यह स्वतंत्र भारद्वाज है
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्���नकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया - रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत ��िल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है
मर्दों की जिंदगी भी कितनी कठिन होती है💔
ये लड़का घर से दूर मजदूरी करने आया था। काम करते-करते जब उसे भूख लगी तो वह बैठकर खाना खाने लगा। तभी जब मालिक को अपनी तरफ आते देखा तो डरकर अपना खाना छुपा लिया।
मालिक ने जब खाना दिखाने को कहा, तो सामने सिर्फ प्याज और सुखी रोटी थी।
मर्द की जिंदगी भी अजीब होती है… पेट की भूख भी छुप��नी पड़ती है और मजबूरी भी।
टीचर - बेटा पेंट क्���ों फटी हे
स्टूडेंट- पेंशन के पैसे आने तब लाने
टीचर - पापा क्या करते हे
स्टूडेंट - पापा मर गए 😞
टीचर - उदास होते हुवे, बेटा मम्मी क्या लेती
स्टूडेंट - मम्मी भी म�� गई 😢
जिंदगी सबके लिए समान नहीं होती, सबको अपनी पीड़ा दुखदाई लगती लेकिन आपसे भी कठिन जीवन कोई जी रहा
याद रखें हतास होने से कुछ नहीं होना जिंदगी का नाम चलना हे और ये प्यारा नन्हा बच्चा एक उधारण ✍️
यह स्टेज पर इतना फेंक रहे थे कि ख़ुद मुख्यमंत्री सहित सब लोग हँसने लगे
रवि किशन जी आप सांसद हैं, कोई मसखरे थोड़े ही हैं!
और यह जो जनता को अंधा बुलाने की हिमाक़त की है आपन�� - उसका हिसाब होगा
शुरू में लगा कि असल साधू संत हैं..चन्दन टीका और और गेरुआ जो धारण किए हुए थे..!
भिक्षा लेने आएं है..10..20..50 लेकर आगे बढ़ जाएंगे..!
लेकिन हुआ क्या आप खुद देख लीजिए -
ऐसे ही कुछ लुटेरे भगवा भेष धारण कर हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं देश को खोखला कर रहे हैं..दिन दहाड़े चोरी कर रहे हैं लूट कर रहे !
31 सेकंड। एक सवाल। और BJP का पूरा नैरेटिव ध्वस्त। 💀
पत्रकार के सवाल का राहुल गांधी जी ने ऐसा जवाब दिया कि BJP के “ऑर्गनाइज़ेशनल मेकओवर” की पूरी कहानी ही पलट गई।
Aura 99999++ 🔥
ओहो भाई....भाई....भाई...
मीडिया के मंच पर मीडिया का ये हाल 🤣😂
पता नही कौन है ये कवि, लेकिन जो है तगड़ा है !
"झूठ मैंने कभी बोला नही है, और जब पत्रकारों का कार्यक्रम हो तो हमे झूठ बोलने की क्या जरूरत है' 😂😂😂
इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता ��र मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-सी भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर ���मारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
मसाज पार्लर में जाने वालों देख लो
बिल्कुल ऐसे ही चु...या बनाया जाता है
ये पार्लर वाले किसी के सगे नहीं है
अगर जाने का प्लान ��ै तो ये वीडियो देख लो 👇👇👇
दुनिया की किसी भी पुल��स या सरकार के लिए इससे क्या शर्मनाक बात होगी कि 6 साल के बच्चे को पकड़ कर ले जाया जा रहा है
क्योंकि उसने प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगने का पोस्टर पकड़ा था
मोदी जी Gen Z के बाद Gen Alpha से भी इतना ख़ौफ़?
यह डर बताता है झोला उठाने का वक़्त आ ही गया है!
🔥अभिजीत और सौरव ने BJP के राष्ट्रवाद वाले नैरेटिव पर करारा प्रहार किया 🚨
•विश्लेषक: वंदे मातरम् पर बहस—क्या यह वास्तविक मुद्दा है या छात्रों और Gen Z के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश?
•अभिजीत 🔥: अगर BJP को वंदे मातरम��� से इतना ही प्यार है, तो वे जंतर-मंतर क्यों नहीं आए? वहाँ छात्र भी ए. आर. रहमान का वंदे मातरम् गा रहे थे। और BJP ने उन्हीं छात्रों को ‘दिमागी नक्सल’, ‘परजीवी’, ‘वायरस’ और ‘आतंकवादियों की B टीम’ तक कह दिया।
•सौरव दास 🎯: स्मृति ईरानी BJP मुख्यालय से वंदे मातरम् पोस्ट कर रही हैं, जबकि छात्र स्कूलों को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। सांसदों और विधायकों को नैरेटिव बनाने के बजाय स्कूलों के ऑडिट में शामिल होना चाहिए।
•अभिजीत ⚡: आप यह तय नहीं कर सकते कि सिर्फ आपकी बातों से ही देश के प्रति प्रेम साबित होता है। तुम्हारी सरकार है, देश तुम्हारा नहीं। देश हम सबका है।
मुंब��� लोकल ट्रेन में एक किन्नर को एक संघी छेड़ने लगा।
किन्नर ने विरोध किया तो संघी ने कहा तू पप्पू की रखैल है।
किन्नर ने राहुल गांधी जिन्दाबाद के नारे लगाने शुरू किए, पूरे कम्पार्टमेंट में "राहुल गांधी जिंदाबाद" के नारे लगने लगे।
संघी चुपचाप अगले स्टेशन पर ��तर गया...
कुछ दिन पहले ऐसे ही लोकल ट्रेन में एक व्हाट्सएप अंकल को पब्लिक ने रुला दिया था...
“सिर्फ 2 एयरलाइंस ही क्यों हैं? सिर्फ 2 मोबाइल कंपनियां ही क्यों हैं?
10 साल पहले 12-15 मोबाइल कंपनियां और करीब 10 एयरलाइंस थीं।
आज कुछ ही कंपनियों का दबदबा क्यों है? कोई न कोई ताकत इन कंपनियों का एकाधिकार बना रही है।
भारत जैसे बड़े देश के लिए इससे बुरी बात और कुछ नहीं हो सकती।”
— सचिन पायलट 🔥