-40 नंबर पर मेडिकल में एडमिशन हुआ एक्सपोज़्ड। SC/ST/ओबीसी ने नहीं जनरल लड़के ने लिया था सबसे कम मार्क्स पर एडमिशन।
लड़के ने पूरी पोल सबूतों के साथ खोल दी। Must Watch
में कहता हूं कि तर्क करो 😁
शिवजी बेटे को नही पहचान पाये थे और राम भी अपने बेटे को पहचान नहीं पाये थे 😁
तो आपके एक लोटे जल से क्या ही होगा फिर सोचों और फिर धर्म कर्म करो 😂
अगर सवर्णों का जानवर भी नहा रहा होता है तो दलितों को इंतजार करना होता है।
खीर खाने और मैल से बच्चा पैदा करने वाली कहानियों से दिल बहल गया हो तो ये वाली कहानी भी देख लेना @ajeetbharti
The Problem of the Rupees किताब में बाबा साहेब ने भारतीय रुपए को कैसे स्थिर रखा जाए उस की विस्तृत जानकारी दी है लेकिन शासकीय वर्ग युरेशियन उन्हें संकीर्ण राजनीति के कारण अनदेखा कर देश को बदहाल कर रहा है
बहुजनों के अपमान के लिए जिन्होंने हज़ारों कहावतें बनाई हैँ,
आज वो राजकुमार भाटी द्वारा एक मुहावरा दोहरा देने भर से आहत हैँ,भाटी जी ने सिर्फ एक पुराना मुहावरा दोहराते हुए उसकी आलोचना की है,
इसलिए भाटी जी को माफ़ी मांगने की कोई आवश्यकता नहीं है,
पूरा बहुजन समाज मजबूती से भाटी साहब के साथ खड़ा है,
डटे रहिए भाटी साहब,
अब फिर कोई SC ST एक्ट लगाएगा तो कहेंगे कि एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है!
आप कलेक्टर,SDM, जज भी बन जाओगे फिर भी कुछ मनुवादी संघी नफरती लोग आपको आपकी जात याद दिलाते रहेंगे !
दलित बच्चे से टॉयलेट साफ़ करवाया जा रहा है, यह घटना बताती है कि भारत जाति प्रधान देश है, मनुवादियों ने स्वयं के लिए बिना परिश्रम के सम्मान पैसा प्रतिष्ठा सुरक्षित रखा है और दलित पिछड़ा के हिस्से में सिर्फ़ शोषण, नफ़रत, अपमान, भेदभाव ही दिया है ।
ये जीतू मुंडा हैं. इनके कंधे पर इनकी बहन कालरा मुंडा का कंकाल है.
दरअसल, जीतू की बहन कालरा की 2 महीने पहले मौत हो गई.
कालरा जीतू को बता गईं कि उनके बैंक खाते में 19,300 रुपए हैं, जिसे जीतू निकाल लें.
जीतू ओडिशा ग्रामीण बैंक पहुंचे. बैंक के कर्मचारियों न कहा- जिसका खाता है उसे लाओ या डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस होने का प्रमाण दो.
सर्टिफिकेट बनवाना गरीब जीतू के लिए पहाड़ चढ़ने सा था, उन्होंने आसान रास्ता चुना.
जीतू ने बहन की कब्र खोदी, कंकाल को बोरी में भरा और कंधे पर कंकाल को लादकर बैंक पहुंच गए. इस दौरान जीतू 5 किलोमीटर ऐसे ही चलते रहे. रास्ते में जिसने भी ये देखा, वो स्तब्ध रह गया.
सोचिए.. अपने देश में ये है गरीबी का हाल, 19,300 रुपए के लिए लोग ऐसा खौफनाक कदम उठा रहे हैं.
फिर आएंगे न्यूज एंकर जो चिल्लाएंगे कि हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं... सॉरी, अब तो छठवीं अर्थव्यवस्था हो गए हैं.
ये है असल भारत
भारत में जो महिलाएं आज पढ़ाई कर रही हैं साबित्री बाई फूले,ज्योतिबा फुले और बाबा साहब की देन है।
वरना इससे पहले महिलाओं को लक्ष्मी बताकर सिर्फ उनसे रोटियां बिलवाई जाती थीं।
~ खान सर 🔥🔥
लड़कियों की ऐसी बुलंद आवाज ही आनेवाले समय में ब्राह्मणवाद की नींव हिलाकर रखनेवाली है 😎😎😎
देश की हर ओबीसी SC ST समाज की महिलाओं की आवाज इसी तरह बुलंद और मजबूत होनी चाहिए ।।
सलाम करता हूँ कि इस तरह की सभी लड़कियों को जो इस तरह शिक्षित होकर दहाड़ रहीं हैं ।
जय भीम जय संविधान
एक टीचर को ऐसा ही होना चाहिए जैसी बबिता मेम हैं।
कितनी निष्पक्षता के साथ बच्चों को डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर के बारे में एकदम सही जानकारी दे रही हैं।
लड़कियों पर और ज्यादा जोर देकर समझा रही है कि आपके लिए डॉ. आंबेडकर साहब का क्या योगदान है।
"Rajasthan girls singing for Babasaheb."
Two schoolgirls beautifully expressed their deep love for Babasaheb Ambedkar on his anniversary through a Bhojpuri song. Children honour Babasaheb even above God.