FIR slapped against @ajeetbharti after he responded to derogatory remarks made against his sister. Draconian clauses of SC/ST Act 3(1) and BNS sections 196(1)(c) and 351(3), carrying jail time of up to 5 years, have deliberately been used.
Stay safe, Ajeet. We stand with you.
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न ���मझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानू�� जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
सासाराम, बिहार से @HardeepSPuri और @nitin_gadkari जी के समर्थन में। वैसे तो बोतल में पेट्रोल बेचने की अनुमति नहीं है, अतः पहले व्यक्ति को जेल में डाला जाए कि सरकार को बदनाम किया जा रहा है।
दूसरी बात, पेट्रोल पम्प बारिश में बाहर में खड़��� होने से भींग गया है, इसी कारण से पम्प से पानी निकल रहा है। इसमें सरकार का या @HPCL का कोई दोष नहीं है।
@narendramodi नितिन गडकरी और हरदीप पूरी से इस्तीफा कब होगा मोदी जी.. यूजीसी के Amendment को कब कचरे के डिब्बे मे कब फैकोगे मोदी जी, या 27 मे योगी को निपटाने का प्लान है आपका मोदी जी.
महाराज कब तक अपने समर्थकों के आवाज को अनसुना करते रहोगे. बांकीपूर तो आगाज है.
@SandipSharmaEng बिलकुल, अभी पिछले महीने ही मे अपनी family के साथ Anardana restaurant गया था. 5 लोगो का डिनर का बिल Rs 5K आया था... बहुत ज्यादा expensive हो गया है अब...
𝐓𝐡𝐞 𝐛𝐢𝐠𝐠𝐞𝐬𝐭 𝐢𝐫𝐨𝐧𝐲 𝐨𝐟 𝐭𝐡𝐞 𝐂𝐉𝐏 𝐩𝐫𝐨𝐭𝐞𝐬𝐭𝐬 𝐰𝐚𝐬 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐭𝐡𝐞 𝐦𝐨𝐬𝐭 𝐦𝐢𝐬𝐨𝐠𝐲𝐧𝐢𝐬𝐭𝐢𝐜 𝐚𝐛𝐮𝐬𝐞𝐬 𝐰𝐞𝐫𝐞 𝐡𝐮𝐫𝐥𝐞𝐝 𝐛𝐲 𝐰𝐨𝐦𝐞𝐧 𝐭𝐡𝐞𝐦𝐬𝐞𝐥𝐯𝐞𝐬.
𝐓𝐡𝐫𝐞𝐚𝐝 🧵 👇🏻
This woman said “Meloni ki €hut me se nikal ja, bsdk”
What was the point of bringing @GiorgiaMeloni and abusing her, when the protest was by the students for the students?
@abhinaymaths सबसे पहले ऐसे शिक्षकों का बहिष्कार कीजिए। अपने बच्चों को उन शिक्षकों के पास पढ़ने भेजिए जो #ReservationHatao की मुहिम के साथ खुलकर खड़े हों और प्रत्यक्ष रूप से इसका समर्थन करें।
बदलाव सिर्फ़ सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं, अपने फैसलों से भी दिखना चाहिए।
@TheKhelIndia Para Athletics में भारत का ऐतिहासिक DOUBLE PODIUM! 🥇🥉🔥
शर्मिला धनकर ने GOLD जीतकर इतिहास रचा, तो शिल्पा के. शायला ने BRONZE अपने नाम किया। 💪
एक ही इवेंट में दो पदक गर्व का पल! 🇮🇳❤️
#CWG2026#TeamIndia#ParaAthletics
आरक्षण का उद्देश्य स���माजिक न्याय था, राजनीतिक हथियार बनना नहीं।
संविधान लागू होने के समय केंद्र में आज जैसा 27% OBC आरक्षण नहीं था यह बाद में आया।
इसलिए आरक्षण पर तथ्य, तर्क और वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर खुली चर्चा होनी चाहिए।
सामाजिक न्याय जरूरी है, राजनीति नहीं।
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा था, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम ��पको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन और गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में ��ै और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्ता में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी वंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों में कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो ��भी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के लोगों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका मेरिट क�� ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिंता कर रहे हैं।
@ajeetbharti आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय था, इसे राजनीतिक हथियार नहीं बनना चाहिए।
सवाल आरक्षण के खिलाफ होने का नहीं है, सवाल है क्या आज की व्यवस्था वास्तव में उन लोगों तक लाभ पहुँचा रही है जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है?
जब किसी विषय पर सवाल पूछना भी गलत मान लिया जाए, तब सुधार कैसे होगा
@PracticalSpy Accountability to sabki hi honi chahiye.. और इसमें रोने की कोन सी बात है, जब तूने इतना खर्च किया है तो बता दे भाई की कुबेर का खजाना तुझे कहा से मिला.. ये तो बताना ही पड़ेगा भाई..
@mirabai_chanu India's Pride.
🇮🇳 फिर चमका तिरंगा, फिर मीराबाई ने रचा इतिहास! 🥇🔥
Glasgow 2026 में भारत का पहला GOLD और मीराबाई चानू की Commonwealth Games में GOLD की हैट्रिक! 🏋️♀️🥇
85kg Snatch + 105kg Clean & Jerk = 190kg और GOLD! 💪
ये सिर्फ़ ताकत नहीं, वर्षों की तपस्या है
Commonwealth Game 2026 : Medal no 3 🥇
Name - Mirabai Chanu
Sports - weightlifting
Event - Women 48 Kg
Best lift - 190Kg (85 Snatch + 105 C&J)
Medal - Gold 🥇
🏋️Weightlifting medal no 2 🥈🥇