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा हो कि हम इस प्रोजेक्ट का स्वागत करते हैं।"
मेरे सपोटरा डांग क्षेत्र के 30 गाँव आज पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। महिलाएं और बच्चे कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार अब तक मौन बैठी है। यदि जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो हम मजबूर होकर एक बड़ा जनआंदोलन करेंगे। #डांग_मांगे_चंबल_पानी
झारखंड के साहेबगंज जिले के बरहेट प्रखंड के छोटा पंचकोली गांव में आदिवासी समुदाय आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहा है। ग्रामीण गंदे झरने और नाले जैसे पानी को पीने व खाना बनाने में इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। सरकार और प्रशासन को तत्काल स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।