I really appreciate Hon'ble Prime Minister's Promise about Free online Coaching for all needy students. I have always believed that online is the only way to make quality education accessible to remote towns and villages. I want to see this happening on ground coz execution is the main part.
Hon'ble @narendramodi ji @BJP4India
I offer my unconditional support to Govt for this. I dont want any profits in return. Quality Education should be free for Every kid of India.
Jai Hind
@SupriyaShrinate@RahulGandhi आप युवाओं के मन में बैठ रहे हैं लेकिन अपनी भाषा से अब खराब कर दे रहे है....
आप कॉमेडी करने के चक्कर में खुद की इमेज खराब कर रहे हैं........
सरकार की आलोचना, प्रधानमंत्री से सवाल, संसद में उपस्थित रहने की मांग- ये सब लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा हैं- ये विपक्ष का अधिकार भी है और जिम्मेदारी भी।
लेकिन देश के प्रधानमंत्री के लिए ‘बंदर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल उचित नहीं लगता, व्यक्तिगत अपमान लगता है!
राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत अपमान के बीच एक लकीर होनी चाहिए!
विरोध तगड़ा करो, सवाल उससे भी तगड़े पूछो… लेकिन शब्द ऐसे रखो कि कल खुद सुनने पड़ें तो बुरे न लगें।
@KirenRijiju “प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ के मंच से छात्रों की व्यक्तिगत समस्याओं पर चर्चा हुई, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की सबसे बड़ी समस्याओं—भर्ती में वर्षों की देरी, लंबित परिणाम, पेपर लीक और आयोगों की जवाबदेही—पर ठोस बात और स्पष्ट रोडमैप की कमी दिखी। बीजेपी से बहुत नाराज है जनता ...
@INCIndia@RahulGandhi “प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ के मंच से छात्रों की व्यक्तिगत समस्याओं पर चर्चा हुई, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की सबसे बड़ी समस्याओं—भर्ती में वर्षों की देरी, लंबित परिणाम, पेपर लीक और आयोगों की जवाबदेही—पर ठोस बात और स्पष्ट रोडमैप की कमी दिखी।
@srinivasiyc@RahulGandhi “प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ के मंच से छात्रों की व्यक्तिगत समस्याओं पर चर्चा हुई, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की सबसे बड़ी समस्याओं—भर्ती में वर्षों की देरी, लंबित परिणाम, पेपर लीक और आयोगों की जवाबदेही—पर ठोस बात और स्पष्ट रोडमैप की कमी दिखी।
“प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ के मंच से छात्रों की व्यक्तिगत समस्याओं पर चर्चा हुई, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की सबसे बड़ी समस्याओं—भर्ती में वर्षों की देरी, लंबित परिणाम, पेपर लीक और आयोगों की जवाबदेही—पर ठोस बात और स्पष्ट रोडमैप की कमी दिखी।
@RahulGandhi@INCIndia
“ये सिर्फ 5 मांगें नहीं, बल्कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य की आवाज़ हैं।
भर्ती प्रक्रिया में देरी से सबसे ज्यादा नुकसान उस युवा का होता है, जो वर्षों से मेहनत और इंतजार कर रहा है।
अब वादे नहीं, समय पर परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति चाहिए। ✊”
#UPSSSC_REFORM_MOVEMENT
विज्ञापन के बाद वर्षों का इंतजार नहीं, समयबद्ध परीक्षा और नियुक्ति चाहिए।
लंबित भर्तियों के परिणाम जल्द जारी हों, खाली पदों के लिए Waiting List लागू हो और नए अधियाचन पर समय से विज्ञापन जारी हों।
#UPSSSC_REFORM_MOVEMENT
“ये सिर्फ 5 मांगें नहीं, बल्कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य की आवाज़ हैं।
भर्ती प्रक्रिया में देरी से सबसे ज्यादा नुकसान उस युवा का होता है, जो वर्षों से मेहनत और इंतजार कर रहा है।
अब वादे नहीं, समय पर परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति चाहिए। ✊”
#UPSSSC_REFORM_MOVEMENT
विज्ञापन के बाद वर्षों का इंतजार नहीं, समयबद्ध परीक्षा और नियुक्ति चाहिए।
लंबित भर्तियों के परिणाम जल्द जारी हों, खाली पदों के लिए Waiting List लागू हो और नए अधियाचन पर समय से विज्ञापन जारी हों।
#UPSSSC_REFORM_MOVEMENT