कुछ महीनों पहले मुझे बुखार आया तो मैं डॉक्टर के पास गया। डॉक्टर ने कुछ चेकअप लिखे और बताया कि
फलानी जगह जाकर ये सारे चेकअप करवा लेना, मगर
मैंने वो चेकअप डॉक्टर की बताई जगह से न करवाकर अपने परिचित की लैब से करवा लिए,
जब मैंने वो चेकअप डॉक्टर को दिखाए तो डॉक्टर साहब भड़क गए, और कहने लगे कि आपने ये चेकअप बाहर से क्यों करवाए?
डॉक्टर्स का यही सब खेल चलता है, लोग कहाँ तक बचे, @raghav_chadha जी ने शानदार मुद्दा उठाया है, इस चीज़ को सुना जाना चाहिए और अमल में लाना चाहिए।
समाज की दशा बताने वाली खबर
मुंबई में बड़े कपड़ा व्यापारी रहे शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में मौत हो गई। वे पिछले तीन साल से आश्रम में रह रहे थे। दो साल पहले उनकी पत्नी का भी इसी आश्रम में निधन हुआ था। मंगलवार को आश्रम प्रबंधन ने उनकी मौत की सूचना उनकी तीनों टीचर बेटियों को दी।
आश्रम संचालक आनंद कुमार के अनुसार, बेटियों ने ऑनलाइन 5100 रुपए भेजकर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही कराने के लिए कहा। जब मुखाग्नि देने की बात उठी तो उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए पूरी प्रक्रिया दिखाने को कहा।
अजीत अंजुम ने
कॉकरोच दीपके को उसी के मंच पर जाकर पेल दिया....🔥
दीपके अजीत के सवालों का जवाब घुमा के देना
चाह रहा था जो अंजुम को नागवार गुज़रा..
बस अंजुम ने वहीँ दीपके को उसी के मंच पर 15 मिनट पेला और फिर चला गया ✍️
LEGEND उवाच,
कुछ बेवकूफों का मानना है कि
फुन्सुक वांगडू उर्फ़ सोनम वांगचुक भूखे
जनतर मनतर पर लेटे हुए हैँ,
तो उन्हें प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बना दो,
14-15 साल पहले ऐसे ही भूखे लेटकर राले गाँव वाला अन्ना देश का चूतिया काट चुका है,
अभी देश के लोगों को ये आंडू - पांडू लोगों के झांसे में नहीं आना है,
35000 महीना लो..
हिंदू लड़की प्रेग्नेंट करो 🚨
जी हाँ.. वीडियो में दिख रहा शख्स एक हिंदू लड़की के साथ जंगल में पकड़ा गया तो पहले
खुद को चौहान बताया... फिर बोला ब्राह्मण हूँ..
लेकिन अंत में अब्दुल निकला....
जिसने बताया कि मौलाना ने 35000 महीना दिया हिंदू लड़की फंसाने को 🖐️
जिस तरह तीन खानों के चंगुल में हिंदी सिनेमा वर्षों कराहता रहा। जिसे चाहा बनाया जिसे चाहा उसका कैरियर बर्बाद कर दिया। ठीक उसी तरह बिहार का प्राइवेट कोचिंग तंत्र फैजल खान उर्फ खान सर के हाथ में रहा। जब भी कोई नया लड़का इसके बराबर में आने का प्रयास किया उसने अपने नेटवर्क से कुचल दिया।
देख लीजिए आज पटना की सड़क पर 'रोशन आनंद' नामक शिक्षक के समर्थन में कितने लड़के निकले हैं। जिसे इस खान ने झूठे मामले में फंसा कर जेल भेज दिया था।
इन जैसे अधिकारी देश का क्या भला करेंगे।
मैडम: आकाश अगर आपका चैन हो जाता है और आपको SDM की पोस्ट पर बैठाया जाता है तो सबसे पहले तीन काम कौन से करेंगे?
आकाश: मेम सबसे पहले लोगों की बुनियादी जरूरतों पर काम करूंगा, जैसे रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और सुरक्षा,
लेकिन आकाश ने जो किया, वह वाकई हैरान कर देने वाला हैं... पूरा वीडियो देखिए।
पापा को लाश छूने भी मत देना... तुम जीत गए.. जीत मुबारक? 2 पेज का सुसाइड नोट लिख बेटे ने जान दे दी
UP के कानपुर में कचहरी की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने जान दे दी। उसने 2 दो पेज का सुसाइड लोट लिखा है कि उनकी आखिरी इच्छा है कि सुसाइड नोट जो भी देखे उसे आखिरी तक पढ़े।
"पापा राजेंद्र कुमार की डांट, उलाहने और निर्वस्त्र कर घर से निकालने की धमकी उन्हें जिंदगी भर सालती रही। पिता से रिश्ते में इस कदर दूरी आ गई कि उन्हें लिखना पड़ गया... ऐसे पिता भगवान किसी को भी न दे। पिता उसका शव भी न छू पाएं... पापा तुम जीत गए, उन्हें जीत मुबारक हो।
बचपन में छह साल की उम्र में चुपके से फ्रिज में रखा मैंगोशेक पी लेने पर पिता ने निर्वस्त्र कर घर से निकाल दिया था। वह शर्मिंदगी जहन में बैठ गई। आगे लिखा कि पढ़ाई के लिए दबाव, अधूरी तैयारी पर पीटना तो फिर भी ठीक था लेकिन हर पल शक की नजर से देखना हर मिनट का हिसाब लेना, कहीं न कहीं मानसिक टार्चर ही रहा।"
मेरठ में बेटी का तलाक करानें के बाद ढोल बजवानें वाला पिता इस केस का असली मास्टर माइंड है,
लड़के की जिंदगी इसी ने बर्बाद किया,
शुरू से ये बाप बेटी चाहते थे लड़के वाले इनके गुलाम बनके इनके इसारे पे चले,
पूरी जांच होगी तो ये दोनों एक्सपोज़ हो जायेगें ….
अभी दो दिन पहले आपने एक खबर पढ़ी होगी। मेरठ में एक लड़की का तालाक हुआ तो उसके परिवार के लोगों ने ढोल-ताशे बजवाकर उसे अपने घर ले आए थे। लड़की का नाम प्रणिता है, उनके पिता ज्ञानेंद्र शर्मा जज रहे हैं। उन्होंने कहा था कि हमारी बेटी को परेशान किया गया। हमने कोई पैसा नहीं मांगा, हमें हमारी बेटी चाहिए थी, इसलिए हम इसे अपने साथ लेकर जा रहे। महिला सशक्तिकरण का यह उदाहरण दुनिया भी देखे।
चूंकि इस तरह का मामला सामने आया तो लोगों ने लड़के पक्ष को आरोपी बना दिया। कई जगहों पर भला-बुरा कहा गया। वह भी तब जब उनका कोई पक्ष नहीं आया। अब उस पक्ष ने अपनी बात रखी है।
प्रणिता की जिससे 2018 में शादी हुई थी वह गौरव अग्निहोत्री हैं, सेना में मेजर हैं। गौरव के पिता श्याम किशोर अग्निहोत्री रिटायर्ड सूबेदार हैं। वह कहते हैं, जब से सोशल मीडिया पर ढोल-ताशे वाले वीडियो आए तब से हम लोगों का बहुत मजाक बनाया गया। इसे देखकर हमारी आंखों में आंसू आ गए। हमारे बेटे पर तो क्या ही बीत रही होगी।
श्याम कहते हैं, इस शादी में हमने कोई दहेज नहीं लिया था। लेकिन पहले दिन से हम विवाद शुरू हो गया। वो लोग सबकुछ अपनी मर्जी का करवाना चाहते थे। एक साल के अंदर ही बेटे के खिलाफ मुकदमा लिखवा दिया। हमने उत्तराखंड के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखी, उन्होंने मामले की जांच करवाई, पता चला कि ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि या ज्ञानेंद्र इस्तीफा दें या फिर आपस में मामला सुलझा लें। मामला बाहर ही सुलझ गया।
श्याम बताते हैं, प्रणीता ने पिछले साल एक बेटे को जन्म दिया। हम सब खुश हुए। लेकिन कुछ दिन बाद प्रणिता उसे लेकर अपनी मां के घर चली गई। वहां उन्होंने बच्चे का मुंडन करवा दिया। जबकि मुंडन की जिम्मेदारी तो हमारी थी, हम अच्छे से करते। जब हमने एतराज जताया तो उन्होंने फिर से तलाक की बात कही। बेटा तलाक नहीं चाहता था लेकिन वह इतना परेशान हो गया कि उसने हां कर दिया।
श्याम कहते हैं, वो लोग कह रहे कि हमने तलाक के बाद कुछ नहीं लिया। जबकि हकीकत यह है कि हमने 3 बीघा जमीन अपनी बहू के नाम कर दी। मेरे बेटे की जो कार थी वह उन्होंने अपने पास रख ली। 55-60 लाख रुपए की ज्वेलरी थी, उसे भी उन्होंने अपने पास रख लिया। हमने तो कभी भी गुजारा भत्ता देने से मना नहीं किया।
और अब हमारा बेटा कभी भी अपने बेटे से मिल नहीं पाएगा और न ही हम कभी अपने पोते को देख पाएंगे।
जो दिख रहा हो... जरूरी नहीं कि वही सत्य हो