अयोध्या मथुरा,काशी का भारत में महत्व++
तीनों नगरियों का हमारे ग्रंथों में वर्णन आता है।इन नगरों को शास्त्रों ने अध्यात्म के ज्वलंत साक्ष्यों के रूप में प्रस्तुत किया हैकाशी को शिव की धनुष पर स्थापित किया।शिव की नगरी से इसको परिभाषित किया है। अयोध्या को,मथुरा को राम,कृष्ण से जोड़ा
भारत एक सांस्कृतिक,अलौकिक,अद्भुत सभ्यता वाला धर्म परायण शाश्वत राष्ट्र है। यहां के कण कण में ईश्वर विराजमान हैं। सारे देवता इस भूमि पर अवतरण के लिए लालायित रहते हैं। ये भूमि राम और कृष्ण की जन्म भूमि है। इस भूमि को शत शत नमन। देवताओं द्वारा अभिमंत्रित धरा है ये पवित्र देश।
विपक्ष --इंडिया गठबंधन
नेता ------------+------------
श्रीमति सोनियागांधी ---- पूर्व अध्यक्ष INC
श्री राहुल गांधी ------ पूर्व अध्यक्षINC
सुश्री ममता बनर्जी ---- पूर्व मुख्यमंत्री WB श्री फारुख अब्दुल्ला --- पूर्व मुख्यमंत्री जेके
श्री उद्धवठाकरे- पूर्व मुख्यमंत्री महाराष्ट्र
श्री अखिलेश यादव -- पूर्व मुख्यमंत्री UP
श्री तेजस्वी यादव --पूर्व उपमुख्यमंत्री बिहार
सुश्री महबूबा मुफ्ती - पूर्व मुख्यमंत्री JK
श्री शरत पवार -----पूर्व मुख्यमंत्री महाराष्ट्र श्री अशोक गहलोत -- पूर्व मुख्यमंत्री राज श्री सिद्धारमैया -----पूर्व मुख्यमंत्री कर्नाटक
लोकतंत्र पर भीड़तंत्र का प्रहार। प्रजा के हित में विपक्ष की ये एकजुटता कितनी कारगर होती है। देखना काफी दिलचस्प होगा। भारतीय राजनीति में एक नया प्रयोग स्थापित किया जा रहा है। भविष्य में भी सरकारों को इन परिस्थितियों से दो चार होना पड़ेगा।
आज की रात बहुत भारी है।कल की सुबह क्या मंजर दिखाने वाली है राम ही जाने।नियति ने भारत के लिए क्या तय कर रखा है ये तो कल ही पता चलेगा।तलवारें खींची पड़ी है।नादानियों का अंजाम देश को और जनता को भुगतना पड़ेगा,सियासत किस करवट बैठती है देखना होगा।भारत के लोग ही भारत भाग्य विधाता हैं।
हिंदू होना कोई गर्व की बात नहीं, हमारी उत्पत्ति ही हिंदू है। हमारी रग रग में हिंदू, हिंदुत्व और हिंदी प्रवाह कर रही है। हमारा अस्तित्व ही हिंदू समाज, धर्म से है। पूरे विश्व में भारत इकलौता हिंदू बहुल्य राष्ट्र है। हमारी अस्मिता को चुनौती देने वाली हर शक्तियों को हम कुचल देंगे।
परस्पर दिलों में सामंजस्य का बनना सिर्फ एक आकर्षण नहीं बल्कि कई जन्मों अधूरे अरमानों को आत्मीय मिलन से, साक्षात्कार कराना दैवीय कृपा शक्ति है। प्रकृति इस अद्भुत, अलौकिक, अविस्मरणीय घटना की साक्ष्य बन कर ऐसी स्थितियों का निर्माण करती है तब दो दिल परस्पर एक दूजे पर आहुत होते हैं।
क्षितिज में हमारे कहे शब्द सृष्टि के अंत तक विचरण करते हुए ब्रह्मांड के सूक्ष्मतम अंश में चलायमान रहते हैं। इसलिए शब्दों के उद्बोधन को काफी सोच समझ कर विस्तारण करना चाहिए। क्यों कि धनुष से निकली वाणऔर मुँह से निकले शब्दों को वापस नहीं किया जा सकता। कटु सत्य है।
राहुल का मौक संसद लगा कर ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग की योजना धराशाई हो गई। दूसरे प्रकृति ने अपनी स्वीकृति नहीं दी।पूरे देश में मौसम ने 1NOV2026 की योजना को अनिश्चितता के आवरण से ढक दिया। बेचारे विपक्षी और राहुल अब कैसे अपने मकसद को अमलीजामा पहनाने में कामयाब होंगे,मुझे तो शंका है
दिल्ली में केरोसिन छिड़क दिया गया है, आग लगा कर देश को अव्यवस्थित करने की भरपूर कोशिश हो रही है। कितनी सफलता मिलेगी ये तो राम जाने, विपक्ष ने सिविल वार की योजना बनाई है। जनता इस प्रोटेस्ट को कैसे लेती है देखना होगा। इतना तो तय है कि विपक्ष ने डूबने का इंतजाम कर लिया है।