माननीय मुख्यमंत्री महोदय, शिक्षा मंत्री महोदय जी से निवेदन है कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण अविलंब खोले जाएं। उक्त शिक्षकों के मानवीय, सामाजिक, समानता के अधिकारों की रक्षा करते हुए राहत प्रदान करे।
@BhajanlalBjp@madandilawar@rajeduofficial@madanrrathore
ARTO के यहां मिला 13 किलो सोना, 9 किलो चाँदी, नक़दी भी बेशुमार। 1.5 लाख की तनख़्वाह वाला ये अफ़सर जब पन्नों पर साइन कर रहा था तो इसके हाथ काँप रहे थे!
ये हाथ ऊपर की कमाई लेते वक़्त काँप गए होते तो आज ये दिन देखने पड़ते?
40 साल बाद कोई भारतीय पीएम न्यूजीलैंड की धरती पर आया है।
25-30 साल पहले जब मैं किसी सरकार में हिस्सा नहीं था, सार्वजनिक जीवन में मुझे कोई जानता नहीं था, तब भी मुझे न्यूजीलैंड आने का मौका मिला था।
उस समय किसी ने मुझे गिफ्ट में तीन चीजें दी थीं जो मैं वापस भारत लेकर गया था। एक ये मफलर, एक कैप और एक दस्ताना, क्योंकि ठंड का मौसम था।
उसमें से एक चीज मैं यहां इस कार्यक्रम में भी लाया हूं। ये मफलर 25-30 साल पहले न्यूजीलैंड के एक साथी ने दिया था।
मैंने इतने वर्षों में कई बार इसका उपयोग किया और आज भी इसे बहुत संभालकर रखा है। जैसे आपके प्यार को संभालकर रखता हूं।
: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
हजारों साल से चली आ रही अमरनाथ यात्रा, फिर भी बूटा मलिक को बताया जाता है अमरनाथ गुफा का वास्कोडिगामा
11वीं सदी से पहले के ऐतिहासिक साक्ष्य मौजूद, फिर क्यों परोसा जाता है 1850 में मुस्लिम द्वारा खोजे जाने का झूठ?
अमरनाथ गुफा का पूरा इतिहास बता रहे हैं @jayeshmatiyal
आज सबको राम मंदिर और सनातन याद आ रहा है लेकिन वो दौर भी था कि संसद में खड़े होकर कहा जाता था कि प्रभु श्रीराम की मूर्ति उठाइये और हटा दीजिए वहाँ से क्यूंकि वो बाबरी के अवैध ऑक्यूपेंट हैं।
सुनिए ये बयान
🚨🔥 शॉकिंग लेकिन सच्चाई!
अमेरिका में ब्लड कैंसर की दवा Revlimid की 1 गोली की कीमत - $900 यानी ₹85,000 😱
भारत में? सिर्फ ₹35 से ₹300 में मिल जाती है! 🇮🇳
एक गोली जो अमेरिका में लाखों में, वही भारत में सौ रुपये से भी कम।
ये है भारत की जेनेरिक दवाओं की ताकत। हम दुनिया को सस्ती और असरदार दवाएं देते हैं, लेकिन खुद भी इसका फायदा उठाते हैं।
फिर भी कुछ लोग भारत की मेडिकल सिस्टम को कोसते रहते हैं।
#IndianMedicines #Revlimid #Healthcare #ProudIndian
केंद्रीय मंत्री रोहित बंसल जी अपना संबोधन पूरा भी नहीं कर पाए कि पूरा जनसमूह एक ही नाम के नारों से गूंज उठा—
“पवन कल्याण! पवन कल्याण!”
एंकर: “लोग पवन कल्याण के नारे लगा रहे हैं।”
रोहित बंसल: “मुझे पता है।”
जैसा प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा था—
“ये पवन नहीं, आँधी है!” 🔥
कुछ नेता भीड़ जुटाते हैं, लेकिन कुछ नेता जनता की आवाज़ बन जाते हैं।
हाईकोर्ट के जज ने पुलिस का घमंड तोड़ा
वर्दी पहन ली है, इसका मतलब ये नहीं कि जो मन
आए वो करो बिना अपराध बताए व्यक्ति को 3 घंटे
हिरासत में रखा वाहन भी जब्त कर लिया
ऐसे पुलिस में एटीट्यूड ज्यादा है अपने वर्दी और
कायदे से मनमानी करते हे इसको बाहर करो
जज साहब को सैल्यूट है 🫡
ये बिहार के कॉमेडियन हर्ष राजपूत है इन्होंने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर एक वीडियो बनाया है।
इनका कहना है कि इस वीडियो से जितनी भी कमाई होगी। श्रद्धांजलि के रूप में गरीब बच्चों के स्कूल में डोनेट कर दूंगा। इस वीडियो को आप यूट्यूब पर देख सकते हैं
भरत तिवारी की 13वीं तक 70 परिवारों ने छोड़ा तेल-मसाला: पूरे गांव में सूतक; ग्रामीण बोले- भाई ने 50 पुलिसकर्मियों को अकेले संभाला, 17 जून को भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद पूरा गांव शोक में डूबा
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
https://t.co/tInDmTE0WY
#BiharNews #HindiNews #BharatTiwari #BharatBhushanTiwari #BiharPolice
प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में शिवलिंग के दर्शन।
कई सालों बाद श्री त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थित अमृतकुंड के तल में एक शिवलिंग के दर्शन।
सफाई के लिए अमृतकुंड का पानी बहार निकला जा रहा था उसी दौरान तल में मौजूद प्राचीन शिवलिंग के दर्शन हुए।
इसी अमृतकुंड के पवित्र जल का उपयोग श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग की नियमित पूजा और अभिषेक के लिए किया जाता।
कितने भी बड़े नेता या अभिनेता की मौत पर इतना बड़ा जनसैलाब कभी देखा है ??
भरत भूषण तिवारी क्या चीज था वो इस वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है
@samrat4bjp अभी भी समय है अहंकार को त्याग दो और अपने कुछ छुटभैया नेताओं पर लगाम लगा लो जो भरत भूषण जी को गालियां देते रहते हैं ....नहीं तो बेकार हो जाओगे और घर में बैठकर खैनी ही मलते रह जाओगे
हम यूरोप से हर मायने में बेहतर हैं।
यूरोप भारत के दुश्मन देशों को हथियार बेचता है, वो हथियार भारत के खिलाफ इस्तेमाल होते हैं।
लेकिन हमने कभी भी यूरोपीय देशों के खिलाफ कोई साजिश नहीं की।
इसलिए यूरोपीय देश भारत से सवाल न ही पूछे तो बेहतर है।
: एस जयशंकर, विदेश मंत्री
‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना हमारे लिए सर्वोपरि रही है, इसलिए हम बेहद सधे तरीके से असंभव समझे जाने वाले कई निर्णय भी ले पाए हैं। देशहित के बड़े फैसलों का ये सिलसिला और भी तेज गति से आगे बढ़ेगा।